Haryana: मनोहर लाल बोले- केंद्र सरकार प्राकृतिक खेती को दे बढ़ावा, किसानों का खर्च कम और आय अधिक होगी
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा केंद्रीय खाद्यान्न पूल में लगभग 15 प्रतिशत योगदान देता है, जबकि इसका क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.34 प्रतिशत है। हमारी कृषि विकास दर लगभग 3.3 प्रतिशत वार्षिक है। प्रदेश में उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 1 लाख 57 हजार रुपये है। स्पष्ट है कि हमारे यहां किसानों की आय बढ़ रही है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र सरकार देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे। इससे न केवल किसानों का खर्च कम और आय अधिक होगी, बल्कि देश व हरियाणा के लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा और साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार को हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 7वीं बैठक में यह मुद्दा रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को ज्यादा बढ़ावा दिया जाए और किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। हम रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर जा रहे हैं।
प्राकृतिक खेती पोर्टल पर 2804 किसानों द्वारा पंजीकरण किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने का प्रयास कर रही है। सतत आर्थिक विकास और समान सामाजिक व क्षेत्रीय विकास के एक नए युग का सूत्रपात करेगी।
हरियाणा की विकास दर लगातार छह फीसदी से अधिक
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 74 हजार 635 रुपये है, जो देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक है। आर्थिक विकास के मानदंडों पर भी हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। हरियाणा की विकास दर वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक लगातर 6 प्रतिशत से अधिक है। मैनुफैक्चरिंग की विकास दर 10 प्रतिशत है, जो देश में सर्वाधिक है।
प्रदेश में बागवानी और पशुपालन का शेयर बढ़ा
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा केंद्रीय खाद्यान्न पूल में लगभग 15 प्रतिशत योगदान देता है, जबकि इसका क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.34 प्रतिशत है। हमारी कृषि विकास दर लगभग 3.3 प्रतिशत वार्षिक है। प्रदेश में उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 1 लाख 57 हजार रुपये है। स्पष्ट है कि हमारे यहां किसानों की आय बढ़ रही है।
प्रदेश में कृषि क्षेत्र में बागवानी और पशुपालन का शेयर बढ़ रहा है। इस योजना में पिछले दो वर्षों में 46,249 हेक्टेयर क्षेत्र का विविधीकरण हुआ। हरियाणा पहला राज्य है जिसने प्रधानमंत्री के विजन को साकार करते हुए ड्रैगन फ्रूट के साथ-साथ खजूर की खेती को भी बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना शुरू की है।
50,000 करोड़ से अधिक की राशि किसानों के खातों में डाली गई
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से किसानों को उनकी उपज के लिए 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में डाली गई। उपज का भुगतान भी 72 घंटे के भीतर न करने पर 9 प्रतिशत ब्याज दिया गया। बीज विक्रेताओं की मनमानी रोकने के लिए उत्तम बीज पोर्टल शुरू किया गया। मशीनरी पर सब्सिडी के लिए ई-रुपे वाउचर दिया जा रहा है।