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हरियाणाः विधानसभा चुनाव मतगणना के बाद बढ़ेंगी मुश्किलें, किसान छेड़ेंगे देशव्यापी आंदोलन
Wed, 23 Oct 2019 10:13 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 23 Oct 2019 10:13 AM IST
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किसान नेताओं की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार की ओर से क्षेत्रिय व्यापक, आर्थिक भागेदारी (आरसीईपी) को लेकर किए जा रहे समझौते के खिलाफ किसान लामबंद हो गए हैं। इसे लेकर 24 अक्टूबर को देशव्यापी किसान प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। लेकिन 24 को हरियाणा में मतगणना है, लिहाजा प्रदेश में किसान मतगणना के बाद यानी 25 अक्टूबर को गरजेंगे। इसी संदर्भ में चंडीगढ़ किसान भवन में भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में आयोजित किसान पंचायत में हरियाणा में प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई।
किसान पंचायत की अध्यक्षता कर रहे हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि इस समझौते के विरोध में पूरे देश के किसान 24 अक्तूबर को रोष जाहिर करेंगे और इसी दिन सभी जिलों में उपायुक्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नाम ज्ञापन सौंप कर अपनी आपत्ति दर्ज करवाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 अक्तूबर को हरियाणा में मतगणना होने की वजह से 25 अक्तूबर को रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरसीईपी के समझौता होने के बाद अधिकांश कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करके शून्य कर दिया जाएगा।
इस समझौते की आड़ में विश्व में कई देश भारत में अपनी कृषि उपज को खपाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका विपरित असर किसानों पर पड़ेगा। रतनमान ने कहा कि इस मसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों के साथ बैठक करके आरसीईपी के समझौते पर बात करनी चाहिए, क्योंकि यह समझौता किसानों के हितों के साथ जुड़ा हुआ है। पंजाब के अध्यक्ष अजमेर सिंह लखोवाल ने कहा कि हमारे किसानों और कृषि पर इसके बुरे अनुभवों के साथ-साथ पूर्व में मुक्त व्यापार समझौते के हमारे अनुभवों के चलते आरसीईपी मेगा व्यापार समझौता और भी ज्यादा खतरनाक साबित होगा।
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इस अवसर पर पंजाब इकाई के महासचिव हरेंद्र सिंह लखोवाल, अंबाला मंडल अध्यक्ष नरपत सिंह राणा, पंचकूला अध्यक्ष गोपाल राणा, करनाल जिला संरक्षक मेहताब कादियान, पंचकूला जिला महासचिव सुशील कुमार, शमशेर सिंह, गुरविंद्र सिंह, अवतार सिंह मेहलो, रामकरण सिंह रामा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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किसान पंचायत की अध्यक्षता कर रहे हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि इस समझौते के विरोध में पूरे देश के किसान 24 अक्तूबर को रोष जाहिर करेंगे और इसी दिन सभी जिलों में उपायुक्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नाम ज्ञापन सौंप कर अपनी आपत्ति दर्ज करवाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 अक्तूबर को हरियाणा में मतगणना होने की वजह से 25 अक्तूबर को रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरसीईपी के समझौता होने के बाद अधिकांश कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करके शून्य कर दिया जाएगा।
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इस समझौते की आड़ में विश्व में कई देश भारत में अपनी कृषि उपज को खपाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका विपरित असर किसानों पर पड़ेगा। रतनमान ने कहा कि इस मसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों के साथ बैठक करके आरसीईपी के समझौते पर बात करनी चाहिए, क्योंकि यह समझौता किसानों के हितों के साथ जुड़ा हुआ है। पंजाब के अध्यक्ष अजमेर सिंह लखोवाल ने कहा कि हमारे किसानों और कृषि पर इसके बुरे अनुभवों के साथ-साथ पूर्व में मुक्त व्यापार समझौते के हमारे अनुभवों के चलते आरसीईपी मेगा व्यापार समझौता और भी ज्यादा खतरनाक साबित होगा।
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इस अवसर पर पंजाब इकाई के महासचिव हरेंद्र सिंह लखोवाल, अंबाला मंडल अध्यक्ष नरपत सिंह राणा, पंचकूला अध्यक्ष गोपाल राणा, करनाल जिला संरक्षक मेहताब कादियान, पंचकूला जिला महासचिव सुशील कुमार, शमशेर सिंह, गुरविंद्र सिंह, अवतार सिंह मेहलो, रामकरण सिंह रामा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।