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सीमा के अंदर है प्रदेश का कर्ज, हुड्डा कर्ज बढ़ने का राग अलापना बंद करें : मुख्यमंत्री मनोहर लाल
Tue, 02 Mar 2021 10:04 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 02 Mar 2021 10:04 PM IST
सार
- सीएम बोले- दो गुना से अधिक बढ़ा प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद
- कोरोना के कारण इस साल लिया है 29 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
- फोटो : फाइल फोटो।
विस्तार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश का कर्ज सीमा के अंदर है। हरियाणा का सकल घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) 2014-15 की तुलना दो गुना से ज्यादा बढ़ा है। राज्य सरकार एसजीडीपी का 25 फीसदी कर्ज ले सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा कर्ज बढ़ने का राग अलापना बंद करें।
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हुड्डा सरकार के समय 2014-15 में प्रदेश पर 70 हजार 900 करोड़ रुपये कर्ज था। बिजली वितरण कंपनियों के उदय के 27 हजार करोड़ रुपये को जोड़ दिया जाए तो यह 98 हजार करोड़ रुपये बनता है। बेहतर कार्यप्रणाली के कारण प्रदेश की एसजीडीपी बढ़ी है। 2014-15 में यह तीन लाख 99 हजार करोड़ थी, जो 2020-21 में बढ़कर आठ लाख 58 हजार करोड़ हो चुकी है।
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अभी हरियाणा पर एक लाख 98 हजार करोड़ रुपये कर्ज है। जो एसजीडीपी का 22.8 फीसदी बनता है, जबकि सरकार 25 प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अब जीडीपी के मुकाबले कर्ज लेने की सीमा बढ़ाकर 36 फीसदी कर दी है। अगर इसे बढ़ाने के बजाय कम कर 20 या 22 फीसदी भी कर दिया जाता तो भी सरकार अपने कर्ज को सीमा के भीतर ले आती।
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उन्होंने बताया कि सरकार ने कोरोना के कारण 2020-21 वित्तीय वर्ष में 29 हजार 500 करोड़ रुपये कर्ज लिया है। सरकार को कोरोना के कारण 12 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ, जिसे भी धीरे-धीरे कम कर रहे हैं। अभी राजस्व संग्रहण के लिए मार्च माह शेष है।