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अलविदा 2016: शिक्षा का स्तर सुधारने को दावे बड़े-बड़े, खर्च सिर्फ जुबानी

Tue, 27 Dec 2016 04:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 27 Dec 2016 04:24 PM IST
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haryana education year ender 2016, govt claims big things to improve level but result zero
परीक्षा के बाद छात्राएं - फोटो : ghazipur
हरियाणा में स्कूली शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकारें लंबे समय से बड़े-बडे़ दावे करती आ रही हैं, लेकिन खर्च सिर्फ जुबानी होता है। नई शिक्षा नीति बनाने से लेकर शिक्षक भर्ती और ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर कई योजनाएं भी लाई गईं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा।
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सूबे की खट्टर सरकार ने तो अपने अब तक के कार्यकाल में शिक्षक भर्ती के नाम पर खाता तक नहीं खोला है। जेबीटी की 12 हजार भर्तियों का केस अभी अदालत में लंबित है। शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्कूलों में पढ़ाई के हालात बदतर हैं। फिर भी सरकार के दावों पर गौर करें तो आगामी वर्ष में दिन बहुरने की उम्मीद है।
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अफसरों की अदला-बदली ने पटरी से उतारी गाड़ी
शिक्षा की गाड़ी हरियाणा में पटरी से उतरी हुई है। इसका बड़ा कारण लंबे समय तक स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व निदेशकों के पद पर एक अधिकारी का न बने रहना है। चंद महीने के कार्यकाल के बाद निदेशकों को बदलने की रवायत थमी नहीं है। इससे अधिकारी शिक्षा में सुधार की कवायद सिरे नहीं चढ़ा पा रहे।
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बजट घटाया, नई भर्ती नहीं
शिक्षा का बजट हरियाणा में इस साल नहीं बढ़ा। जबकि सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और मिड-डे मील का बजट घटाया गया। जेबीटी, टीजीटी और पीजीटी की कोई सीधी भर्ती नहीं हुई। प्रमोशन से मात्र पचास संस्कृत अध्यापकों को एलिमेंटरी हेड बनाया गया। सिर्फ दस स्कूल ही स्तरोन्नत हुए।

एससी, बीसी और बीपीएल को भत्ता नहीं

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Manohar Lal Khattar
अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग व गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के बच्चों को स्कूलों में हर तिमाही पर भत्ता मिलता है। यह राशि कक्षा अनुसार सालाना 48 सौ से 9 हजार रुपये तक बनती है। तीन तिमाही बीत चुकी हैं, लेकिन अभी यह राशि छात्रों को नसीब नहीं हुई। एससी वर्ग के छात्रों को स्टेशनरी व अन्य वस्तुएं खरीदने के लिए मिलने वाले साढ़े बारह सौ रुपये भी अभी तक नहीं दिए गए।

छह सौ मिडिल स्कूल बंद करने की तैयारी
बीस छात्रों से कम संख्या वाले लगभग चौदह सौ स्कूल सरकार इस साल बंद कर चुकी है। छह सौ और स्कूलों को बंद करने की तैयारी चल रही है। सरकार ने शिक्षा निदेशालय से उन स्कूलों का रिकार्ड मांगा है, जिनमें दस से पंद्रह छात्र अध्ययनरत हैं।

राज्य शिक्षक पुरस्कार बंद
हरियाणा सरकार पांच सितंबर को दिए जाने वाले राज्य शिक्षक पुरस्कार को बंद कर चुकी है। इस साल भी यह नहीं दिया गया। उत्कृष्ट अध्यापकों को हर साल यह दिया जाता था। इसमें दो साल का सेवा विस्तार, दो इंक्रीमेंट और 25 हजार रुपये की इनाम राशि होती थी।

ट्रांसफर पॉलिसी लाई सरकार
वर्ष 2016 में शिक्षकों के तबादले के लिए सरकार आनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लाई। इससे अब तक तीस हजार से ज्यादा जेबीटी व पीजीटी शिक्षकों के तबादले हो चुके हैं। तबादलों के लिए सचिवालय के चक्कर काटने का झंझट पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। नए साल में जेबीटी के दूसरे चरण के तबादलों के साथ ही टीजीटी के भी बड़ी संख्या में ट्रांसफर होंगे।

शिक्षक भर्ती की उम्मीद

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Manohar Lal Khattar
खट्टर सरकार लंबे समय से शिक्षकों के चालीस हजार पद भरने का दावा करती आ रही है। नए साल में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा सकते हैं। बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली होने से रिजल्ट व शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। जेबीटी के 12 हजार चयनित उम्मीदवारों को भी नियुक्ति मिलने की उम्मीद है। गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा व निजी स्कूलों को स्थायी आवेदन पर फैसला जनवरी महीने में हो जाएगा।

स्तरोन्नत होंगे स्कूल, नए भवन भी बनेंगे
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के साथ ही अन्य पात्र स्कूलों को स्तरोन्नत करने का रिकार्ड शिक्षा निदेशालय से मांगा हुआ है। छात्र संख्या के लिहाज से स्कूल स्तरोन्नत किए जाएंगे। नए साल में बजट आवंटित होते ही स्कूल भवनों का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।

वैज्ञानिक के बजाए दकियानूसी शिक्षा : बजीर सिंह
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष बजीर सिंह कहते हैं कि सरकार शिक्षा के उत्थान के लिए बड़े कदम उठाने में असफल रही है। वैज्ञानिक शिक्षा मुहैया कराने के बजाए दकियानूसी शिक्षा देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में गीता पढ़ाने का निर्णय उचित प्रतीत नहीं होता। शिक्षक प्रशिक्षण को लगभग निजी हाथों में सौंप दिया गया है। छात्र हित को मद्देनजर रखकर शिक्षा नीतियां नहीं बनाई जा रहीं।

बदल रहा स्कूली शिक्षा का स्वरूप : दास
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास का कहना है कि प्रदेश में शिक्षा की स्थिति काफी सुधरी है। छात्रों की सीखने की क्षमता में सुधार हुआ है। सरकार ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही शिक्षक भर्ती को लेकर प्रयासरत है। नए साल में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती होगी। जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, उन्हें चिह्नित कर बदलाव के कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द परिणाम दिखने लगेंगे।

खट्टी यादें और सपने जो पूरे नहीं हुए

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Manohar Lal Khattar
- स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा ठप, नई भर्ती अधर में
- पात्र अध्यापकों को नहीं मिल पाई नियुक्ति
- सातवें वेतन आयोग में जेबीटी शिक्षकों का घटा वेतनमान
- स्कूल लेक्चरर की न ग्रेड पे बढ़ी, न पदनाम बदला
- चालीस हजार पद भरने की घोषणा से आगे कुछ नहीं
- सुगम संपर्क पोर्टल ने बीच-बीच में तोड़ा दम
- ड्राफ्ट से आगे नहीं बढ़ पाई नई शिक्षा नीति
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