हरियाणा कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले, 20 से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र
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हरियाणा सरकार, सेना और केंद्रीय सुरक्षा पुलिस बल के भूतपूर्व सैनिकों में से 4500 विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) नौकरी पर रखेगी। साथ ही वर्तमान में कार्यरत 5500 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) का मानदेय 14000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 18000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया।
एसपीओ का मानदेय बढ़ाने से सरकार के कोष पर 21.60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार हर साल पड़ेगा। मंत्रिमंडल ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नरी में रात्रि पाली में गश्त के लिए लगाए गए 1000 एसपीओ के स्तर के बदलाव करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है ताकि सभी एसपीओ के बीच सामान्य ड्यूटी की एकरूपता लाई जा सके।
20 फरवरी से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र
हरियाणा विधानसभा का आगामी बजट सत्र 20 फरवरी 2019 से शुरू होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। सत्र के 28 फरवरी तक चलने की संभावना है। सत्र की अधिकारिक अवधि 20 फरवरी को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में ही तय होगी। मनोहर लाल सरकार का पांचवां व अंतिम बजट वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु 25 या 26 फरवरी को पेश कर सकते हैं। 20 फरवरी को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के अभिभाषण से बजट सत्र की शुरुआत होगी।
फार्मास्युटिकल क्षेत्र में दो हजार करोड़ का निवेश, 25 हजार नए रोजगार का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 25 हजार नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां हुई कैबिनेट बैठक में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हरियाणा फार्मास्युटिकल पॉलिसी-2019 को मंजूरी दे दी गई।
नीति के तहत करनाल में अत्याधुनिक फार्मा पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा समग्र उद्योग, शिक्षा और आरएंडडी पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा विकसित की जाएगी। सरकार हरियाणा को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में केंद्र के रूप में विकसित करना चाह रही है। नीति का मुख्य उद्देश्य फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए निवेशकों के अनुकूल और समयबद्ध निकासी वितरण प्रणाली के साथ सक्षम विनियामक वातावरण प्रदान करना है।
नई इकाइयों के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन निवेश श्रेणी के अनुसार लागू होगा। इसका उल्लेख हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 में है। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 के तहत दिए गए प्रोत्साहनों के अलावा राज्य में फार्मा पार्कों में स्थापित होने वाली सभी नई इकाइयां एक विशेष पैकेज प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगी।
तर्कसंगत दवाओं को मिलेगी मंजूरी
फार्मा उद्योग में नए निवेशकों के लिए विनियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा। सिंगल विंडो पोर्टल के साथ सभी फार्मा क्षेत्र से संबंधित मंजूरी एकीकृत होंगी। (इन्वेस्ट हरियाणा- www.investharyana.in) पूरी तरह से ऑनलाइन और सुव्यवस्थित तरीके से मंजूरी प्रदान करेगा। सरकार उन सभी तर्कसंगत दवाओं को मंजूरी देगी, जिन्हें पड़ोसी राज्य के लाइसेंसिंग अधिकारियों ने अप्रूव किया हुआ है व ड्रग्स अधिनियम की धारा 26-ए के तहत केंद्र सरकार से प्रतिबंधित नहीं हैं।
ये हैं नीति के उद्देश्य
. समग्र फार्मास्युटिकल क्लस्टर विकास पर ध्यान केंद्रित करना
. फार्मा पार्क में स्थापित इकाइयों को वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ प्रदान करना
. समर्पित और सुव्यवस्थित तरीके से राज्य में उद्यमियों का सहयोग करने के लिए गुणवत्ता वाले औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विकास
. फार्मा इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यमियों को रियायती दरों पर भूमि
. एकल खिड़की निकासी तंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से मंजूरी