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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Election 2024 Ambala Contonment Assembly Constituency Congress Parvinder Singh Vs Chitra Sarwara

Haryana Election: भाजपा के विज के सामने कांग्रेस वर्सेज कांग्रेस, 'पंजे' को फिर झेलना पड़ेगा बगावत का नुकसान?

Tue, 17 Sep 2024 01:03 PM IST
शाहरुख खान वैभव शर्मा, अमर उजाला, अंबाला
वैभव शर्मा, अमर उजाला, अंबाला Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 17 Sep 2024 01:03 PM IST
सार

हरियाणा की सबसे हॉट सीट पर अबकी बार त्रिकोणीय मुकाबला होगा। कांग्रेस को फिर बगावत का नुकसान झेलना पड़ सकता है। विज गिनवा रहे विकास कार्य तो विपक्ष विकास की कमियों को लेकर मतदाताओं के बीच है।

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Haryana Election 2024 Ambala Contonment Assembly Constituency Congress Parvinder Singh Vs Chitra Sarwara
Haryana Election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के सबसे पुराने शहर और अंग्रेजों की छावनी रहे अंबाला कैंट में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। यहां का सियासी माहौल निश्चित तौर पर सूबे की राजनीति पर छाप छोड़ेगा। कांग्रेस के टिकट की घोषणा होने के बाद से यहां पर त्रिकोणीय समीकरण बने हैं।
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एक तरफ छह बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री रहे अनिल विज हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस से पूर्व पार्षद परविंद्र सिंह परी। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती विज के बजाय कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय नामांकन भरने वाली चित्रा सरवारा हैं। इसी कारण मुकाबला फिर कांग्रेस वर्सेज कांग्रेस हो गया है। 
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कांग्रेस भले ही इस बार खुद को यहां से मजबूत मान रही है लेकिन यह फूट फिर से नुकसान पहुंचा सकती है। दूसरी तरफ विज जहां विकास कार्यों का मुद्दा लेकर मैदान में हैं, तो विपक्षी भी विकास में कमियों और उससे लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा भुना रहे हैं। इन तीनों की चुनावी जंग में इनेलो-बसपा के गठबंधन से प्रत्याशी ओंकार सिंह अपना चुनावी गणित लगाकर प्रतिद्वंद्वियों का समीकरण बिगाड़ने में जुटे हैं।
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स्थानीय मुद्दों की बात करें तो बड़ी परियोजनाएं जरूर मिलीं लेकिन लोगों की मूलभूत सुविधाओं में अभी भी कोताही दिखाई देती है। अंबाला छावनी में पुरानी अनाज मंडी के पास के गुड़ बाजार, दाल बाजार व पंसारी बाजार में पुरानी दुकानें हैं। 

यहां के व्यापारी सुशील गोयल बताते हैं कि अंबाला में स्वास्थ्य व परिवहन पर काफी काम हुआ है मगर उनके बाजार में जलभराव की समस्या अभी तक है। बाजार की सड़क सीधे भाजपा कार्यालय तक जाती है लेकिन सड़क आज तक क्षतिग्रस्त पड़ी है। दुकानों में बारिश का पानी भरने से सामान का इस साल भी नुकसान हुआ है।

इसी प्रकार, गुड़ बाजार के लक्ष्मी नारायण खन्ना बताते हैं कि लोग आज भी सड़क, पानी जैसी समस्याओं में फंसे हुए हैं। अंबाला कैंट में भी इतने विकास कार्य कभी नहीं हुए लेकिन यह भी है कि रुपये तो खूब आए मगर स्थानीय अधिकारियों ने इनका सही इस्तेमाल नहीं किया। परियोजनाओं को लटकाया और उलझाने का काम किया। 

 

लोगों की जुबां पर बारिश के बाद जलभराव व पिछले साल आई बाढ़ का दर्द भी सुनाई पड़ता है। रामेश्वर कहते हैं-इस बार उसी को वोट देंगे तो टांगरी नदी की समस्या का स्थाई समाधान देगा। जीटी बेल्ट से सटा होने के बावजूद छावनी में साइंस उद्योगों के लिए कुछ खास नहीं हो पाया। कारोबारियों के फार्म भरवा लिए गए मगर उन्हें पता नहीं किसी को एक रुपया भी मिला हो।

पिता अंबाला शहर से ही कांग्रेस की टिकट पर मैदान में
चित्रा सरवारा ने पिछले चुनाव में भी कांग्रेस छोड़कर छावनी सीट से आजाद प्रत्याशी के रूप में दम भरा था। वे दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि चित्रा के पिता निर्मल सिंह अभी भी कांग्रेस में हैं। वे अंबाला की शहरी सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। उनकी बेटी को मनाने की सारी कोशिशें भी कांग्रेस की विफल रही हैं। हालांकि पूर्व पार्षद रहे हैं। अपने आधार वोट के दम पर वे विधानसभा तक पहुंचने का दम भर रहे हैं।

ये प्रत्याशी भी मैदान में
आम आदमी पार्टी से राजविंदर कौर, जननायक जनता पार्टी से अवतार सिंह, युगा थुलासी पार्टी से नवीन कुमार, निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जसविंदर, सुधीर कुमार, रामसिंह, सुनील वर्मा, नवीन बिदला और धर्मेश सूद मैदान में हैं।

 

विकास की झड़ी लगाई, मजबूती से बात उठाई : विज
भाजपा प्रत्याशी अनिल विज का कहना है कि अंबाला में सबसे अधिक विकास कराया है। स्वास्थ्य सेवाएं, सड़कें, सीवरेज को सुधारा। शहीद स्मारक जैसी परियोजना अंबाला छावनी को सबसे अलग दर्शाएगी। इसके साथ ही सरकार में भी मजबूती से हलके की बात उठाई है। छावनी में घरेलू सिविल एनक्लेव का काम भी लगभग पूरा हो चुका है।

 

लोगों को नहीं मिला विकास का लाभ : परविंदर
कांग्रेस प्रत्याशी परविंदर सिंह परी का कहना है कि जनता भाजपा के पिछले 10 सालों का रिपोर्ट कार्ड देख चुकी है, इसलिए वह भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए बेताब है। छावनी में एक ही सड़क तीन-तीन बार तोड़ी जा रही है फिर बनाई जा रही है। यहां पर धन की काफी बर्बादी हुई है। लोगों के पास असल लाभ नहीं पहुंच पाया है।

 

जलनिकासी नहीं होने से पिछड़ी छावनी : चित्रा
निर्दलीय प्रत्याशी चित्रा सरवारा ने कहा कि छावनी में पानी की निकासी आज तक विधायक नहीं करा पाए। जलभराव की समस्या से क्षेत्र पिछड़ गया है। एक ओर तो छावनी की साज सज्जा के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद किया है दूसरी ओर मुख्य समस्या निकासी, सीवर, ड्रेनेज के लिए कोई मास्टर प्लान नहीं बनाया। जमकर भ्रष्टाचार चल रहा है।
 
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