देश की अर्थव्यवस्था को पाच ट्रिलियन डॉलर बनाने में मदद करेगा हरियाणा, बजट में दिखी झलक
- हरियाणा ने अपने बजट में केंद्र के लक्ष्य में विलक्षण व प्रभावी सहयोग का दम भरा।
- ज्यादा कर्ज न बढ़े, राजस्व घाटा कम हो, विकास चलता रहे, इसके लिए खास फार्मूले पर काम करेगी सरकार।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के इरादे को हरियाणा भी अपने ढंग से मजबूती देगा। इसका संकल्प हरियाणा के आम बजट में आज देखने को मिला। सीएम मनोहर लाल ने दावा किया केंद्र सरकार के इस राष्ट्रीय लक्ष्य में हरियाणा भी अपना विलक्षण और प्रभावी सहयोग देगा। इसके लिए प्रदेश पर कर्ज ज्यादा न बढ़े, प्रभावी राजस्व घाटा शून्य हो और विकास की रफ्तार भी न रूके, इसके लिए सरकार एक खास फार्मूले पर काम करेगी।
चूंकि हरियाणा के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बतौर वित्तमंत्री प्रदेश का बजट पेश किया है। इसलिए उक्त संकल्पों को लेकर बजट पेश करते वक्त सीएम मनोहर लाल उत्साह से लबरेज भी दिखाई दिए। उन्होंने प्रदेश का बजट तैयार करने में जहां पूरी ‘मुनीमगिरी’ दिखाई, वहीं कम से कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा विकास कैसे हो, इसका भी रोडमैप पेश किया।
बजट में सीएम ने अर्थव्यवस्था के आकार और वृद्धि की गणित समझाया तो साथ ही राजकोषीय घाटा कैसे कम होगा, इसकी भी जानकारी दी। सीएम ने दावा किया कि वर्ष 2019-20 के दौरान जहां देश की आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत है तो वहीं हरियाणा की आर्थिक वृद्धि दर 7.75 प्रतिशत रही। सीएम का कहना है कि यह गर्व की बात है कि हमारा यह छोटा सा राज्य देश की अर्थव्यवस्था के विकास में एक बड़ा इंजन सिद्ध हो रहा है। प्रति व्यक्ति आय भी मौजूदा वित्त वर्ष में 169409 रुपये प्रति वर्ष से बढ़कर 180026 होने का दावा किया गया है।
हरियाणा राजकोषीय घाटे को चौदहवें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित जीडीपी की 3 प्रतिशत की सीमा के अंदर रखने में भी सफल रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष में ये घाटा 2.82 प्रतिशत ही रहेगा। जबकि हमारा कुल कर्जा भी पिछले तीन साल से जीएसडीपी की 25 प्रतिशत निर्धारित सीमा के अंदर रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष में भी यह 21.26 प्रतिशत ही रहेगा। प्रदेश का राजस्व घाटा भी वर्ष 2016-17 से अब तक अपेक्षाकृत कम हुआ है। ये घाटा जीएसडीपी का 1.63 प्रतिशत से कम होकर 1.01 प्रतिशत हो गया है। जबकि बीच में यह एक साल बढ़ा भी।
इसे नफे-नुकसान के गणित में अच्छी बात यह भी रही कि प्रदेश का पूंजीगत व्यय यानी प्रदेश के विकास में खर्च होने का वाला बजट बढ़ा भी है। वर्ष 2016-17 में यह पूंजीगत व्यय जहां 16653.84 प्रतिशत था, वो वर्ष 2018-19 में 33246.11 करोड़ रहा। जबकि मौजूदा वित्त वर्ष अभी चल रहा है।
राजस्व घाटे में ही प्रदेश का प्रभावी राजस्व घाटा भी अगले 5 सालों में 0 प्रतिशत लाने का दम भरा गया है। सीएम ने सदन में कहा कि हम अपने उक्त प्रयासों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के सपने को पूरा करने में प्रभावशाली ढंग से प्रयास करेंगे। मुझे भरोसा है कि प्रदेश का ये बजट इस मार्ग को सुगम एवं प्रशस्त करेगा।