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हरियाणा : कृषि कानूनों के विरोध में पूर्व सीपीएस ने भाजपा छोड़ी, अब किसान आंदोलन में होंगे शामिल
Thu, 28 Jan 2021 02:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 28 Jan 2021 02:40 PM IST
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रामपाल माजरा
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने नए कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने वीरवार को चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता कर भाजपा से नाता तोड़ने की घोषणा की। उन्होंने इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद यह ऐलान किया।
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रामपाल माजरा ने अभय चौटाला के कदम को सराहा। अब वह किसान आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने भाजपा को किसान विरोधी बताया। रामपाल माजरा ने विधानसभा चुनाव के वक्त इनेलो को छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। माजरा कलायत विधानसभा से संबंध रखते हैं और कलायत विधानसभा से इनेलो विधायक रह चुके हैं।
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2009 में इनेलो टिकट पर विधायक चुने गए थे, इसके बाद 2014 में फिर इनेलो ने रामपाल माजरा को ही टिकट दिया था, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी जयप्रकाश ने उन्हें हरा दिया। वह साल 2000 में चौटाला सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे हैं।
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प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर जो घटना हुई उसकी निंदा करता हूं। जो सरकार खुद को राष्ट्रवादी कहती है वो देश की आन बान और शान की मर्यादा को कायम नहीं रख सकी। दिल्ली में हिंसा निंदनीय है। इस मामले में सबसे बड़ा कोई दोषी है तो वो गुप्तचर विभाग है।
पूरे घटनाक्रम के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार जिम्मेदार है। जो भी लाल किले पर हुआ, उससे देश वासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। पहले से लाल किले पर जाने की चेतावनी दी गई थी। सरकार चारों खाने चित्त हुई है। उपद्रवियों को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। यह सुनियोजित चाल है जिसके चलते एक पंथ का झंडा वहां लहराया गया।
उन्होंने कहा कि ये सरकार के लोगों की तरफ से किया गया है, जैसे फोटो भी जारी हुए हैं। भाजपा किसानों की समस्या का हल नहीं कर पाई, ऐसी पार्टी से आज से उनका कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने इनेलो छोड़कर गलती की थी। आज मैंने भाजपा को छोड़ा है, जल्द और नेता भाजपा छोड़ेंगे। अभय चौटाला ने विधायक पद छोड़कर साहसिक कदम उठाया है, इसके लिए वो बधाई के पात्र हैं।