हरियाणा बजट में ये है खास: गांवों में जिला परिषद चलाएंगी स्कूल व पीएसची, शहरों के लिए दिव्य नगर योजना
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य सूचकांक तैयार करने के लिए सरकार ग्रामीण खंडों व शहरी निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी। इसके लिए मिशन अभ्युदय खंड व अभ्युदय नगर कार्यक्रम शुरू होगा।
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हरियाणा के गांवों में सरकारी स्कूलों व पीएचसी को अब जिला परिषद चलाएंगी। शहरों में पीएचसी संचालन का जिम्मा नगर पालिकाओं हाथों में रहेगा। तय फार्मूले के अनुसार इन्हें अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही शहरों के लिए सरकार दिव्य नगर योजना व नगर दर्शन पोर्टल शुरू करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को बजट भाषण में इसकी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों की मरम्मत भी अब जिला परिषद के हवाले की जाएगी। अभी राज्य कृषि विपणन बोर्ड यह कार्य करता है। जिला परिषद को सड़क निर्माण के लिए बजट का प्रावधान मार्केट फीस से किया जाएगा। जिला परिषद ग्रामीण सड़कों के रखरखाव के लिए बजट तैयार करने का काम अगले 6 महीने में शुरू करेंगी। इसके अलावा 19 जिलों में एकीकृत कमांड व नियंत्रण केंद्र बनेंगे।
गुरुग्राम, करनाल, फरीदाबाद में ये बन चुके हैं। सरकार ने शहरी निकायों व पंचायतों से अपने वित्तीय संसाधन बढ़ाने का भी आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छठे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार सरकार के कर संसाधनों से प्राप्त राजस्व का 7 प्रतिशत पंचायतों व निकायों को मिलेगा। इसका अनुपात 55:45 रहेगा।
जिला परिषदों की निधि का अनुपात 10 से 15 प्रतिशत किया जाएगा। साथ ही हरियाणा शहरी विकास कोष भी गठित होगा। सरकार शहरी विकास कोष के अलावा ग्रामीण विकास कोष के लिए कर संसाधनों से आने वाले राजस्व का एक प्रतिशत आवंटित करेगी। वित्तीय तौर पर कमजोर निकायों में विकास प्रभावित नहीं होने देंगे। शहरी विकास कोष से राशि दी जाएगी। इसके लिए स्थानीय निकाय विकास निधि पोर्टल पर मौजूद जानकारी को आधार बनाया जाएगा। निकायों के वास्तविक राजस्व में गड़बड़ी होने पर अनुदानों में कटौती जाएगी।
मिशन अभ्युदय खंड व अभ्युदय नगर कार्यक्रम शुरू होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य सूचकांक तैयार करने के लिए सरकार ग्रामीण खंडों व शहरी निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी। इसके लिए मिशन अभ्युदय खंड व अभ्युदय नगर कार्यक्रम शुरू होगा। दिव्य नगर योजना के तहत निकायों में वाटिका क्लस्टर, ऑक्सीवन, पार्क, हरित स्थल, सार्वजनिक पुस्तकालय, सांस्कृतिक केंद्र, खेल सुविधाओं के ढांचे विकसित करने के लिए 60 प्रतिशत राशि सरकार व 40 प्रतिशत निकाय खर्च करेंगे।
शहरों-गांवों में ये होगा खास
- अग्नि सुरक्षा के बुनियादी ढांचे, अग्निशमन केंद्रों के आधुनिकीकरण के लिए वर्तमान राशि पांच गुणा बढ़ेगी
- रोहतक, पानीपत, यमुनानगर व हिसार शहर में सामान्य बसों के साथ सुव्यवस्थित इलेक्ट्रिक परिवहन सेवा शुरू करेगी
- शहरों में ट्रेड लाइसेंस लेने की प्रक्रिया आसान की जाएगी, नगरपालिका अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। इससे उद्यमियों व व्यावसायियों को प्रतिवर्ष ट्रेड लाइसेंस नहीं लेना होगा
- 10 हजार से अधिक आबादी वाले महाग्राम में सीवरेज, पाइप, पेयजल व स्ट्रीट लाइट सरकार मुहैया कराएगी
- गांवों में पुस्तकालय बनाए जाएंगे। सरकार धनराशि देगी। अगले तीन वर्ष में चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में ई-लाइब्रेरी खोलेंगे