{"_id":"57a9eefe4f1c1be15bee4422","slug":"haryana-assembly-mansoon-session-from-19-august-discussion-issues","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मानसून सत्र 19 से, विधायकों को मिलेगा बड़ा तोहफा, ये मुद्दे गरमाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून सत्र 19 से, विधायकों को मिलेगा बड़ा तोहफा, ये मुद्दे गरमाएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 09 Aug 2016 08:29 PM IST
विज्ञापन
हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 19 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बार जहां विधायकों को बड़ा तोहफा मिलेगा, वहां कई मुद्दों को लेकर सेशन में गहमा गहमी रहेगी। दरअसल, विधायकों को बढ़े हुए वेतन का तोहफा मिल सकता है। हरियाणा की पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2013 में विधायकों का वेतन बढ़ाया गया था।
भाजपा सत्ता में आने के बाद एक बार यह प्रस्ताव आया था, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद पिछले बजट सत्र के अंतिम दिन सभी राजनैतिक दलों ने सदन के भीतर इस मामले में एकजुटता दिखाते हुए मुख्यमंत्री पर दबाव बनाया था। मुख्यमंत्री ने इसे बजट सत्र में ही स्वीकार कर लिया था, लेकिन मनी बिल होने के कारण इसे लागू नहीं किया गया था।
मंगलवार को यहां मंत्री समूह की बैठक में इस मामले पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुद्दे पर अधिकारियों से भी बातचीत की गई। बैठक में वेतन वृद्धि के मामले पर गठित की गई विधायक ज्ञान चंद गुप्ता के नेतृत्व वाली कमेटी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी विभागों में दर्जा तीन व चार के तहत आने वाले कर्मचारियों की भर्ती करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
नवंबर माह के दौरान सरकार विभिन्न विभागों में भर्तियों का पिटारा खोल सकती है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इस संबंध में सभी मंत्रियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने-अपने विभागों में रिक्त पड़े दर्जा तीन व चार श्रेणी के पदों की रिपोर्ट तैयार करें।
विज्ञापन
भाजपा सत्ता में आने के बाद एक बार यह प्रस्ताव आया था, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद पिछले बजट सत्र के अंतिम दिन सभी राजनैतिक दलों ने सदन के भीतर इस मामले में एकजुटता दिखाते हुए मुख्यमंत्री पर दबाव बनाया था। मुख्यमंत्री ने इसे बजट सत्र में ही स्वीकार कर लिया था, लेकिन मनी बिल होने के कारण इसे लागू नहीं किया गया था।
विज्ञापन
मंगलवार को यहां मंत्री समूह की बैठक में इस मामले पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुद्दे पर अधिकारियों से भी बातचीत की गई। बैठक में वेतन वृद्धि के मामले पर गठित की गई विधायक ज्ञान चंद गुप्ता के नेतृत्व वाली कमेटी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी विभागों में दर्जा तीन व चार के तहत आने वाले कर्मचारियों की भर्ती करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
नवंबर माह के दौरान सरकार विभिन्न विभागों में भर्तियों का पिटारा खोल सकती है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इस संबंध में सभी मंत्रियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने-अपने विभागों में रिक्त पड़े दर्जा तीन व चार श्रेणी के पदों की रिपोर्ट तैयार करें।
एक नवंबर से बढ़ जाएगी पेंशन
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले स्वर्णजयंती समारोहों के बारे में भी चर्चा की गई। बैठक में इस बात को लेकर भी मंथन किया गया कि हरियाणा दिवस के अवसर पर प्रदेश में बजुर्गों तथा विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन में वृद्धि की जाए। हरियाणा में इस समय बजुर्गों को 1400 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन मिलती है। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले हर साल इस पेंशन में दो सौ रुपये का इजाफा किए जाने का एलान किया था। ऐसे में अगले साल जनवरी 2017 से बढ़ने वाली पेंशन को इसी साल नवंबर माह से लागू करने की तैयारी है।
तकनीकी रूप से व्यवहारिक घोषणाएं ही करें
सीएम ने सभी मंत्रियों को यह निर्देश जारी किए हैं कि वह खुद फील्ड में केवल उन्हीं विकास कार्यों की घोषणा करें जो तकनीकी रूप से व्यवहारिक हों। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश जारी किए कि घोषणाओं को अमली रूप दिलाने के लिए खुद रिव्यू करें और इसके अलावा अगर अतिरिक्त बजट की जरूरत हो तो वह भी जारी किया जाएगा।
नदारद रहे कई मंत्री
हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के सदस्यों की नियुक्ति के बाद सरकार और मंत्रियों की नाराजगी का असर बैठक में देखने को मिला। सूत्रों की मानें तो आज हुई बैठक में संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, उद्योग मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री ओपी धनखड़, स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन तथा खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज मौजूद नहीं थे। हालांकि आज बैठक में शामिल न होने के पीछे सभी मंत्रियों के अलग-अलग तर्क रहे हैं। बावजूद इसके चर्चा है कि पिछले कई दिनों से विभिन्न मामलों को लेकर मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इसका परिणाम आज की मंत्री समूह की बैठक में देखने को मिला।
तकनीकी रूप से व्यवहारिक घोषणाएं ही करें
सीएम ने सभी मंत्रियों को यह निर्देश जारी किए हैं कि वह खुद फील्ड में केवल उन्हीं विकास कार्यों की घोषणा करें जो तकनीकी रूप से व्यवहारिक हों। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश जारी किए कि घोषणाओं को अमली रूप दिलाने के लिए खुद रिव्यू करें और इसके अलावा अगर अतिरिक्त बजट की जरूरत हो तो वह भी जारी किया जाएगा।
नदारद रहे कई मंत्री
हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के सदस्यों की नियुक्ति के बाद सरकार और मंत्रियों की नाराजगी का असर बैठक में देखने को मिला। सूत्रों की मानें तो आज हुई बैठक में संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, उद्योग मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री ओपी धनखड़, स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन तथा खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज मौजूद नहीं थे। हालांकि आज बैठक में शामिल न होने के पीछे सभी मंत्रियों के अलग-अलग तर्क रहे हैं। बावजूद इसके चर्चा है कि पिछले कई दिनों से विभिन्न मामलों को लेकर मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इसका परिणाम आज की मंत्री समूह की बैठक में देखने को मिला।