अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: इस बार का बजट महिलाओं को समर्पित, पढ़ें- हरियाणा सरकार ने आधी आबादी को क्या दी सौगात
भाजपा-जजपा सरकार का आम बजट दूरगामी है। इसमें विकास के नए आयाम स्थापित करने की सोच तो है ही, साथ में महिला, गरीब, किसान, युवा व प्रदेश उत्थान का संकल्प भी है। नारी शक्ति को साधने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आधी आबादी को अनेक सौगातें मिलीं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा का 2022-23 का बजट महिलाओं को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि नारी के बिना समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हरियाणा की महिलाओं ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक क्षेत्रों में अपना परचम लहराया है।
हरियाणा विधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष सन्नों देवी व प्रथम महिला उपाध्यक्ष लेखवती जैन का वह जिक्र करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि यह इस बात को दर्शाता है कि शुरू से ही सदन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहा है। सदन से अनुरोध है कि पंचायती राज संस्थानों में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व महिलाओं को देने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाए।
महिलाओं को ये मिलीं सौगातें
- हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना की घोषणा, सरकार तीन लाख रुपये तक आसान कर्ज दिलाएगी। हरियाणा महिला विकास निगम तीन वर्ष तक ब्याज में सात प्रतिशत तक की छूट देगा।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के नाम पर राज्य स्तरीय पुरस्कार। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम योगदान देने वाली महिलाओं को पांच लाख रुपये व प्रशस्ति पत्र मिलेगा
- कामकाजी महिलाओं के लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला में आवास बनेंगे
- सहभागिता के जरिये तीन महिला आश्रम का निर्माण होगा
- भिवानी जिले के कुडल, छापर व सोनीपत के गन्नौर में महिला कॉलेज खोले जाएंगे
- 10,000 स्वयं सहायता समूह स्थापित करने का लक्ष्य। 1.80 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के कर्ज की ब्याज राशि सरकार वहन करेगी लगभग 50,000 परिवारों को लाभ होगा
- बेटियों को सुरक्षित व सुलभ परिवहन सुविधा के लिए साथी योजना
- पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व नौ से 15 प्रतिशत करने के लिए 1000 महिला पुलिसकर्मी भर्ती की जाएंगी
- आंगनबाड़ी कर्मियों को दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख की जगह तीन लाख रुपये मिलेंगे
- पीएम मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती व स्तनपान करानी वाली महिलाओं को दूसरे बच्चे पर भी 5000 रुपये मिलेंगे
भाजपा-जजपा सरकार का आम बजट दूरगामी है। इसमें विकास के नए आयाम स्थापित करने की सोच तो है ही, साथ में महिला, गरीब, किसान, युवा व प्रदेश उत्थान का संकल्प भी है। नारी शक्ति को साधने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। अबकी बार वित्तीय प्रबंधन को नई कसौटी पर कसा गया। सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और सुविधाएं प्रदान करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। हरित विकास उद्देश्यों के लिए जलवायु एवं सतत विकास कोष, वैज्ञानिक गतिविधि और छात्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं नवाचार कोष और स्टार्ट-अप की सहायता के लिए उद्यम पूंजी कोष बनाए जाएंगे।