फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Haryana CM says, it's not only our responsibility to water supply to delhi

दिल्ली को पानी सप्लाई करने पर हरियाणा के सीएम ने कह दी बड़ी बात

Thu, 16 Jun 2016 06:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 16 Jun 2016 06:08 PM IST
विज्ञापन
Haryana CM says, it's not only our responsibility to water supply to delhi
सीएम मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली को पानी देना अकेले हरियाणा की जिम्मेदारी नहीं है। प्रदेश के मुद्दों को पूरी तैयारी के साथ लेकर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में पहुंचे सीएम ने बोर्ड से ओखला पर यमुना के पानी का राज्य का न्यायोचित हिस्सा छोड़ने की मांग रखी। उन्होंने कच्चे पानी की आपूर्ति और नहरी सिस्टम के संचालन व रखरखाव की एवज में दिल्ली की ओर बकाया 150 करोड़ रुपये की शीघ्र अदायगी की बात भी कही।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाओं को भी शीघ्र पूरा करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि  दिल्ली को पानी देने से यमुना नदी के हरियाणा के वैध हिस्से में कमी आती है, जिससे प्रदेश के लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सतही और भूमिगत जल संसाधनों के संबंध में पानी की कमी वाला राज्य है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़ने वाले क्षेत्र समेत राज्य के आधे से अधिक क्षेत्रों के लिए यमुना नदी ही सतही जल का एक मुख्य स्रोत है। उन्होंने कहा कि यमुना नदी में पानी की उपलब्धता धीरे-धीरे घट रही है। यह न केवल हरियाणा बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि दिल्ली समेत यह क्षेत्र पानी की प्रमुख जरूरतों के लिए इसी नदी पर निर्भर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यमुना नदी में पानी के घटते बहाव के बावजूद हरियाणा अपने हिस्से से दिल्ली के पानी की जरूरतों को पूरा करता है और दिल्ली के रावी-ब्यास व यमुना नदी के हिस्से के पानी को अपने नहरी सिस्टम के माध्यम से भेजता है। इस नहरी सिस्टम के संचालन और रखरखाव की लागत बहुत अधिक है।

बोर्ड से कहा, दिल्ली से दिलाए बकाया रकम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली न तो अतिरिक्त कच्चे पानी और न ही संचालन व रखरखाव लागत के लिए शुल्क अदा करता है। दिल्ली को इस समय अतिरिक्त कच्चे पानी के लिए 94 करोड़ रुपये और संचालन और रखरखाव के लिए 56.57 करोड़ रुपये देने हैं। इस तरह से दिल्ली की ओर 150.57 करोड़ रुपये देय हैं। उन्होंने बोर्ड से आग्रह किया कि वह इस दिशा में कदम उठाए और दिल्ली से यह लंबित अदायगी करवाए।


पंजाब समेत उत्तर भारत के अन्य राज्य भी दिल्ली को पानी दें मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली को पेयजल देने की जिम्मेदारी अकेले हरियाणा की नहीं है। पंजाब समेत उत्तर भारत के अन्य राज्य भी इसके लिए आगे आएं और राष्ट्रीय राजधानी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने हिस्से का योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना नदी और उसकी सहायक नदियों पर प्रस्तावित तीन बांधों रेणुका, किशाऊ और लखवार का निर्माण होने से कुछ हद तक पानी की भारी कमी की समस्या से निपटा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed