{"_id":"5a798ed14f1c1b2d068b4f5b","slug":"haryana-congress-not-able-to-submit-membership-fees","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा कांग्रेस के हाल देखिए, सदस्यता फीस ही जमा नहीं करा पाई, हाईकमान नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा कांग्रेस के हाल देखिए, सदस्यता फीस ही जमा नहीं करा पाई, हाईकमान नाराज
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 06 Feb 2018 04:47 PM IST
विज्ञापन
हरियाणा कांग्रेस सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा कांग्रेस आजकल इतनी 'गरीबी' झेल रही है कि सदस्यता से प्राप्त राशि का दस फीसदी जमा ही नहीं करा पाई और अब हाईकमान नाराज है। कुल मेंबरशिप से प्राप्त राशि का दस प्रतिशत पार्टी संविधान मुताबिक हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को वैसे तो बीते वर्ष ही जमा कराना था, लेकिन राशि जमा नहीं कराई गई। इस पर एआईसीसी की सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी के चेयरमैन सांसद एम रामाचंद्रन ने बीते चार जनवरी को पहला रिमाइंडर भेजा था।
इसके बावजूद आर्थिक संकट से जूझ रही हरियाणा कांग्रेस ने राशि जमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब अथॉरिटी चेयरमैन रामाचंद्रन ने पहली फरवरी 2018 को दस फीसदी राशि जल्दी जमा कराने का दूसरा रिमाइंडर भेजा है। इसके साथ ही सदस्यता की पूरी डिटेल भी मांगी है। सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को रिमाइंडर लेटर भेजा है, बल्कि संगठनात्म्क चुनाव प्रभारी के साथ ही हरियाणा कांग्रेस प्रभारी कमलनाथ को भी इससे अवगत कराया है।
साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जल्दी राशि जमा हो जाए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को पीसीसी डेलीगेट का पोस्टल पता और संपर्क नंबर भी अथॉरिटी को भेजना होगा। वहीं, सदस्यता राशि का हिस्सा एआईसीसी में जमा नहीं हुआ है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को इसकी जानकारी तक नहीं है। तंवर तो यही कह रहे हैं कि राशि जमा हो चुकी है। जबकि, उनकी अनभिज्ञता प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष तरुण भंडारी से बात करने पर सामने आती है। भंडारी का कहना है कि अभी राशि जमा नहीं हुई है। सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का स्मरण पत्र उन्हें नहीं मिला है। लैटर आने के दो-तीन दिन के भीतर राशि जमा करा देंगे।
विज्ञापन
सदस्यता पर विवाद, चंदा नहीं दे रहे विधायक, सांसद, पूर्व विधायक
हरियाणा कांग्रेस की सदस्यता को लेकर भी विवाद है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा खेमे के कांग्रेस विधायक और नेता यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि सदस्यता सूचियां और डेलीगेट बनाने में मनमानी हुई है। यही नहीं, प्रदेश कांग्रेस की वित्तीय स्थिति यह है कि बीते वर्ष पार्टी को स्टाफ का वेतन देने में पसीने छूट गए थे। इसके पीछे बड़ी वजह कांग्रेस विधायकों, सांसदों, पूर्व विधायकों और सांसदों सहित सदस्यों का बीते तीन साल से पार्टी फंड में सालाना चंदा जमा न कराना है। तंवर कई पत्र लिखने के साथ ही निर्देश भी दे चुके, मगर अभी तक चंदा जमा कराने वाले टस से मस नहीं हुए हैं।
पार्टी हमारी मां, एक माह का वेतन देने को भी तैयार: दलाल
हुड्डा के खासमखास कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने कहा कि पार्टी हमारी मां है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से चंदा जमा कराने का पत्र हमें अभी नहीं मिला है। अगर अध्यक्ष कहें तो पार्टी के लिए वह एक महीने का वेतन भी दे सकते हैं।
विज्ञापन
इसके बावजूद आर्थिक संकट से जूझ रही हरियाणा कांग्रेस ने राशि जमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब अथॉरिटी चेयरमैन रामाचंद्रन ने पहली फरवरी 2018 को दस फीसदी राशि जल्दी जमा कराने का दूसरा रिमाइंडर भेजा है। इसके साथ ही सदस्यता की पूरी डिटेल भी मांगी है। सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को रिमाइंडर लेटर भेजा है, बल्कि संगठनात्म्क चुनाव प्रभारी के साथ ही हरियाणा कांग्रेस प्रभारी कमलनाथ को भी इससे अवगत कराया है।
विज्ञापन
साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जल्दी राशि जमा हो जाए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को पीसीसी डेलीगेट का पोस्टल पता और संपर्क नंबर भी अथॉरिटी को भेजना होगा। वहीं, सदस्यता राशि का हिस्सा एआईसीसी में जमा नहीं हुआ है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को इसकी जानकारी तक नहीं है। तंवर तो यही कह रहे हैं कि राशि जमा हो चुकी है। जबकि, उनकी अनभिज्ञता प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष तरुण भंडारी से बात करने पर सामने आती है। भंडारी का कहना है कि अभी राशि जमा नहीं हुई है। सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का स्मरण पत्र उन्हें नहीं मिला है। लैटर आने के दो-तीन दिन के भीतर राशि जमा करा देंगे।
विज्ञापन
सदस्यता पर विवाद, चंदा नहीं दे रहे विधायक, सांसद, पूर्व विधायक
हरियाणा कांग्रेस की सदस्यता को लेकर भी विवाद है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा खेमे के कांग्रेस विधायक और नेता यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि सदस्यता सूचियां और डेलीगेट बनाने में मनमानी हुई है। यही नहीं, प्रदेश कांग्रेस की वित्तीय स्थिति यह है कि बीते वर्ष पार्टी को स्टाफ का वेतन देने में पसीने छूट गए थे। इसके पीछे बड़ी वजह कांग्रेस विधायकों, सांसदों, पूर्व विधायकों और सांसदों सहित सदस्यों का बीते तीन साल से पार्टी फंड में सालाना चंदा जमा न कराना है। तंवर कई पत्र लिखने के साथ ही निर्देश भी दे चुके, मगर अभी तक चंदा जमा कराने वाले टस से मस नहीं हुए हैं।
पार्टी हमारी मां, एक माह का वेतन देने को भी तैयार: दलाल
हुड्डा के खासमखास कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने कहा कि पार्टी हमारी मां है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से चंदा जमा कराने का पत्र हमें अभी नहीं मिला है। अगर अध्यक्ष कहें तो पार्टी के लिए वह एक महीने का वेतन भी दे सकते हैं।