{"_id":"597794ac4f1c1bb3088b458d","slug":"haryana-cabinate-meeting-all-major-decision","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा कैबिनेट: बिल्डर-डेवलपर्स की मनमानी पर नकेल, पढ़िए बड़ी बातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा कैबिनेट: बिल्डर-डेवलपर्स की मनमानी पर नकेल, पढ़िए बड़ी बातें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 26 Jul 2017 09:30 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में हाउसिंग प्रोजेक्ट में अब बिल्डरों और डेवलपरों की मनमानी नहीं चलेगी। इन पर शिकंजा कसने केउद्देश्य से सरकार ने हरियाणा रियल एस्टेट विनियमन और विकास नियम 2017 को मंजूरी दे दी है। केंद्र के रेरा को हरियाणा में हरेरा के नाम से जाना जाएगा।
सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की बैठक में इन नियमों को मंजूरी दी गई। सरकार ने इस पर सुझाव व आपत्तियां मांगी थीं। 28 अप्रैल 2017 को इन्हें अधिसूचित करने के बाद आए सुझावों और शिकायतों पर अमल कर सरकार ने हरेरा के प्रारूप को हरी झंडी दी है। इस माह की शुरुआत में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री राव इंद्रजीत और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इस पर चर्चा की थी।
बिल्डरों और डेवलपरों की मनमानी रोकने के साथ ही मकान खरीदारों के हितों का हरेरा में विशेष ध्यान रखा गया है। घर की बुकिंग के बाद कब्जा देने में अनावश्यक देरी के मामले भी अब इसी कानून के तहत निपटाए जाएंगे। माना जा रहा है कि इस कानून के लागू होने पर हाउसिंग प्रोजेक्ट में पारदर्शिता बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की बैठक में इन नियमों को मंजूरी दी गई। सरकार ने इस पर सुझाव व आपत्तियां मांगी थीं। 28 अप्रैल 2017 को इन्हें अधिसूचित करने के बाद आए सुझावों और शिकायतों पर अमल कर सरकार ने हरेरा के प्रारूप को हरी झंडी दी है। इस माह की शुरुआत में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री राव इंद्रजीत और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इस पर चर्चा की थी।
विज्ञापन
बिल्डरों और डेवलपरों की मनमानी रोकने के साथ ही मकान खरीदारों के हितों का हरेरा में विशेष ध्यान रखा गया है। घर की बुकिंग के बाद कब्जा देने में अनावश्यक देरी के मामले भी अब इसी कानून के तहत निपटाए जाएंगे। माना जा रहा है कि इस कानून के लागू होने पर हाउसिंग प्रोजेक्ट में पारदर्शिता बढ़ेगी।
विज्ञापन
कैबिनेट की प्रमुख बातें
. प्रमोटरों, उनके संघों, आवंटी कल्याण संघों और निजी व्यक्तियों से 1874 सुझाव व आपत्तियां प्राप्त हुईं।
. निदेशक नगर एवं ग्राम आयोजना की अध्यक्षता वाली अधिकारियों की कमेटी ने सभी सुझावों व आपत्तियों की जांच की
. केंद्रीय अधिनियम कमजोर नहीं किया गया
. चालू परियोजना की परिभाषा में संशोधन का अभिप्राय ऐसी परियोजना से है, जिसके लिए एक मई 2017 या इससे पहले हरियाणा शहरी क्षेत्र का विकास एवं विनियमन अधिनियम 1975 के तहत विकास के लिए लाइसेंस जारी किया गया था।
. रिहायशी/औद्योगिक प्लाटेड कालोनी के मामले में दर कालोनी के कुल क्षेत्र के लिए लागू होगी।
ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक/साइबर पार्क के मामले में दरें 100 एफएआर के लिए हैं और अधिक एफएआर के लिए अनुपातिक रूप से लागू होंगी।
. धारा 59 की उपधारा (2) के तहत कारावास के साथ दंड सहित रियल एस्टेट परियोजना की अनुमानित लागत का 5 से 10 प्रतिशत
. धारा 64 के तहत कारावास के साथ दंडनीय रियल एस्टेट परियोजना की अनुमानित लागत का 5 से 10 प्रतिशत
. धारा 68 के तहत कारावास के साथ दंडनीय प्लाट, अपार्टमेंट या भवन जैसा भी मामला हो, की अनुमानित लागत का 5 से 10 प्रतिशत
. निदेशक नगर एवं ग्राम आयोजना की अध्यक्षता वाली अधिकारियों की कमेटी ने सभी सुझावों व आपत्तियों की जांच की
. केंद्रीय अधिनियम कमजोर नहीं किया गया
. चालू परियोजना की परिभाषा में संशोधन का अभिप्राय ऐसी परियोजना से है, जिसके लिए एक मई 2017 या इससे पहले हरियाणा शहरी क्षेत्र का विकास एवं विनियमन अधिनियम 1975 के तहत विकास के लिए लाइसेंस जारी किया गया था।
. रिहायशी/औद्योगिक प्लाटेड कालोनी के मामले में दर कालोनी के कुल क्षेत्र के लिए लागू होगी।
ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक/साइबर पार्क के मामले में दरें 100 एफएआर के लिए हैं और अधिक एफएआर के लिए अनुपातिक रूप से लागू होंगी।
. धारा 59 की उपधारा (2) के तहत कारावास के साथ दंड सहित रियल एस्टेट परियोजना की अनुमानित लागत का 5 से 10 प्रतिशत
. धारा 64 के तहत कारावास के साथ दंडनीय रियल एस्टेट परियोजना की अनुमानित लागत का 5 से 10 प्रतिशत
. धारा 68 के तहत कारावास के साथ दंडनीय प्लाट, अपार्टमेंट या भवन जैसा भी मामला हो, की अनुमानित लागत का 5 से 10 प्रतिशत