Haryana: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान बोले- विज का दिमागी संतुलन ठीक नहीं, पीजीआई से इलाज करवाने की दी सलाह
अनिल विज ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कहा था कि वह 2024 में मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं लेकिन उनके लिए जेल में कमरा तैयार हो रहा है। इस पर उदयभान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अनिल विज का मानसिक संतुलन बिगड़ा है और उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में अपने दिमाग का इलाज करवाना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने गृह मंत्री अनिल विज पर बड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अनिल विज को समय-समय पर किसी न किसी से पीड़ा होती रहती है। उन्हें उस समय बड़ा दर्द हुआ था... जब वह छह बार विधायक बनने के बावजूद मुख्यमंत्री नहीं बन पाए थे और भाजपा ने मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बना कर अनिल विज पर थोप दिया था। तब वे मुख्यमंत्री को भी बर्दाश्त नहीं कर पाए थे और रोजाना उनके खिलाफ अनाप-शनाप बोलते रहे। इससे स्पष्ट है कि अनिल विज का मानसिक संतुलन बिगड़ा है और उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में अपने दिमाग का इलाज करवाना चाहिए। उदयभान ने शुक्रवार को यह बात शाहाबाद में कही।
बता दें कि गृह मंत्री अनिल विज ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कहा था कि वह 2024 में मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं लेकिन उनके लिए जेल में कमरा तैयार हो रहा है। उदयभान ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा 10 साल मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अब 2024 में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह राज्य की जनता तय करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनोहर लाल सरकार ने जब पदभार संभाला था तो प्रदेश पर 70 हजार करोड़ का कर्जा था। मगर अब यह चार लाख करोड़ से पार हो चुका है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को कर्ज के जाल में वर्तमान सरकार ने फंसा कर रख दिया है। आज बेरोजगारी, महंगाई और क्राइम में प्रदेश नंबर वन है और कानून व्यवस्था में नीचे से नंबर दो पर है। उदयभान ने कहा कि केंद्र सरकार के सामाजिक सुरक्षा इंडेक्स के मुताबिक हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है।
सरकार एसवाईएल बनाना ही नहीं चाहती
उदयभान ने कहा कि राज्य सरकार सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर बनाना ही नहीं चाहती है क्योंकि जब दो पक्षों में झगड़ा होता है तो उसका फैसला न्यायालय करता है। वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में फैसला सुनाया और केंद्र सरकार को एसवाईएल बनाने का जिम्मा सौंपा था लेकिन आज तक प्रदेश सरकार केंद्र पर जोर नहीं दे सकी। न ही इस बारे में मुख्यमंत्री ने बैठक कर प्रधानमंत्री से इसका हल करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंजाब के मुख्यमंत्री से वार्तालाप करके हल तलाशने के नाम पर खानापूर्ति कर रही है।