चंडीगढ़ से जुड़ेगा गुरुग्राम, दौड़ेंगी शताब्दी जैसी ट्रेनें, जानें कैसा होगा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर
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हरियाणा में केएमपी के साथ पलवल से सोनीपत तक हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना की कुल लंबाई 121.742 किलोमीटर होगी। इसे हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, रेल मंत्रालय के साथ मिलकर मूर्तरूप देगा। निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण और ब्याज सहित कुल परियोजना लागत 5,566 करोड़ रुपये है। इस पर 14 नए स्टेशनों और तीन मौजूदा स्टेशनों सहित 17 स्टेशन होंगे।
23 प्रमुख जलमार्ग पुल, 195 लघु जलमार्ग पुल और तीन रेल फ्लाईओवर बनेंगे। इसके अलावा दो रोड ओवर ब्रिज और 153 रोड अंडर ब्रिज भी होंगे। सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में पलवल को सोनीपत से जोड़ने के लिए इस नई रेल परियोजना को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट मंत्री ओपी धनखड़ ने बताया कि एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) से ईएपी लोन के रूप में 2800 करोड़ रुपये समेत 3340 करोड़ रुपये ऋण लिया जाएगा।
कॉरपोरेशन या केंद्र सरकार के साथ परामर्श के दौरान होने वाले किसी भी परिवर्तन, संशोधन व परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों या बाधाओं के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। निर्माण के दौरान ट्रांजिट ओरियंटिड डेवलपमेंट (टीओडी) से 795 करोड़ रुपये के अग्रिम राजस्व अनुसार शुद्ध लागत 4771 करोड़ रुपये अनुमानित है।
इसमें से 70 प्रतिशत अर्थात 3340 करोड़ रुपये ऋण व 30 प्रतिशत अर्थात 1431 करोड़ रुपये इक्विटी होगी। कुल इक्विटी में से एचआरआईडीसी का इक्विटी शेयर 644 करोड़ रुपये, एचएसआईआईडीसी का 215 करोड़ रुपये, जीएमडीए का 71.5 करोड़ रुपये और निजी क्षेत्रों (मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, ऑल कार्गो तथा जेएम बैक्सी ग्रुप समेत) का इक्विटी शेयर 500.5 करोड़ रुपये होगा। भारतीय रेलवे 328.44 करोड़ रुपये की इक्विटी राज्य सरकार को उपलब्ध करवाएगी।
शताब्दी सुपरफास्ट जैसी ट्रेनें दौड़ेंगी, सीधा चंडीगढ़ से जुड़ेगा गुरुग्राम
यह रेल कॉरिडोर इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों का परिचालन सक्षम बनाएगा, जो दिल्ली को बाईपास करते हुए गुरुग्राम क्षेत्र को सीधे राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से जोड़ेगा। इससे यात्रा में समय भी कम लगेगा। यह दिल्ली को बाईपास करते हुए इस मार्ग पर शताब्दी सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का परिचालन सक्षम बनाएगा ताकि राज्य के लोगों को तेज, विश्वसनीय, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान की जा सके।
इसके अलावा परियोजना में गुरुग्राम या फरीदाबाद से विभिन्न भागों के लिए ट्रेन चलाने की सुविधा होगी। परियोजना में दिल्ली न जाने वाले माल वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तन की सुविधा भी होगी। इससे हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में मल्टीमॉडल हब विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे राज्य के असेवित (अनसर्वड) क्षेत्र खुलेंगे, जिससे राज्य की आर्थिक और सामाजिक गतिविधि बढ़ेगी।
अनेक कंपनियां करेंगी सहयोग
यह परियोजना आदर्श रूप से वाणिज्यिक वित्त पोषण मॉडल के अनुकूल है। इस परियोजना के प्रति प्रमुख सरकारी हितधारकों और परियोजना क्षेत्र के प्रमुख उद्योगों ने गहरी रुचि दिखाई है।
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम और गुरुग्राम के स्थानीय शासी निकाय, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना में इक्विटी शेयरधारकों के रूप में भाग लेने की पुष्टि की है। मारुति सुजुकी, ऑल कार्गो लॉजिस्टिक्स और जेएम बैक्सी ग्रुप जैसी निजी कंपनियों ने भी इक्विटी योगदान के साथ परियोजना में अपनी इच्छा जाहिर की है।