{"_id":"5a2389c64f1c1b69678bfb0d","slug":"haryana-dgp-bs-sandhu-press-conference-in-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा डीजीपी ने पहली बार माना, प्रद्युम्न मामले में पुलिस से हुई गलती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा डीजीपी ने पहली बार माना, प्रद्युम्न मामले में पुलिस से हुई गलती
मयंक तिवारी/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:51 AM IST
विज्ञापन
गुरुग्राम
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न की हत्या मामले में शनिवार को डीजीपी बीएस संधू ने पहली बार माना कि जांच में पुलिस से गलती हुई है। मामले में कंडक्टर अशोक की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच के बाद हुए खुलासे से पुलिस की लापरवाही सामने आई है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट में यदि पुलिस कर्मियों को आरोपी माना गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि आठ सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय प्रद्युम्न की चाकू से गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस ने आनन-फानन में स्कूल बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। 22 सितंबर को सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की और सात नवंबर को रायन स्कूल में 11वीं में पढ़ने वाले छात्र को गिरफ्तार करके जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया। इसके कुछ दिन बाद कंडक्टर अशोक को जमानत मिल गई। मामले में गुरुग्राम पुलिस के कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर शुरू से ही उंगली उठ रही है।
शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में डीजीपी बीएस संधू ने स्वीकार किया कि मामले की जांच में पुलिस से चूक हुई है। उन्हें सीबीआई की ओर से आने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यदि सीबीआई की जांच में पुलिस मुलाजिमों की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ विभागीय जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि आठ सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय प्रद्युम्न की चाकू से गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस ने आनन-फानन में स्कूल बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। 22 सितंबर को सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की और सात नवंबर को रायन स्कूल में 11वीं में पढ़ने वाले छात्र को गिरफ्तार करके जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया। इसके कुछ दिन बाद कंडक्टर अशोक को जमानत मिल गई। मामले में गुरुग्राम पुलिस के कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर शुरू से ही उंगली उठ रही है।
विज्ञापन
शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में डीजीपी बीएस संधू ने स्वीकार किया कि मामले की जांच में पुलिस से चूक हुई है। उन्हें सीबीआई की ओर से आने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यदि सीबीआई की जांच में पुलिस मुलाजिमों की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ विभागीय जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन