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16 महीनों से लड़की के साथ कर रहे थे 'घिनौना' सुलूक, जानिए क्या निकला अंजाम
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Wed, 07 Feb 2018 09:28 AM IST
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rape with maid
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22 साल की लड़की के साथ 16 महीनों से इतना 'घिनौना' सुलूक किया जा रहा था कि आपके होश उड़ जाएंगे। यकीं नहीं होगा कि कोई ऐसा कर सकता है।
मामला हरियाणा के जगाधरी का है। राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य व जिला बाल संरक्षण की टीम ने हुडा सेक्टर-17 के एक मकान से बंधुआ मजदूर बनाकर रखी गई झारखंड की एक लड़की को सोमवार को मुक्त करवाया। लड़की को 16 महीने से बंधक बनाकर कोठी में काम करवाया जा रहा था।
राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बडोला ने देर शाम को कोठी पर छापा मारकर लड़की को मुक्त करवाया। मौके पर पहुंची महिला पुलिस ने लड़की को कब्जे में लेकर मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर ले गई। 22 वर्षीय लड़की झारखंड के बुबका जिले की रहने वाली है। जो एजेंट के माध्यम से काम करने के लिए यमुनानगर लाई गई थी।
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मामला हरियाणा के जगाधरी का है। राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य व जिला बाल संरक्षण की टीम ने हुडा सेक्टर-17 के एक मकान से बंधुआ मजदूर बनाकर रखी गई झारखंड की एक लड़की को सोमवार को मुक्त करवाया। लड़की को 16 महीने से बंधक बनाकर कोठी में काम करवाया जा रहा था।
राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बडोला ने देर शाम को कोठी पर छापा मारकर लड़की को मुक्त करवाया। मौके पर पहुंची महिला पुलिस ने लड़की को कब्जे में लेकर मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर ले गई। 22 वर्षीय लड़की झारखंड के बुबका जिले की रहने वाली है। जो एजेंट के माध्यम से काम करने के लिए यमुनानगर लाई गई थी।
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भाषा अलग होने के कारण नहीं समझा पाती थी बात
hostage girl
लड़की के अनुसार एजेंट ने आठ घंटे काम करने के बदले प्रतिमाह आठ हजार रुपये दिलवाने का वादा किया था। लेकिन मकान मालिक पिछले कई महीनों से बंधुआ मजदूर की तरह उससे काम ले रहा था। भाषा समझ नहीं आने के कारण वा किसी से अपनी समस्या नहीं बता पा रही थी।
आखिर में 10 दिन पहले उसने अपने घर फोन करके अपने साथ हो रहे घटना की जानकारी दी। सूचना के आधार पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा. रिचा, संरक्षण अधिकारी प्रीति, गुरप्रीत और गौरव ने लड़की को छुड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सात भाई-बहन की रोटी का इंतजाम करने के लिएचली आई
बंधक बनाई गई लड़की का कहना है कि उसका परिवार काफी गरीब है। घर में सात भाई बहनों का गुजारा मुश्किल से चलता है। एजेंट उसे आठ हजार रूपये महीना दिलवाने का लालच देकर दिल्ली लेकर आया और फिर उसने यमुनानगर के हुड्डा स्थित मकान में रखवा दिया।
लड़की का आरोप है कि मकान मालिक ने उसके 1100 रुपये और मोबाइल फोन छीन लिया ताकि वो घर से भाग नहीं सकें। लड़की ने बताया कि मकान में पांच लोग रहते हैं।
आखिर में 10 दिन पहले उसने अपने घर फोन करके अपने साथ हो रहे घटना की जानकारी दी। सूचना के आधार पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा. रिचा, संरक्षण अधिकारी प्रीति, गुरप्रीत और गौरव ने लड़की को छुड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सात भाई-बहन की रोटी का इंतजाम करने के लिएचली आई
बंधक बनाई गई लड़की का कहना है कि उसका परिवार काफी गरीब है। घर में सात भाई बहनों का गुजारा मुश्किल से चलता है। एजेंट उसे आठ हजार रूपये महीना दिलवाने का लालच देकर दिल्ली लेकर आया और फिर उसने यमुनानगर के हुड्डा स्थित मकान में रखवा दिया।
लड़की का आरोप है कि मकान मालिक ने उसके 1100 रुपये और मोबाइल फोन छीन लिया ताकि वो घर से भाग नहीं सकें। लड़की ने बताया कि मकान में पांच लोग रहते हैं।
16 महीनों से बंधक बनाकर रखा था मकान मालिक ने
hostage girl
कोठी से छुड़ाई गई बुबका जिला झारखंड निवासी पुतुल मरांडी ने बताया कि उसे अनिल नाम के एजेंट ने नौकरी दिलवाने के बहाने दिल्ली लेकर आया था। फिर दिल्ली से उसे यमुनानगर के सेक्टर-17 स्थित कोठी नंबर 1194 में काम पर रखवा दिया। पिछले 16 महीनों से वह कोठी में काम कर रही है। लेकिन उसके बदले उसे कोई रुपये नहीं दिए गए।
मकान मालिक 24 घंटे में दो घंटे ही उसे सोने देता था। मकान मालिक लड़की पर हमेशा काम करने का दबाव बनाकर उसको घर से बाहर नहीं निकलने देता था। दस दिन पहले उसने मकान मालिक के लैंडलाइन नंबर से अपने घरवालों को फोन किया। इसके बाद वहां की पुलिस ने चंडीगढ़ एसपी को फोन कर लड़की के बंधक होने की सूचना दी।
फोन को ट्रेस करने पर लड़की का चला पता
राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बडोला ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस से राज्य संरक्षण आयोग को यमुनानगर में लड़की के बंधक बनाकर काम करवाने की सूचना मिली। इसके बाद जिस नंबर से लड़की ने फोन किया था, उसको ट्रेस किया गया। इसके बाद पता चला कि लड़की हुड्डा सेक्टर -17 यमुनानगर में है।
मकान मालिक 24 घंटे में दो घंटे ही उसे सोने देता था। मकान मालिक लड़की पर हमेशा काम करने का दबाव बनाकर उसको घर से बाहर नहीं निकलने देता था। दस दिन पहले उसने मकान मालिक के लैंडलाइन नंबर से अपने घरवालों को फोन किया। इसके बाद वहां की पुलिस ने चंडीगढ़ एसपी को फोन कर लड़की के बंधक होने की सूचना दी।
फोन को ट्रेस करने पर लड़की का चला पता
राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बडोला ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस से राज्य संरक्षण आयोग को यमुनानगर में लड़की के बंधक बनाकर काम करवाने की सूचना मिली। इसके बाद जिस नंबर से लड़की ने फोन किया था, उसको ट्रेस किया गया। इसके बाद पता चला कि लड़की हुड्डा सेक्टर -17 यमुनानगर में है।