एसवाईएल के मुद्दे पर खट्टर का चौंकाने वाला बयान
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक नहर) मुद्दे पर पंजाब सरकार की ओर से लिया गया फैसला बेअसर है। यह मुद्दा हरियाणा के लिए साफ तौर पर रावी-व्यास के पानी में हिस्से से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल मुद्दे पर जो व्यवस्था दी है, उसके बाद पंजाब की ओर से जल समझौतों को निरस्त करने का कोई औचित्य नहीं है। यह अधिनियम सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई व्यवस्था के बाद स्वत: ही निरस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला वर्ष 2005 से राष्ट्रपति संदर्भ के लिए लंबित है।
ऐसे में उनकी सरकार इसकी शीघ्र सुनवाई के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री खट्टर रविवार को यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि एसवाईएल का पानी न मिलने के कारण हरियाणा के दक्षिण हिस्से का एक बड़ा भाग डार्क जोन घोषित किया गया है। वहां पर भूगर्भीय जल स्तर 600 फीट से भी नीचे चला गया है।
पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण में रिपेरियन सिद्घांत के सहारे पंजाब द्वारा पानी पर हक जताने के बारे में पूछे गए प्रश्न पर सीएम खट्टर ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण राज्य सरकार की उपलब्धियों व भविष्य की योजनाओं पर आधारित होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी लेकर रहेगा।
अप्रैल में आएगी प्रदेश की नई उद्योग नीति
मुख्यमंत्री खट्टर ने बताया कि हरियाणा की नई उद्योग नीति अप्रैल माह के मध्य में आएगी। उन्होंने बताया कि इसके तहत निवेश मैत्री वातावरण उपलब्ध करवाया जाएगा।
उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि 7-9 जनवरी, 2015 तक गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर में हुए प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान कई निवेशकों ने हरियाणा में निवेश की इच्छा जाहिर की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रक्रियाओं को सरल करके निवेशकों की सुविधानुसार बना रहे हैं, ताकि सही वातावरण उपलब्ध होने से प्रदेश में निवेश बढ़े।
चार हजार गांवों में इंटरनेट सुविधा सितंबर तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम स्तर पर आईटी की पहुंच सुनिश्चित करवाने के लिए इस साल सितंबर तक 4000 गावों को 100 एमबीपीएस स्पीड की इंटरनेट कनैक्टिविटी से जोड़ने की योजना है।
उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालय स्थापित करने की घोषणा की गई है, इसके तहत ग्राम स्तर पर ही सरकारी कार्यालयों के लिए कंप्यूटरीकृत सेवाएं उपलब्ध होंगी। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश के लोगों का एक केंद्रीयकृत नागरिक डाटा-बेस तैयार किया जा रहा है।
इसके तहत जन्म से मृत्यु तक प्रत्येक नागरिक का पूरा रिकार्ड उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री खट्टर ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि जिला सचिवालयों में सीएम विंडो स्थापित किए जाने से प्रदेश के लोगों का अपनी समस्याओं के लिए चंडीगढ़ आना कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि पहले लोग चंडीगढ़ पहुंचकर नेताओं, अफसरों के दफ्तरों-घरों के चक्कर लगाते रहते थे। इससे भ्रष्टाचार भी बढ़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लोग सीएम विंडो पर अपनी शिकायतें दे सकते हैं।
खेमका पर चार्जशीट विभागीय प्रक्रिया
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाख खट्टर ने पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान वाड्रा लैंड डील मामले का खुलासा करके चर्चा में आए आईएएस अशोक खेमका को जारी की गई चार्जशीट के बारे में कहा कि यह पूर्व सरकार के समय का मामला है।
उन्होंने कहा कि विभागीय प्रक्रिया के तहत ही पूरी कार्रवाई की जा रही है और यह विभाग का अंदरूनी मामला है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही यह भी कहा कि ईमानदार अफसरों के कामकाज में सरकार कोई रुकावट नहीं आने देगी।
वहीं डीएलएफ-वाड़ा जमीन मामले की जांच कब शुरू होगी, इस सवाल को मुख्यमंत्री यह कहकर टाल गए कि भाजपा को प्रदेश की ढाई करोड़ जनता ने केवल एक मुद्दे के लिए जनादेश नहीं दिया। सरकार हर मुद्दे पर कार्य कर रही है।