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अभिभाषण पर कांग्रेस-इनेलो का गतिरोध दुर्भाग्यपूर्ण : खट्टर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Tue, 15 Mar 2016 02:10 PM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (सदन नेता) ने सोमवार को विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण से पहले कांग्रेस व इनेलो के विधायकों के गतिरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय संविधान की परंपराओं के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण संविधान के तहत विधानसभा की एक आवश्यक और अनिवार्य प्रक्रिया है। नियमों के अनुसार कोई भी सदस्य इस पर गतिरोध उत्पन्न नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जब सर्वदलीय बैठक में निर्णय हो गया था और सभी पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर निर्णय से अवगत करवा दिया था, सदन में इस प्रकार के गतिरोध का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ सदस्यों की ओर से राज्यपाल के अभिभाषण की प्रतियों को सदन में फाड़े जाने को भारतीय संवैधानिक परंपराओं व गरिमा पर ठेस बताया।
अलग-अलग फैसले पर हजकां ने जताया एतराज
स्पीकर की ओर से कांग्रेस और इनेलो के खिलाफ प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने के बाद हरियाणा जनहित कांग्रेस के प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने विधानसभा में आज के दिन को काला दिन की संज्ञा देते हुए कहा कि पहले तो सदन की कार्यवाही ही समय पर शुरू नहीं की गई। फिर राज्यपाल के अभिभाषण के बाद स्पीकर उठकर चले और कार्यवाही स्थगित किए जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बाद में एक विधायक के जरिए स्थगन को 15 मिनट के लिए बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि सदन बड़े अजीब ढंग से चल रहा है, कांग्रेस और इनेलो दोनों ने ही राज्यपाल को अभिभाषण पढ़ने से रोका, लेकिन दोनों दलों पर कार्यवाही अलग-अलग की गई, जो भेदभाव दर्शाती है।
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उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण संविधान के तहत विधानसभा की एक आवश्यक और अनिवार्य प्रक्रिया है। नियमों के अनुसार कोई भी सदस्य इस पर गतिरोध उत्पन्न नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जब सर्वदलीय बैठक में निर्णय हो गया था और सभी पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर निर्णय से अवगत करवा दिया था, सदन में इस प्रकार के गतिरोध का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ सदस्यों की ओर से राज्यपाल के अभिभाषण की प्रतियों को सदन में फाड़े जाने को भारतीय संवैधानिक परंपराओं व गरिमा पर ठेस बताया।
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अलग-अलग फैसले पर हजकां ने जताया एतराज
स्पीकर की ओर से कांग्रेस और इनेलो के खिलाफ प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने के बाद हरियाणा जनहित कांग्रेस के प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने विधानसभा में आज के दिन को काला दिन की संज्ञा देते हुए कहा कि पहले तो सदन की कार्यवाही ही समय पर शुरू नहीं की गई। फिर राज्यपाल के अभिभाषण के बाद स्पीकर उठकर चले और कार्यवाही स्थगित किए जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बाद में एक विधायक के जरिए स्थगन को 15 मिनट के लिए बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि सदन बड़े अजीब ढंग से चल रहा है, कांग्रेस और इनेलो दोनों ने ही राज्यपाल को अभिभाषण पढ़ने से रोका, लेकिन दोनों दलों पर कार्यवाही अलग-अलग की गई, जो भेदभाव दर्शाती है।
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