{"_id":"5dc342158ebc3e5b305ee65d","slug":"haryana-gets-best-animal-husbandry-state-award","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपलब्धिः हरियाणा को मिला सर्वश्रेष्ठ पशुपालन के लिए राज्य पुरस्कार, पहल को मिली पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपलब्धिः हरियाणा को मिला सर्वश्रेष्ठ पशुपालन के लिए राज्य पुरस्कार, पहल को मिली पहचान
Thu, 07 Nov 2019 12:17 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 07 Nov 2019 12:17 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा को वैश्विक कृषि पुरस्कार 2019 के तहत ‘सर्वश्रेष्ठ पशुपालन राज्य पुरस्कार’ अवार्ड प्राप्त हुआ है। प्रदेश को यह पुरस्कार पशुपालन क्षेत्र और किसान की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव डालने वाली महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों के लिए दिया गया है, जिसने कृषि क्षेत्र के विकास में मदद की है और लाखों किसानों के जीवन को प्रभावित किया है।
विज्ञापन
पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुनील कुमार गुलाटी ने 5 नवंबर को दिल्ली में भारतीय चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर द्वारा आयोजित चतुर्थ ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट, 2019 में यह पुरस्कार प्राप्त किया। राज्य ने वर्ष 2019 के दौरान पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
विज्ञापन
गाय व भैंसों के लिए संयुक्त एचएस, एफएमडी टीके का प्रयोग करने वाला हरियाणा देश का प्रथम राज्य है। किसानों के घर द्वार पर 60 लाख पशुओं को पहले दौर में संयुक्त टीकाकरण किया जा चुका है। फोटो के साथ 52 लाख बड़े पशुओं का पूरा विवरण एकत्र करने के लिए विभाग द्वारा ‘हर पशु का ज्ञान’ नाम के एक मोबाईल एप्लिकेशन शुरू किया गया।
विज्ञापन
‘हर पशु का ध्यान’ में एक नवीन परियोजना पर कार्य कर रहा है, जो देश में अपनी तरह का पहला डाटा संग्रह है। इसका उपयोग पशुपालकों को उनके घर पर ही बड़ी संख्या में सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा। पशुओं के आनुवंशिक सुधार के लिए हरियाणा पशु (पंजीकरण, प्रमाणन और प्रजनन), अधिनियम, 2019 पारित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है।
राज्य के प्रत्येक सरकारी पशु चिकित्सालय में पशु स्वास्थ्य कल्याण समितियों का गठन किया गया है। इसके अलावा, राज्य में प्रत्येक पशु स्वास्थ्य कल्याण समिति के स्तर पर पशुधन औषधि भंडार स्थापित करने की एक अभिनव योजना शुरू की गई है।