सीएम मनोहर लाल बोले- सर छोटूराम ने कहा था, किसान अपने दुश्मनों को भी पहचानें
- हरियाणा के मुख्यमंत्री ने की रोड जाम आंदोलन को वापस लेने की अपील
- अपील के साथ-साथ सीएम ने विरोधियों को भी लिया निशाने पर
विस्तार
हरियाणा में किसान संगठनों के रोड जाम आंदोलन के खिलाफ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी मोर्चा संभाल लिया है। किसानों को समझाने के लिए इस बार सीएम ने किसानों के मसीहा दीनबंधु चौधरी सर छोटू राम की एक कथनी किसानों को याद करवाई। सीएम ने कहा कि वे स्वयं किसान पुत्र होने के नाते सभी किसान भाइयों से दीनबंधु चौ. सर छोटूराम की उस बात को याद करने की भी अपील करते हैं। जिसमें सर छोटूराम ने कहा था कि किसानों को अपने असली दुश्मन की पहचान होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस समय जो लोग केंद्र सरकार के अध्यादेशों को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, वे किसानों के असली दुश्मन हैं और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए किसानों की शक्ति का दुरुपयोग करना चाहते हैं। सीएम ने किसान संगठनों से अनुरोध किया कि वैसे तो आंदोलन की राह छोड़कर किसान अध्यादेशों की महत्ता को पहचाने। फिर भी यदि वे रविवार को रोड जाम आंदोलन करते हैं तो कार्यक्रम के दौरान यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों तथा यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
विशेषकर अस्पताल जा रहे मरीज, गर्भवती महिला, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों के रास्ते में कोई रुकावट न आए। मुख्यमंत्री ने किसानों से आंदोलन छोड़कर बातचीत के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि तीनों अध्यादेश पूरी तरह किसान हित में हैं और यह दुख की बात है कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए भोले-भाले किसानों को बरगला और भटका रहे हैं। उनके अनुसार लोकतंत्र में प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है। लेकिन आंदोलन का शांतिपूर्ण होना एवं कानून-व्यवस्था बने रहना भी जरूरी है।
उन्होंने किसानों को सचेत करते हुए यह भी कहा कि कई बार आंदोलन की आड़ में असमाजिक तत्व अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए हिंसा फैला देते हैं जिससे आंदोलन बदनाम होते हैं। इसलिए शरारती तत्वों से सावधान रहना बहुत जरूरी है। सीएम ने कहा कि हरियाणा का मुख्यमंत्री होने से पहले किसान होने के नाते उनके लिए किसान हित सर्वोपरि हैं।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार के अध्यादेशों में किसान के हित को जरा सी भी आंच आती होती तो वे इनका विरोध करने वाले पहले व्यक्ति होते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बार-बार किसान की फसल भविष्य में समर्थन मूल्य पर न बिकने का झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उनके कार्यकाल में हर सीजन में फसल का दाना-दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है और सरकार आगे भी एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विपक्षी नेताओं द्वारा केंद्र के अध्यादेशों से भविष्य में मंडियां बंद हो जाने की आशंका का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने संकल्प व्यक्त किया कि मंडी व्यवस्था पहले की तरह जारी ही नहीं रहेगी बल्कि पहले से भी अधिक मजबूत की जाएगी ताकि किसानों को फसल बेचने के लिए किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
दीपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार से पूछे पंद्रह सवाल
कृषि अध्यादेशों को लेकर विरोध कर रही कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार ने पंद्रह सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के नेता इन सवालों के जवाब दें। वरना किसानों को बरगलाना बंद करें। उन्होंने जजपा के संस्थापकों पर सरकार पलटने का हिडन एजेंडा बनाने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार ऐसे छुपे एजेंडे कांग्रेस नहीं जजपा बनाती है।
दीपेंद्र ने कहा कि हमने 15 सवालों की फेहरिस्त जारी करके गठबंधन सरकार ने जवाब मांगा है। सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि तीन नए कानून लागू होने से हरियाणा के किसानों को बहुत फायदा होने वाला है। अब यहां के किसान दूसरे राज्यों में अपनी फसल बेच कर मुनाफा कमाएंगे। साथ ही सरकार दावा कर रही है कि प्राइवेट एजेंसी अब किसानों को एमएसपी से भी ज्यादा रेट देंगी।
दीपेंद्र ने पूछा कि अगर ऐसा है तो सरकार बताए तो वो मंडियों के बाहर होने वाली खरीद पर किसानों को एमएसपी की गारंटी दिलवाने से क्यों इंकार कर रही है। एमएसपी से कम खरीद पर प्रतिबंध लगाकर, किसान को कम रेट देने वाली प्राइवेट एजेंसी पर कानूनी कार्रवाई की मांग को सरकार खारिज क्यों कर रही है। इसी तरह के कई सवाल है, जिनका जवाब सरकार से जनता और किसान चाहते हैं।