Haryana: लंबित परियोजनाओं पर CM ने जताई नाराजगी, अब 100 करोड़ से अधिक लागत तो पोर्टल से होगी मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फरीदाबाद से होडल तक जहां-जहां रैनीवेल आधारित परियोजनाएं बनाई गई हैं, उस क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन करवाया जाए। किसी भी सूरत में पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए नहीं किया जाए और पेयजल के अवैध दोहन पर भी नजर रखी जाए।
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लंबित परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नाराजगी जताई है। साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि जो समय अवधि शुरू में तय की जाती है, उसी में काम पूरा होना चाहिए। अगर किसी कारण काम पूरा नहीं होता है तो विभाग केवल एक बार समय अवधि बढ़ा सकता है, इसके बाद मुख्य सचिव या विभागीय मंत्री से अनुमति लेनी होगी।
वहीं, अब प्रदेश की 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं की मॉनिटरिंग पोर्टल करेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल लॉन्च किया। अब विभागों ने डीपीआर बनाने से लेकर अंतिम मंजूरी मिलने तक की सारी प्रक्रिया इस पोर्टल के माध्यम से होगी।
मुख्यमंत्री यहां प्रशासनिक सचिवों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 11 विभागों की 100 करोड़ रुपये से अधिक की 45 परियोजनाओं की एक-एक करके प्रगति रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं के लिए परियोजना मूल्यांकन और समीक्षा तकनीक (पीईआरटी) चार्ट बनाया जाना चाहिए, ताकि समयावधि, पूर्ण प्रतिशत और अपेक्षित उद्घाटन तिथि की स्थिति स्पष्ट हो सके।
ये परियोजनाएं पूरी या जल्द होंगी शुरू
- फिरोजपुर झिरका के 80 गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए 210 करोड़ से रैनीवेल परियोजना पूरी, सीएम जल्द करेंगे उद्घाटन।
- महेंद्रगढ़ के बालखी में 114 करोड़ से पानी आपूर्ति प्रणाली में सुधार का कार्य भी जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
- बाढ़डा क्षेत्र के 35 गांवों को नहर आधारित पेयजल आपूर्ति योजना साल के अंत तक पूरी होगी।
- नूंह में नगीना व पिंगवान ब्लॉक के 52 गांवों व 5 ढाणियों को जलापूर्ति प्रणाली में सुधार कार्य वर्ष के अंत तक पूरा होगा।
- फरीदाबाद में 325 करोड़ रुपये की लागत से सड़क तंत्र सहित विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी।
- भिवानी में 536 करोड़ रुपये से बने पंडित नेकी राम शर्मा मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में शुरू होंगे दाखिले।
- करनाल के कुटेल में पंडित दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस में साल के अंत तक ओपीडी सेवाएं शुरू होंगी।
- प्रदेश में 6 नर्सिंग कॉलेज और करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज चरण-2 का कार्य भी तय समयावधि में पूरा होगा।
पानी के अवैध दोहन पर रखें नजर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फरीदाबाद से होडल तक जहां-जहां रैनीवेल आधारित परियोजनाएं बनाई गई हैं, उस क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन करवाया जाए। किसी भी सूरत में पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए नहीं किया जाए और पेयजल के अवैध दोहन पर भी नजर रखी जाए। पुलिस पानी चोरी न होने दे और पानी के उचित प्रबंधन के लिए रेगुलेटरी सिस्टम तैयार किया जाए।
पिंजौर सेब मंडी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द व्यापार होगा शुरू
139 करोड़ रुपये की लागत से पिंजौर में बन रही सेब, फल व सब्जी मंडी का कार्य अंतिम चरण में है। चार वस्तुओं के लिए विभिन्न शेड का निर्माण किया जा चुका है, इनमें से 1 शेड वातानुकुलित है। 52 दुकानों में से 39 का आवंटन किया जा चुका है, शेष दुकानों की आवंटन प्रकिया चल रही है। जल्द ही इस मंडी में व्यापार होना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, गन्नौर में बनाई जाने वाली अंतरराष्ट्रीय मंडी का जून में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास किया जाएगा।
टेंडर में खामियां, सख्त कार्रवाई का आदेश
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय परिसर, करनाल की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस संबंध में पहले जारी टेंडर में कुछ कमियां या गलतियां पाई गई हैं और जिन कर्मचारियों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इसका समुचित समाधान निकाला जाए और इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
1900 करोड़ रुपये की 12 बड़ी परियोजनाएं पूरी
बैठक में मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि अब तक छह समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं और इसके परिणामस्वरूप आज तक 1900 करोड़ रुपये की 12 बड़ी परियोजनाएं पूरी हुई हैं। वर्तमान में 14 विभागों की 90 से अधिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिनमें से 45 की आज समीक्षा की गई।