तिरस्कार से आहत माननीय : बजट सत्र में विधायक ने कहा- विधानसभा में घूरता है एक बड़ा अधिकारी
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हरियाणा विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने उचित मान-सम्मान न मिलने और तिरस्कार किए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लिखकर दो, विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएंगे। बादली से विधायक कुलदीप वत्स और असंध से विधायक शमशेर गोगी ने अपनी पीड़ा सदन में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष बयान की।
वत्स ने कहा कि एक बड़ा अधिकारी विधानसभा की अधिकारी दीर्घा में बैठकर उन्हें घूरता है। उनके साथ यह 4-5 बार हो चुका है। उस अधिकारी के खिलाफ उनके पास भ्रष्टाचार के सुबूत हैं। सुबूतों को वह विधानसभा अध्यक्ष महोदय को सौंप देंगे। उनकी जांच कराई जाए। अगर सुबूत सही मिले तो अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करें, नहीं तो मेरे खिलाफ करें।
वत्स ने अधिकारियों पर विधानसभा को गुमराह करने व गलत रिपोर्ट भेजने के भी आरोप लगाए हैं। यह आरोप बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के संबंध में थे। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि अगर अधिकारी गलत रिपोर्ट देते हैं और विधायक के पास साक्ष्य हैं तो लिखित में दें, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह घूरने के मामले में भी लिकखर दें, विशेषाधिकार हनन नोटिस सदन में लाया जाएगा। उनके पास विधायकों ने अधिकारियों के खिलाफ जो भी शिकायतें दी हैं, उनमें कार्रवाई अवश्य हुई है। इसमें वह पक्ष, विपक्ष नहीं देखते।
कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी ने पिछली बरसात के समय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि डीसी करनाल से फोन पर मिलने का समय लिया। डीसी ने सुबह दस बजे बुलाया लेकिन खुद एक घंटे तक नहीं आए। उसके बाद पीए ने फोन कर बताया कि विधायक इंतजार कर रहे हैं तो डीसी ने कहा पांच मिनट में आ रहे हैं लेकिन आधे घंटे बाद पहुंचे।
विधायक ने कहा कि इस तिरस्कार से आहत होकर वह वापस लौट आए। उसके बाद कभी डीसी को फोन भी नहीं किया। गोगी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष साहब बताओ इस मामले की शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई। डीसी ने क्या जवाब दिया है, ये भी आपने नहीं बताया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनके पास जवाब आ गया है, वे उनके कक्ष में आकर जानकारी ले लें। गोगी ने जवाब जानने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में उनके समक्ष मांग उठाई कि डीसी को विधानसभा में बुलाकर आमने-सामने बातचीत हो। चूंकि, डीसी की दलील से वह सहमत नहीं हैं।
अधिकारियों की इतनी हिम्मत कैसे हो गई : किरण
कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि अधिकारियों की इतनी हिम्मत कब से हो गई। वे विधायकों को सदन में घूर कर देखें। विधायक को बुलाकर डीसी मिलने ही नहीं आएं। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जब वह दिल्ली में डिप्टी स्पीकर थीं तो उन्होंने जन प्रतिनिधियों का तिरस्कार करने वाले अनेक अधिकारियों पर कार्रवाई की। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किरण जी जो भी अच्छे काम आपने दिल्ली में किए हैं बताएं। उनका लाभ यहां भी उठाएंगे।
शाम को विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी शिकायत
देर शाम विधायक कुलदीप वत्स ने उक्त अधिकारी के व्यवहार को लेकर विधानसभा अध्यक्ष कक्ष में लिखित शिकायत भी दे दी। उन्होंने यह भी दावा किया उनके पास उक्त अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के साक्ष्य भी हैं।