हरियाणा विधानसभा में गूंजे योगगुरु और हंगामा शुरू
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योग गुरु बाबा रामदेव को हरियाणा का ब्रांड एंबेसेडर बनाए जाने पर विधानसभा में वीरवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन में सरकार जहां अपने फैसले का बचाव करती नजर आई। वहीं अचानक हाथ आए मौके को कांग्रेस ने लपका और सरकार पर सवालों की झड़ी लगा दी। सदन में हंगामे और शोर के बीच कांग्रेसी खेमे की ओर से दागे गए कई सवाल स्पष्ट नहीं हो सके।
विधानसभा में जारी बजट सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जब कांग्रेस के कर्ण दलाल अपनी बात रख रहे थे, तब बाबा रामदेव को प्रदेश का ब्रांड एंबेसेडर बनाने का मामला उठा।
इसका कांग्रेस की ओर से विरोध किया गया। कर्ण दलाल ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि बाबा रामदेव पुत्र प्राप्ति के लिए ऐसी दवा बेच रहे हैं, जिसका नाम पुत्र-जीवक दवा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि भाजपा सरकार प्रदेश में बेटी बचाओ अभियान चला रही है और बाबा पुत्र पैदा होने की दवा बेच रहे हैं।
बाबा कोई संन्यासी नहीं हैं
कांग्रेसी विधायकों का कहना था कि बाबा कोई संन्यासी नहीं हैं। कुछ कांग्रेसी विधायकों ने कहा कि ऐसा व्यक्ति ब्रांड एंबेसेडर नहीं हो सकता। उस पर हस्तक्षेप करते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सदन को बताया कि बाबा रामदेव की इस दवा की जांच कराई गई। यह दवा पुत्र पैदा होने की गारंटी नहीं देती, बल्कि यह फर्टिलिटी (गर्भधारण) की दवा है।
उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में प्रदेश सरकार के साथ हैं। विज ने कहा कि वे स्वयं बाबा रामदेव से मिले हैं और उनसे प्रदेश में योगा व आयुर्वेद के प्रसार को लेकर बातचीत हुई हैं।
कांग्रेसी विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार बाबा की दवाएं राज्य में बेचना चाहती है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का बाबा रामदेव की दवाओं से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी योजना सभी गांवों में दो एकड़ भूमि पर योगशाला व व्यायामशाला बनाने की है। इसके अलावा स्कूलों में भी योग की शिक्षा देने की योजना है। इसके लिए बाबा रामदेव से पीटीआई टीचरों को प्रशिक्षण देने के लिए कहा गया है।
शर्तें अभी तय नहीं की : विज
इनेलो के परमेंद्र सिंह ढुल ने यह मामला उठाया कि बाबा रामदेव को ब्रांड एंबेसेडर बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से क्या शर्तें तय की गई हैं। साथ ही बाबा को ब्रांड एंबेसेडर बनाए जाने के बाद से प्रदेश को क्या-क्या ठोस लाभ मिले हैं। इस पर प्रदेश के खेलकूद एवं युवा मामले के मंत्री अनिल विज का जवाब था कि मामला विचाराधीन है। अभी नियम व शर्तें तय नहीं की गई हैं। जवाब दिया कि इस बारे में एमओयू पर जल्द ही हस्ताक्षर करवा लिए जाएंगे।
सदन में गूंजे ठहाके
बाबा रामदेव के अलावा उनकी पुत्र-जीवक दवा पर सवाल और चर्चा के दौरान सदन में ठहाके भी गूंजे। जब अनिल विज पुत्र-जीवक दवा को फर्टिलिटी की दवा बता रहे थे, तभी कर्ण दलाल ने उनसे पूछा कि वे फर्टिलिटी के बारे में क्या जानते हैं? इस पर विधायकों ने जमकर ठहाका लगाया। जब किरण चौधरी ने पुत्र जीवक दवा को लेकर विज से सवाल किया, तो वे हाथ जोड़ते हुए बोले, बहनजी आप तो मत पूछिए। कोई ओर पूछता तो मैं जवाब भी दे देता। इस पर सदन में बैठे सदस्य हंस पड़े।