हरियाणा: उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मनोहर लाल बोले- एसवाईएल और पीयू पर भ्रम पैदा कर रहा पंजाब
पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के साथ चल रहे जल विवादों के बारे में मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा हमेशा कानून के अनुसार राज्यों के बीच पानी वितरित करने के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मुद्दों की समीक्षा करते समय धूलकोट बीबीएमबी सब-स्टेशन की स्थिति पर भी नजर डाली जानी चाहिए।
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उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के निर्माण और पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) से हरियाणा के कॉलेजों की संबद्धता का मुद्दा उठाया। उन्होंने पंजाब पर आरोप लगाया कि वह लगातार इन मुद्दों पर भ्रम पैदा कर रहा है। जब हम एसवाईएल नहर निर्माण की बात करते हैं तो पंजाब दलील देता है कि पानी की कमी हो गई है, मगर एसवाईएल का निर्माण और पानी की उपलब्धता दो अलग-अलग मुद्दे हैं।
पंजाब विश्वविद्यालय के साथ हरियाणा के कॉलेजों की संबद्धता का मुद्दा उठाते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर के कॉलेजों के अलावा पंजाब के रोपड़ व मोहाली के कॉलेजों को भी विश्वविद्यालय से संबद्धता दी जानी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को अमृतसर में उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई। इसमें मनोहर लाल ने एसवाईएल नहर के निर्माण के महत्व को समझाते हुए कहा कि रावी, सतलुज और ब्यास नदियों से बड़ी मात्रा में पानी पंजाब के माध्यम से पाकिस्तान में बहकर चला जाता है।
पिछले 10 वर्ष में सतलुज से लगभग 1.68 मिलियन एकड़ फुट (एमएएफ) और रावी-ब्यास से 0.58 एमएएफ पानी पाकिस्तान में गया है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा व नंगल बांध से हरियाणा के लिए केवल एक कैरियर चैनल 61 किमी लंबा नंगल हाइडल है। इसका निर्माण 68 साल पहले 1954 में हुआ था। चैनल पुराना होने के चलते अगर नंगल हाइडल से सप्लाई रुकती है तो हरियाणा को पानी आपूर्ति नहीं हो पाएगी। ऐसे में एसवाईएल वैकल्पिक चैनल का काम करेगी।
सीएम ने कहा कि पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर के कॉलेजों के अलावा पंजाब के रोपड़ व मोहाली के कॉलेजों को भी पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्धता दी जानी चाहिए। पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा को हिस्सा पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत दिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक नंवबर 1973 को अधिसूचना जारी कर इसे समाप्त कर दिया था। इससे पहले अंबाला के कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध थे।
हरियाणा कानून के अनुसार पानी बांटने के पक्ष में
पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के साथ चल रहे जल विवादों के बारे में मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा हमेशा कानून के अनुसार राज्यों के बीच पानी वितरित करने के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मुद्दों की समीक्षा करते समय धूलकोट बीबीएमबी सब-स्टेशन की स्थिति पर भी नजर डाली जानी चाहिए। मरम्मत कार्य में देरी के कारण सब स्टेशन का कामकाज प्रभावित हो रहा है। हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सहित सभी राज्यों को हथिनीकुंड बैराज को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में देखना चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खेलों में हरियाणा की उपलब्धियों, परिवार पहचान पत्र और आयुष्मान योजना के विस्तार पर भी प्रस्तुति दी।