हरियाणा में राज्यसभा चुनाव: अजय माकन के रवैये से विधायक नाखुश, चुनाव से जुड़ी हुड्डा की प्रतिष्ठा
सूत्रों के अनुसार एक समय तो कुमारी सैलजा के नाम पर भी सहमति बन गई थी लेकिन उनको भी टिकट नहीं दिया गया। ऐसे में नाराज विधायक कांग्रेस का बना-बनाया अंक गणित बिगाड़ सकते हैं।
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निर्दलीय उम्मीदवार के चुनावी रण में कूदने से राज्यसभा की एक सीट जीतना हरियाणा कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। पार्टी हाईकमान हुड्डा को प्रदेश में फ्री हैंड दे चुका है। अब उनके कंधों पर पार्टी उम्मीदवार अजय माकन को जिताकर हरियाणा से भेजने का जिम्मा है। उनके सामने मुश्किल यह खड़ी हो गई है कि काफी विधायक माकन के रवैये से नाखुश हैं।
सोमवार शाम हुड्डा के आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में माकन के तेवर हाईकमान के करीबी होने के कारण अलग ही थे। जिसका दिनभर विधानसभा में जिक्र चला। पार्टी उम्मीदवार के नामांकन के लिए कांग्रेस के 30 विधायक पहुंचे थे, उनमें से कुछ विधायक दल की बैठक का जिक्र करना नहीं भूले।
उन्होंने कहा कि माकन ने वोट मांगने जैसी कोई बात ही नहीं की। परिचय के दौरान भी कुछ विधायकों को उनका व्यवहार अटपटा लगा। काफी विधायकों के भीतर पनप रहा यह रोष दस जून को होने वाले मतदान में फूट भी सकता है। इसके संकेत पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से भी मिल रहे हैं। प्रदेश के सभी बड़े नेता राज्यसभा चुनाव का टिकट धरतीपुत्र को ही देने की मांग कर रहे थे लेकिन हाईकमान ने अपने वरिष्ठ नेताओं को समायोजित करने के लिए माकन को यहां से उतार दिया। जिससे अधिकतर नेता खुश नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार एक समय तो कुमारी सैलजा के नाम पर भी सहमति बन गई थी लेकिन उनको भी टिकट नहीं दिया गया। ऐसे में नाराज विधायक कांग्रेस का बना-बनाया अंक गणित बिगाड़ सकते हैं। चूंकि, 5-6 विधायकों के हाव-भाव बदले हुए हैं। माकन को जीत दिलाकर हुड्डा दस जनपथ में अपना कद बरकरार रखने के साथ ही 2016 में लगे उलटफेर के आरोप से भी बचना चाहेंगे।
हुड्डा, बंसल, माकन के अपने-अपने दावे
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया कि जीत कांग्रेस की ही होगी। कुलदीप के न आने पर 30 विधायकों के वोट से भी उम्मीदवार जीत जाएंगे। पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं। 2016 में क्या हुआ था, सभी जानते हैं, उन कारणों को जानने की अब जरूरत नहीं। पार्टी प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई निश्चित ही माकन के पक्ष में मतदान करेंगे। वह नामांकन प्रक्रिया के दौरान मौजूद क्यों नहीं रहे, उनक कारणों पर वह नहीं जाना चाहते। अजय माकन ने कहा कि उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। चिंता भाजपा को करनी चाहिए। कांग्रेस एकजुट है।
नामांकन करना सबका अधिकार: मनोहर लाल
सीएम मनोहर लाल का कहना है कि नामांकन करना सबका अधिकार है। तीसरे उम्मीदवार के उतरने से अब मतदान होगा। पार्टी हाईकमान के निर्णय अनुसार निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दिया जाएगा।
विनोद के साथ पहुंचे रणजीत चौटाला
कार्तिकेय के नामांकन में बिजली मंत्री रणजीत चौटाला के पहुंचने के अनेक संकेत हैं। नामांकन पत्र पर नौ विधायकों ने बतौर प्रस्तावक हस्ताक्षर किए हैं। इनमें निर्दलीय व जजपा विधायक शामिल हैं। चौटाला के आने से सरकार और निर्दलीय दोनों का साथ कार्तिकेय को एक तरह से मिल गया। रणजीत सिंह विधानसभा में विनोद शर्मा के साथ पहुंचे और पर्चा दाखिल कराने के बाद साथ ही निकले।