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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Court Notice to Ex PM Manmohan Singh

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को समन

Sun, 30 Nov 2014 01:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी Updated Sun, 30 Nov 2014 01:29 PM IST
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Haryana Court Notice to Ex PM Manmohan Singh

सीजीएम कोर्ट ने जगाधरी निवासी वकील जीडी गुप्ता द्वारा कोर्ट में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 23 जनवरी 2015 को कोर्ट में पेश होने का समन जारी किया है। वकील का कहना है कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री उपरोक्त तारीख पर कोर्ट में पेश नहीं हुए, तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती है।

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वकील जीडी गुप्ता के मुताबिक सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर पीजी थॉमस पर अपराधिक केस दर्ज होने  के बावजुद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उसकी नियुक्ति को रिकमंड कर दिया। जबकि मार्च 2011 में सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर की नियुक्ति को गैरकानूनी कारर दिया जा चुका है।
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हालांकि उन्होंने इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री से कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन सरकार ने उनकी नहीं सुनी। 27 नवंबर 2014 को सीजीएम कोर्ट में केस दायर किया। 28 नवंबर को मामले में एविडेंस रिकार्ड के साथ ही उसे क्लॉज कर दिया गया। कोर्ट ने अब पेशी की तारीख 23 जनवरी 2015 निर्धारित की है।

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सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर नियुक्त करने का मामला

Haryana Court Notice to Ex PM Manmohan Singh

याचिकाकर्ता एडवोकेट जीडी गुप्ता ने बताया कि सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर नियुक्त करने के लिए बनाई गई कमेटी का प्रधानमंत्री चेयरमैन होते हैं, जबकि विपक्ष का नेता तथा केंद्रीय मंत्री उसके सदस्य होते हैं।

गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2011 में सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर पद के लिए पीजी थॉमस का नाम रखा गया। जिसके उपरांत उस समय विपक्ष की नेता रही सुषमा स्वराज ने पीजी थॉमस के नाम पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि उस पर अपराधिक केस दर्ज है। इसलिए उसकी नियुक्त इस पद पर सही नहीं है।

याचिकाकर्ता वकील जीडी गुप्ता के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री ने थॉमस का नाम राष्ट्रपति को भेज दिया। जिसके उपरांत पीजी थॉमस को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया, तो सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त को गलत करार देते हुए इसे रद्द करने का आदेश दिया। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री ने माना की नियुक्ति गलत थी।

मामले में अब दायर हुआ केस

Haryana Court Notice to Ex PM Manmohan Singh

याचिकाकर्ता के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उपरांत उन्होंने पीएम मनमोहन सिंह को नोटिस भेजकर मांग की कि कमिश्नर को जो वेतन या अन्य सुविधाएं दी गई हैं, उनका भुगतान पीएम से किया जाए। कुछ दिनों के बाद नोटिस का जवाब आया कि इस मामले में पीएम की कोई गलती है।

उन्होंने इस मामले में हार नहीं मानी और 197 सीआरपीसी के तहत राष्ट्रपति को पत्र लिखकर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ 166-167 सीआरपीसी के लिए सेंशन मांगी।

याचिकाकर्ता का कहना है कि अब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री नहीं है। इसलिए अब सेंशन की जरूरत नहीं है। याचिका पर जगाधरी की सीजीएम कोर्ट में सुनवाई करते हुए 166-167 सीआरपीसी के तहत केस दायर किया है।

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