अच्छी खबर : हरियाणा और पंजाब के वेंडरों को चंडीगढ़ में मिलेगी वेंडिंग साइट
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चंडीगढ़ नगर निगम जनवरी से हरियाणा और पंजाब के वेंडरों को वेंडिंग साइट देगा। इसके लिए अब तक 1300 वेंडरों को पंजीकृत किया गया है। पंजीकरण का काम इस माह के अंत तक चलेगा। उसके बाद ड्रॉ के माध्यम से साइट आवंटित की जाएंगी।
चंडीगढ़ नगर निगम ने पिछले साल वेंडरों को वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया था। इस दौरान नगर निगम ने शहर के ऐसे वेंडरों को साइट आवंटित कीं, जिनके पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड था। उसके बाद पंजाब और हरियाणा के वेंडरों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि सर्वे उनका भी हुआ था और वह भी यहां वर्षों से कमा खा रहे हैं। अब केवल चंडीगढ़ के वेंडरों को साइटें दी जा रही हैं। उस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द उन्हें भी साइटें आवंटित की जाएंगी। अक्तूबर में निगम ने हरियाणा व पंजाब के वेंडरों से अपना सर्वे नंबर व दस्तावेज लाने को कहा। इसके बाद अब तक 1300 वेंडरों को पंजीकृत कर लिया गया है। निगम आयुक्त केके यादव का कहना है कि इस माह के अंत तक पंजाब व हरियाणा के वेंडरों को पंजीकृत करेंगे। उसके बाद ड्रॉ निकालकर साइट आवंटित करेंगे।
शहर में 9361 पंजीकृत वेंडर, साइट 4200 के पास
चंडीगढ़ में अब तक 9361 वेंडरों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें से 4200 के पास साइट हैं। चीफ आर्किटेक्ट की ओर से 5500 साइट आवंटित की गई थीं लेकिन कोरोना के कारण काफी सारे वेंडरों ने साइटें सरेंडर कर दी हैं। वहीं कई लोग निष्क्रिय हैं। जो अपनी लाइसेंस फीस नहीं भर रहे हैं। ऐसे वेंडरों की लाइसेंस रद्द करने की तैयारी है।
मलोया और सेक्टर-26 मंडी में भी बैठाए गए हैं वेंडर
हाल ही में नगर निगम ने ड्रॉ के माध्यम से मलोया स्थित पुनर्वास कॉलोनी में 40 और सेक्टर-26 मंडी में 22 वेंडरों को साइटें आवंटित की हैं। हालांकि सेक्टर-26 मंडी में मार्केट कमेटी की साइटें हैं, लेकिन मार्केट कमेटी ने निगम से मदद मांगी। उसके बाद निगम ने ड्रॉ निकालकर साइटें आवंटित कर दीं। सेक्टर-26 मंडी में प्रशासन की ओर से मार्केट कमेटी को 96 साइटें दी गई थीं क्योंकि वहां 96 वेंडर पहले से ही बैठ रहे थे।
दो हजार साइटें खाली, कुछ हुईं सरेंडर
निगम के अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ के सभी पंजीकृत वेंडरों को साइटें आवंटित करने बाद 2 हजार साइटें अभी बची हुई हैं। वहीं, कई वेंडरों ने साइटें सरेंडर भी कर दी हैं। कुछ ईएसपी वेंडरों को उनके पुराने स्थान पर भेज दिया गया है। इसलिए उनकी साइट खाली हो गई हैं। साइट के अनुसार हरियाणा-पंजाब के वेंडर पंजीकृत हुए तो अगले माह ड्रॉ निकालकर तत्काल वेंडरों को साइट देकर नए साल का तोहफा दिया जा सकता है।
वेंडरों को भी लोन देकर सहारा देने की योजना
जिन वेंडरों को कोरोना महामारी के दौरान घाटा हुआ है अथवा जो लाइसेंस फीस नहीं भर पा रहे थे, उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 10 हजार रुपये का लोन दिया जा रहा है। इस लोन पर ब्याज भी कम से कम लिया जा रहा है। इसे लेकर निगम आयुक्त लगातार बैंकों से बातचीत कर रहे हैं। वहीं वेंडरों को जागरूक करने के उद्देश्य से अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते व वेंडिंग सेल के कर्मचारियों को फील्ड में भेजा जा रहा है।
अभी वेंडरों से डाटा मांगा जा रहा है। इस माह के अंत तक जिन वेंडरों का पंजीकरण हो जाएगा। उनका अगले माह ड्रॉ निकाल दिया जाएगा और उन्हें साइट आवंटित कर दी जाएगी। -केके यादव, निगम आयुक्त, नगर निगम