भाजपा हाईकमान तक पहुंचा आईपीएस के तबादलों पर छिड़ा विवाद, पार्टी संगठन में जल्द बदलाव की संभावना
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हरियाणा में नौ आईपीएस अफसरों के तबादलों पर मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग के बीच छिड़ा विवाद भाजपा आलाकमान के पास पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मुलाकात के दौरान इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री, नड्डा से उनके निवास पर मिले।
उनके साथ संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट भी मौजूद रहे। बैठक में संगठन विस्तार, फेरबदल सहित ताजा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार आईपीएस अफसरों के तबादलों और विधानसभा चुनाव की सीआईडी रिपोर्ट को लेकर उपजे विवाद का जिक्र भी इस दौरान आया। जजपा के भीतर मचे घमासान को लेकर भी चर्चा हुई।
ब्लॉक, जिला के साथ ही राज्य स्तर पर भी संगठन में बदलाव होना है। इस पर भी विचार-विमर्श हुआ है। नए प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर भी सीएम ने कार्यकारी अध्यक्ष के साथ मंत्रणा की। फरवरी में हरियाणा भाजपा को नया प्रदेशाध्यक्ष मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। संगठन व अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए बुधवार रात सीएम व संगठन मंत्री को विशेष तौर पर दिल्ली बुलाया गया था।
सूत्रों के अनुसार हरियाणा के संगठन मंत्री को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, चूंकि, हरियाणा के संगठन मंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है। विधानसभा चुनावों की वजह से बदलाव नहीं किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन मंत्री बदलने के बाद हरियाणा में भी संगठन मंत्री बदलने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में प्रदेश भाजपा को जल्दी नया संगठन मंत्री मिल सकता है।
जेल में रहकर चौटाला में आई नकारात्मकता: विज
गृहमंत्री अनिल विज ने पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जेल में रहकर चौटाला में नकारात्मकता आ गई है। इसलिए वह राजनीतिक हालातों का सही जायजा नहीं ले ले पा रहे हैं। विज ने केरल सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें नागरिकता संशोधन कानून पर किसी अच्छे वकील से सलाह लेनी चाहिए।
विवाद सरकार चलाने में बाधक: हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सीएम और गृह मंत्री के बीच विवाद से सरकार चलाने में बाधा आती है। यह सरकार का अंदरूनी मामला है, लेकिन इस तरह की बातें पब्लिक में नहीं आनी चाहिए। गठबंधन सरकार में विचारों की कोई समानता नहीं है। सरकार ने अब तक अपना काम तक शुरू नहीं किया है।
कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का अता पता नहीं। सरकार ने अपनी दिशा नहीं दिखाई है। गरीब, किसान समेत हर वर्ग प्रदेश में परेशान है। इन्हीं कारणों के चलते जो प्रदेश नंबर वन हुआ करता था, वह आज प्रति व्यक्ति आय और निवेश में पंजाब से भी पीछे होते हुए 18वें नंबर पर है। सरकार में अता पता ही नहीं कि किसकी चल रही है, नंबर वन और नंबर दो की बात तो बाद में आती है।
गृह मंत्री को तो पता हो किसके फोन हो रहे टेप
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि प्रदेश में किसके फोन टेप हो रहे हैं इसके बारे में गृहमंत्री को तो जानकारी होनी चाहिए। गृह सचिव के आदेश पर फोन टेप होते हैं, अगर गृहमंत्री को नहीं पता है तो दाल में कुछ काला है। फोन टेपिंग मामले में अगर गृह मंत्री को भी संदेह है तो विपक्ष कैसे संदेह से बाहर हो सकता है।