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घाटे का बजट, फिर भी जनता के लिए अपने खर्चे घटाएगी सरकार

Tue, 22 Mar 2016 02:10 PM IST
हर्ष कुमार सलारिया /अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 22 Mar 2016 02:10 PM IST
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Haryana Budget: Focus primarily on rural sector, jobs & education
विधानसभा में बजट पेश करने जाते हुए कैप्टन अभिमन्यु - फोटो : अमर उजाला
क्या कोई ऐसा बजट हो सकता है, जो घाटे का हो, जिसमें घाटा बढ़ने का अनुमान भी हो और जनता पर कोई नया टैक्स भी न लगे, बल्कि 50 करोड़ रुपये की टैक्स छूट भी दी जाए। इतना ही नहीं इसके बाद प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक मदों में दोनों हाथों से पैसे का आवंटन भी हो? और प्रदेश की बिजली कंपनियों पर चढ़े 25950 करोड़ रुपये के कर्ज को भी खुद चुकता करने की जिम्मेदारी ली जाए?
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हरियाणा विधानसभा में सोमवार को वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की ओर से वित्त वर्ष 2016-17 के लिए पेश आम बजट में घाटा उठाकर सबको फायदा देने का विलक्षण काम किया गया है। वित्त मंत्री ने वर्ष 2015-16 के 69140 करोड़ के कुल बजट के मुकाबले वर्ष 2016-17 के लिए 28.4 फीसदी बढ़ोतरी के साथ कुल 88781.96 करोड़ रुपये का बजट पेश किया करते हुए योजनागत और गैर योजनागत खर्चों के लिए भी क्त्रस्मश: 45.3 और 54.7 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है।
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अगले साल के लिए योजनागत राशि 40256.21 करोड़ रुपये और गैरयोजनागत राशि 48525.75 करोड़ रुपये तय की है। जाहिर है पिछले वर्ष की तरह ही अगले साल भी विकास कम और विकास की चर्चा पर खर्च ज्यादा होगा। लेकिन समस्या यह भी है कि वित्त मंत्री ने बजटीय घाटे को कम करने का कोई प्रयास भी नहीं किया। वर्ष 2015-16 में राजस्व घाटा जोकि 10693.15 करोड़ रुपये रहा, अगले साल उसके 12280.35 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
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लेकिन राजकोशीय घाटा जोकि वर्ष 2015-16 में 30395.67 करोड़ रहा, वह अगले वर्ष घटकर 25115.96 करोड़ पर रह जाने का अनुमान लगाया गया है। यानी सरकार अपने खर्चों पर नियंत्रण करेगी। अगले साल बाकी पैसा कहां से आएगा, इसके लिए राजस्व प्राप्तियां और कैपिटल प्राप्तियां बढ़ने की उम्मीद लगाई गई है। इन दोनों मदों से 88714.54 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया गया है।

नए वित्त वर्ष में सरकार की दूसरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी डिस्काम के कुल कर्ज 34600 करोड़ में से सरकार द्वारा उठाया जाने वाला 25950 करोड़ के कर्ज का बोझ है। केंद्र की %उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) के तहत किए समझौते के अनुसार, प्रदेश सरकार इस कर्ज को अगले दो साल में चुकता करेगी। इसमें करीब 17000 करोड़ रुपये आगामी वित्त वर्ष में और बाकी राशि वर्ष 2017-18 में चुकाई जाएगी।


सरकार यह राशि जुटाने के लिए बाजार में बांड जारी करेगी। हालांकि वित्त मंत्री का यह भी कहना है कि डिस्काम इस कर्ज पर 13 फीसदी ब्याज दे रहा था लेकिन सरकार 8 फीसदी ही ब्याज देगी, जिससे 5 फीसदी ब्याज का राशि का लाभ भी होगा।
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