{"_id":"5ddb703b8ebc3e54a926bfec","slug":"haryana-education-department-circular-for-employees-rgarding-to-do-journalism-course","type":"story","status":"publish","title_hn":"फरमानः हरियाणा में शिक्षा विभाग कर्मी नहीं कर सकेंगे पत्रकारिता, पुरानी सारी मंजूरियां की गईं रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फरमानः हरियाणा में शिक्षा विभाग कर्मी नहीं कर सकेंगे पत्रकारिता, पुरानी सारी मंजूरियां की गईं रद्द
Mon, 25 Nov 2019 12:39 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 25 Nov 2019 12:39 PM IST
विज्ञापन
Journalism
- फोटो : Journalism
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा विभाग के कर्मचारी अब प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पत्रकारिता नहीं कर सकेंगे। विभाग ने इस संबंध में फरमान जारी कर दिया है। विभाग की जानकारी में आया था कि सरकारी स्कूलों में नियुक्त बहुत से टीचर और अन्य कर्मचारी विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकार के तौर पर भी काम करते हैं। कुछ मामलों में संबंधित संस्था के प्रमुख ने अपनी ओर से इसकी आज्ञा भी दे रखी है।
विभाग ने पत्रकारिता करने वाले कर्मचारियों को पंजाब में सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावाली का हवाला दिया। जिसमें कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी निर्धारित अथॉरिटी की पूर्व मंजूरी के बिना किसी अखबार या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में संपादन या प्रबंधन में पूरी तरह या आंशिक तौर पर या संचालन में हिस्सा नहीं ले सकता। इसी तरह कोई भी सरकारी कर्मचारी निर्धारित अथारिटी की पूर्व मंजूरी के बिना अपनी ड्यूटी निभाने के अलावा रेडियो प्रसारण में हिस्सा नहीं ले सकता। लेख का योगदान भी नहीं दे सकता।
अपने, गुमनाम तौर पर या और किसी व्यक्ति के नाम पर किसी रेडियो प्रसारण, रोजाना समाचार पत्र या समय-समय पर छपने वाले पेपर में किसी किस्म का कोई आर्टिकल प्रकाशित नहीं करवा सकता। अगर प्रसारण या लिखित योगदान पूरी तरह साहित्यिक, कलात्मक या वैज्ञानिक चरित्र के होंगे तो उनके लिए किसी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। विभाग की जानकारी में आया है कि कुछ कर्मचारी नियमों का उल्लंघन कर अखबारों के लिए नियमित पत्रकार के तौर पर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
इसी तरह कुछ कर्मचारी किताबें या पेपर प्रकाशित करवा रहे हैं। इसके लिए वह संबंधित संस्था के प्रमुख से मंजूरी ले लेेेते हैं और पब्लिशर से मेहनताना भी हासिल कर रहे हैं। विभाग द्वारा जारी पत्र में लिखा है कि किसी कर्मचारी के पत्रकार के तौर पर काम करने से साथी स्टाफ या उच्च अधिकारियों को ब्लैकमेल करने की संभावना रहती है। इसलिए फैसला किया गया है कि कोई भी कर्मचारी प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में नियमित या आंशिक तौर पर काम नहीं करेगा। अगर इस संबंध में किसी ने कोई मंजूरी दी है तो उसे रद्द किया जाता है।
विज्ञापन
विभाग ने पत्रकारिता करने वाले कर्मचारियों को पंजाब में सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावाली का हवाला दिया। जिसमें कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी निर्धारित अथॉरिटी की पूर्व मंजूरी के बिना किसी अखबार या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में संपादन या प्रबंधन में पूरी तरह या आंशिक तौर पर या संचालन में हिस्सा नहीं ले सकता। इसी तरह कोई भी सरकारी कर्मचारी निर्धारित अथारिटी की पूर्व मंजूरी के बिना अपनी ड्यूटी निभाने के अलावा रेडियो प्रसारण में हिस्सा नहीं ले सकता। लेख का योगदान भी नहीं दे सकता।
विज्ञापन
अपने, गुमनाम तौर पर या और किसी व्यक्ति के नाम पर किसी रेडियो प्रसारण, रोजाना समाचार पत्र या समय-समय पर छपने वाले पेपर में किसी किस्म का कोई आर्टिकल प्रकाशित नहीं करवा सकता। अगर प्रसारण या लिखित योगदान पूरी तरह साहित्यिक, कलात्मक या वैज्ञानिक चरित्र के होंगे तो उनके लिए किसी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। विभाग की जानकारी में आया है कि कुछ कर्मचारी नियमों का उल्लंघन कर अखबारों के लिए नियमित पत्रकार के तौर पर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
इसी तरह कुछ कर्मचारी किताबें या पेपर प्रकाशित करवा रहे हैं। इसके लिए वह संबंधित संस्था के प्रमुख से मंजूरी ले लेेेते हैं और पब्लिशर से मेहनताना भी हासिल कर रहे हैं। विभाग द्वारा जारी पत्र में लिखा है कि किसी कर्मचारी के पत्रकार के तौर पर काम करने से साथी स्टाफ या उच्च अधिकारियों को ब्लैकमेल करने की संभावना रहती है। इसलिए फैसला किया गया है कि कोई भी कर्मचारी प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में नियमित या आंशिक तौर पर काम नहीं करेगा। अगर इस संबंध में किसी ने कोई मंजूरी दी है तो उसे रद्द किया जाता है।