हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक: दो मार्च से शुरू होगा बजट सत्र, सरकार विस में पेश करेगी जबरन धर्मांतरण रोकथाम विधेयक
पंजाब डिस्टिलरी नियम (हरियाणा राज्य में लागू) में नया नियम 16बी जोड़ा गया है। इससे डिस्टलरी में स्पिरिट के बाहर जाने के मापन के लिए फ्लो मीटर लगेंगे। निजी जमीन पर बनी किसी इमारत को 20 साल तक परिवार क्लेम कर पाएगा।
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विस्तार
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को अनेक अहम निर्णय लिए गए। ग्रुप सी-डी के खाली पदों पर सरकार जल्द भर्तियां करेगी। जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाएगा। शराब की अवैध की बिक्री रोकने के लिए प्रदेश की सभी डिस्टलरी में फ्लो मीटर लगाए जाएंगे। तर्कसंगत नहीं रहे बीस कानूनों को खत्म किया जाएगा। चिकित्सीय तौर पर अनफिट 65 वर्ष की आयु पूरा कर चुके नंबरदारों की सेवाएं भविष्य में नहीं ली जाएंगी। विधानसभा का बजट सत्र दो मार्च से शुरू होगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने धर्मांतरण के खिलाफ लाए जाने वाले विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन किए बिना कोई शादी करता है तो उस पर कोई रोक नहीं है। कोई पैसे के लालच में जबरन किसी का धर्म परिवर्तन करवाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कानून में सजा व जुर्माने का प्रावधान होगा। मंत्रिमंडल ने गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल 2022 को मंजूरी दे दी है। पिछले दिनों यमुनानगर, मेवात, गुरुग्राम और पानीपत जिले में जबरन धर्म परिवर्तन के मामले आए थे। इन्हें रोकने के लिए ही इस बिल को मंजूरी दी गई है। स्वेच्छा से धर्मांतरण के लिए डीसी के पास आवेदन करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट सत्र के संबंध में राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर को पत्र भेजा जाएगा। सत्र कितने दिन चलेगा व बजट कब पेश होगा, इसका फैसला कार्य सलाहकार समिति की बैठक में होगा। सत्र की शुरूआत राज्यपाल अभिभाषण के साथ होगी। बैठक में कुल 28 एजेंडा रखे गए। इसमें शाहाबाद चीनी मिल को 60 केएलपीडी एथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए 8.92 करोड़ रुपये कर्ज देने का निर्णय लिया गया।
पंजाब डिस्टिलरी नियम-1932 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब प्रदेश की सभी डिस्टिलरी में फ्लो मीटर लगाए जाएंगे, जिससे उनमें बन रही शराब व स्पिरिट की बोतलों की गिनती होगी। इसकी लगातार निगरानी सरकार करेगी। केंद्र सरकार की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने भी विधि आयोग की सिफारिश पर अनुपयोगी हो चुके 20 कानूनों को समाप्त करने का फैसला लिया है।
खाली पदों की जानकारी मांगी, ग्रुप सी के लिए दो टेस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप सी और डी के पदों को भरने के लिए सभी विभागों से 11 फरवरी तक डिमांड भेजने को कहा है। इसके बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को सूचित कर भर्तियों का विज्ञापन निकाला जाएगा। सीईटी यानि कॉमन एंट्रेंस टेंस्ट के लिए पोर्टल खोला जाएगा। अभी तक इस पोर्टल पर 8 लाख युवा पंजीकरण करा चुके हैं। जल्द इस प्रक्रिया को पूरा कर टेस्ट के बाद भर्ती सिरे चढ़ाई जाएगी। ग्रुप डी के लिए एक व ग्रुप सी की भर्ती के लिए दो टेस्ट होंगे।
65 साल आयु पूरी कर चुके नंबरदारों की चिकित्सीय जांच
मनोहर लाल ने कहा कि 65 वर्ष आयु पूरी कर चुके नंबरदारों की चिकित्सीय जांच होगी। जो भी नंबरदार इसमें फिट पाए जाएंगे, उनकी सेवाएं ही आगे जारी रखेंगे। अनफिट को सेवामुक्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा नंबरदारी में सरबरा प्रथा भी खत्म करेंगे। दिसंबर महीने की बुढ़ापा पेंशन 7 फरवरी को खातों में डाल दी गई है, जनवरी महीने की 8 फरवरी को डाली जा रही है। पेंशन को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जा रहा है। भविष्य में पात्र व्यक्तियों को कोई परेशानी नहीं आएगी। 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर खुद ब खुद पेंशन शुरू हो जाएगी।
नए मंत्रियों का स्वागत किया
बैठक के शुरू में नए मंत्रिमंडल सदस्यों देवेंद्र सिंह बबली व कमल गुप्ता का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। यह उनकी पहली बैठक थी। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली बार मुख्यमंत्री ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक शुरू होने से पूर्व स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
गैरकानूनी धर्मांतरण रोकथाम विधेयक इसलिए जरूरी
- गलत बयानी, बल, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी कपटपूर्ण तरीके से शादी कर धर्मांतरण किया जा रहा
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 255, 26, 27 और 28 के तहत धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी दी गई है। यह भारत के सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है।
- संविधान के अनुसार राज्य का कोई धर्म नहीं है। राज्य के सामने सभी धर्म समान हैं और किसी भी धर्म को दूसरे पर वरीयता नहीं दी जाएगी। नागरिक अपनी पसंद के किसी भी धर्म को अपनाने और प्रचार करने के लिए स्वतंत्र हैं।
- सामूहिक और व्यक्तिगत दोनों तरह के धर्मांतरण के कई मामले सामने आए हैं। अन्य धर्मों के कमजोर वर्गों को परिवर्तित करने के लिए एक छिपे हुए एजेंडे के साथ छद्म सामाजिक संगठनों की उपस्थिति है। जब भोले-भाले लोगों का प्रलोभन देकर या अनुचित प्रभाव में धर्मांतरण कर दिया गया।
- सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसे मामलों का न्यायिक नोटिस लिया है। इस तरह की घटनाएं न केवल धर्मांतरित व्यक्तियों की धर्म की स्वतंत्रता का उल्लंघन करती हैं, बल्कि समाज के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के खिलाफ हैं।
- जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सजा व अधिक दंड का प्रावधान जरूरी है।
- एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित होने वाला प्रत्येक व्यक्ति निर्धारित अधिकारी के सामने घोषणा करेगा कि धर्म परिवर्तन गलत बयान, बल प्रयोग, धमकी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी कपटपूर्ण तरीके से नहीं किया गया है। यह विवाह द्वारा या विवाह के लिए भी नहीं था।
- नियुक्त जांच अधिकारी ऐसे मामलों की जांच करेंगे। अगर धर्मांतरण शादी के लिए करवाया गया है तो ऐसे विवाहों को अमान्य घोषित किया जा सकेगा। नए कानून में इसका प्रावधान होगा।
विधानसभा में विधेयक के जरिये ये कानून होंगे खत्म
मंत्रिमंडल बैठक में निरसन विधेयक, 2021 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। विधेयक को अब विधानसभा में सदन पटल पर पारित करने के लिए रखा जाएगा। इसके तहत 20 अधिनियम निरस्त किए जाएंगे। ये पुराने हैं और अब उपयोग में नहीं हैं। विभागीय समिति ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विभिन्न पुराने एवं अप्रचलित अधिनियमों को निरस्त करने के संबंध में अपनी रिपोर्ट दी है। इनमें पंजाब नदी सीमा अधिनियम 1899, सरकारी भूमि का उपनिवेशीकरण (पंजाब)अधिनियम 1912, पंजाब जिला बोर्ड (कर सत्यापन) अधिनियम1927, पंजाब कर्ज माफी अधिनियम1934, पंजाब कॉपिंग फीस अधिनियम1936, पंजाब रिस्टिट्यूशन ऑफ मोर्गेज्ड लैंड्स एक्ट1938, पंजाब जागीर अधिनियम 1941, पूर्वी पंजाब स्थानीय प्राधिकरण (कार्यों के प्रतिबंध) अधिनियम 1947, पूर्वी पंजाब सीमा विस्तार अधिनियम 1947, पूर्वी पंजाब शरणार्थी पुनर्वास (ऋण एवं अनुदान) अधिनियम 1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी (दावों का पंजीकरण) अधिनियम 1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी पुनर्वास (भवन एवं भवन स्थल) अधिनियम 1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी पुनर्वास (गृह निर्माण ऋण)अधिनियम1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी भूमि दावों का पंजीकरण अधिनियम 1948, पंजाब जिला बोर्ड (कर सत्यापन) अधिनियम 1955, पंजाब भू राजस्व (विशेष मूल्यांकन) अधिनियम 1955, पंजाब भूदान यज्ञ अधिनियम 1955, अंबाला जिला बोर्ड कर सत्यापन अधिनियम 1956, पंजाब जागीर बहाली अधिनियम,1957 और पंजाब भू राजस्व विशेष मूल्यांकन (छूट) अधिनियम, 1962 शामिल हैं।