फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana budget 2020: Many announcements for farmers in Haryana budget

मनोहर सरकार ने किसानों को दी बड़ी सौगातें, ऐसे मिलेगा ब्याज रहित कर्ज, पढ़ें- अनेक योजनाएं

Sat, 29 Feb 2020 01:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 29 Feb 2020 01:39 AM IST
सार

  • प्राकृतिक खेती को दिया जाएगा बढ़ावा, किसानों के लिए अनेक योजनाएं।
  • सीएम ने 12 प्रमुख योजनाओं का बजट भाषण में किया जिक्र।

विज्ञापन
Haryana budget 2020: Many announcements for farmers in Haryana budget
किसान - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हरियाणा के अन्नदाता को मनोहर सरकार ने अपने पाले में लाने के लिए कसरत शुरू कर दी है। 2020-21 के बजट में किसानों के लिए अनेक घोषणाएं हुई हैं। इसे 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के साथ ही नाराज अन्नदाता को मनाने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। फसलों की ज्यादा पैदावार के लिए सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही जहरीली होती खेती को बचाने व जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने प्राकृतिक व अल्प बजट खेती की ओर कदम बढ़ाए हैं। 

विज्ञापन


अल्प बजट व प्राकृतिक खेती का मूलमंत्र गुजरात के राज्यपाल व हरियाणा में गुरुकुल के संचालक आचार्य देवव्रत का दिया हुआ है। जिस पर सरकार ने कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। कृषि व किसान कल्याण से जुड़ी गतिविधियों के लिए सरकार ने कुल 6481.48 करोड़ का बजट रखा है। ये 2019-20 के बजट से 5230.54 करोड़ रुपये की तुलना में 23.92 प्रतिशत ज्यादा है। 
विज्ञापन


इसमें कृषि क्षेत्र के लिए 3364.90 करोड़, पशुपालन के लिए 1157.41 करोड़, बागवानी के लिए 492.82 करोड़ और मत्स्य पालन के लिए 122.42 करोड़ रुपये शामिल है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने वर्ष 2020-21 में 55 हजार एकड़ में मत्स्य पालन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिंचाई के लिए नहीं बजट की कमी
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने खूब बजट दिया है। उन्होंने वर्ष 2020-21 में सिंचाई व जल संसाधन विभाग के लिए 4960.48 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। ये वर्ष 2019-20 के संशोधित बजट अनुमान 2994.63 करोड रुपये से 65.65 प्रतिशत अधिक है।

ग्रामीण विकास के बजट में भी इजाफा

सरकार ने ग्रामीण विकास को भी खासा तवज्जो दी है। इस बार 6294.79 करोड़ रुपये का बजट इसके लिए रखा गया है। ये 2019-20 के संशोधित बजट अनुमान 5164. 36 करोड़ की तुलना में 21.89 फीसदी अधिक है। विकास एवं पंचायत विभाग को अगले से भी बजट दिया है।

बजट से गांव, गरीब, किसान का होगा भला: दुष्यंत
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बजट को गांव, गरीब व किसान हितैषी बताया है। उन्होंने कहा कि इससे तीनों वर्गों की समस्याएं दूर होंगी। हरियाणा की अर्थव्यवस्था में कृषि का अहम योगदान है। सीएम ने बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ दिया है। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि सरकार सही दिशा में जा रही है। कृषि, किसान कल्याण व सिंचाई विभाग के लिए दिल खोलकर बजट आवंटित कर सीएम इन किसानों का हितैषी होने का परिचय दिया है।

कृषि क्षेत्र के लिए ये भी प्रावधान

  • फसल बीमा योजना किसानों के लिए अब स्वैच्छिक।
  • 2020-21 में कृषि व किसान कल्याण विभाग के प्रत्येक खंड कार्यालय में फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि उपलब्ध रहेंगे।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भविष्य में ट्रस्ट मॉडल की रूपरेखा पर चलाने पर भी विचार।
  • मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत भी फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान करने का प्रावधान।
  • अटल भूजल योजना को पानी की कमी वाले 36 खंडों में सुचारू रूप से चलाने के लिए कानूनी ढांचा बनेगा।

 

  • सॉयल हेल्थ कार्ड को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा।
  • 11 लाख एकड़ भूमि लवणीय व जलभराव की समस्या से प्रभावित, 2020-21 में एक लाख एकड़ भूमि को सुधारने का लक्ष्य। मिशन मोड में पीपीपी के तहत बढ़ावा देंगे।
  • अगले महीने अल्प बजट प्राकृतिक खेती पर राज्यस्तरीय कार्यशाला।
  • गोदामों में चोरी रोकने के लिए भण्डारण निगम, हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सभी गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस वर्ष 52 गोदामों में कैमरे लगाने का लक्ष्य।
  • फसल विविधिकरण को अपनाने वाले किसान मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किए जाएंगे।
  • एक किसान दूसरे किसानों के कृषि उपकरणों जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर, कंबाइन हारवेस्टर इत्यादि का उपयोग कर सके, इसके लिए किसान कल्याण प्राधिकरण एक मोबाइल ऐप बनाएगा।
  • विद्यालयों और महाविद्यालयों के विज्ञान के विद्यार्थियों को मिट्टी व जल परीक्षण के लिए प्रशिक्षित करेंगे, उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा, वे प्राध्यापक की देख-रेख में मिट्टी व जल परीक्षण का काम एक प्रमाणित व्यवसायी के रूप में कर सकेंगे।
  • सभी पात्र छोटे व सीमांत किसानों को मशीनों व कृषि यंत्रों पर अनुदान बिना लाटरी के।

 

  • छोटे कृषि उपकरणों के निर्माताओं को भी सब्सिडी।
  • पैक हाउस, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्रीकूलिंग, राइपनिंग चैंबर, मधुमक्खी पालन, शहद प्रसंस्करण, टिशू कल्चर, झींगा एवं मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, बल्क दूध शीतकरण व एफपीओ द्वारा स्थापित 20 किलोवाट लोड तक के कोल्ड स्टोर को 2.75 रुपये प्रति यूनिट सस्ती बिजली।
  • वर्ष 2022 तक 1000 और नए किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे।
  • किसान उत्पादक सगठनों को प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता।
  • टमाटर, प्याज, आलू, किन्नू, अमरूद, मशरूम, स्ट्राबेरी, अदरक, गोभी, मिर्च, बेबीकॉर्न, स्वीटकॉर्न की प्रोसेसिंग के लिए राज्य में चिह्नित फसल समूहों में नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी। खाद्य सामग्री को पैकिंग व ब्रांडिंग के साथ बिक्रय हेतु वीटा एवं हैफेड की तर्ज पर राज्य भर में चिह्नित स्थानों पर 2000 आधुनिक बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

 

  • सेक्स सोर्टिड सीमन पशुपालकों को मात्र 200 रुपये प्रति स्ट्रा की रियायती दर पर मिलेगा।
  • गौशालाओं में बेसहारा पशुओं के नियंत्रण व आश्रय प्रदान करने के लिए प्रावधान को 30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया।
  • खारे पानी के मत्स्य फार्म के तहत जल क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा और दो बड़े पेल्लेट फीड मिल प्लांट और 10 छोटे फीड मिल प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
  • पहली बार 250-250 एकड़ क्षेत्रों में कैट फिश तथा पिलापिया कल्चर शुरू की जाएंगी। मत्स्य पालन के लिए सामुदायिक भूमि की खुदाई भी की जाएगी।
  • झींगा किसानों के लिए एक प्रॉन चिल्लिंग एंड प्रोसेसिंग सेंटर बनाया जाएगा। किसानों को कोल्ड चेन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
  • पंचकूला में टिक्करताल, यमुनानगर, करनाल और पानीपत में पश्चिमी यमुना नहर जैसे प्राकृतिक जलाशयों में घटती मछली प्रजातियों के संरक्षण से प्राकृतिक मछलियों का संरक्षण और संवर्धन।
  • परंपरागत मछली पालन प्रजातियों से हटकर नई कैटफिश प्रजातियों का पालन आरंभ किया जाएगा। 
  • लगभग 2500 एकड़ जलमग्न क्षेत्र को मत्स्य पालन के अधीन लाने के लिए बजट में प्रावधान।


किसान ऐसे पा सकेंगे ब्याज रहित कर्ज

  • किसान निर्धारित समय पर ऋण की अदायगी करे।
  • किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर लिए गए सभी सहकारी ऋणों को घोषित करे।
  • फसल के खरीद मूल्य में से ऋण की सीमा तक की अदायगी खरीद एजेंसी सीधे उस संस्था के खाते में जमा करवाई जाएगी, जिससे किसान ने ऋण लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed