फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   haryana cabinet meeting, haryana govt, khattar govt, haryana news, political news

हरियाणा कैबिनेट बैठक, एंबुलेंस चालकों को मिला तोहफा

Fri, 11 Mar 2016 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 11 Mar 2016 10:03 AM IST
विज्ञापन
haryana cabinet meeting, haryana govt, khattar govt, haryana news, political news
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एंबुलेंस वाहनों पर लागू टैक्स की दर में घटाकर बड़ा तोहफा दिया गया। बैठक में टैक्स की दर चार फीसदी की राहत देने का फैसला लिया। इसके साथ ही गांवों में विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध सरकारी भूमि का प्रदेश के हित में उपयोग करने के उद्देश्य से चकबंदी के 1948 के अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दे दी।
विज्ञापन


मंत्रिमंडल ने एंबुलेंस के रूप में काम कर रहे सभी तरह के वाहनों के लिए टैक्स की एकमुश्त दर को वाहन के मूल्य के छह फीसदी से घटाकर दो प्रतिशत के बराबर करने का निर्णय लिया। इस तरह एकमुश्त कर को चार प्रतिशत घटाए जाने से एंबुलेंस मालिकों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ घटेगा और वे लोगों को बेहतर एंबुलेंस सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इसके अलावा ऐसे एंबुलेंस घायल रोगियों को नि:शुल्क परिवहन सेवा भी प्रदान करेंगे।
विज्ञापन


मंत्रिमंडल ने इसके साथ ही प्रदेश में वाणिज्यिक, औद्योगिक, संस्थागत या अन्य विकास कार्यों के लिए एक या एक से अधिक राजस्व संपदाओं या गांवों में विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध सरकारी भूमि का प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से पूर्वी पंजाब जोत (चकबंदी एवं विखंडन निवारण) अधिनियम 1948 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके तहत, भूमि जोत की अनिवार्य चकबंदी और कृषि जोत के विखंडन को रोकने और गांवों में सांझा उद्देश्यों के लिए भूमि आरक्षित करने का प्रावधान भी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संशोधन के बाद, अब चकबंदी अधिकारी संबंधित भूमि या संपदा में ग्राम सभा के परामर्श और संबंधित तहसीलदार या खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की उपस्थिति में चकबंदी प्रारूप को निर्धारित ढंग से प्रकाशित करेगा। पूर्वी पंजाब जोत (चकबंदी एवं विखंडन निवारण) द्वितीय संशोधन एवं वैधता अधिनियम, 1962 के लागू होने से पहले या बाद में यदि कोई व्यक्ति निपटान अधिकारी (चकबंदी) द्वारा जारी आदेशों से असंतुष्ट है तो वह ऐसा आदेश जारी होने के 30 दिन के भीतर चकबंदी के सहायक निदेशक को लिखित में अपील कर सकता है।


इस अधिनियम के तहत अनुमोदित जोत चकबंदी की योजना को प्राधिकारी की ओर से किसी भी समय विविध या आंशिक रूप से रद्द किया जा सकता है। जोत चकबंदी की योजना के लिए गठित ग्राम समिति में कम से कम 11 सदस्य होंगे और इसमें ग्राम पंचायत के सभी सदस्य तथा भू-स्वामियों के प्रतिनिधि होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed