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हरियाणा के 67 दल नहीं बन पाएंगे क्षेत्रीय पार्टी

Mon, 20 Oct 2014 09:03 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 20 Oct 2014 09:03 PM IST
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haryana: 67 political parties will not become regional party

हरियाणा चुनाव आयोग में पंजीकृत 67 राजनीतिक दलों ने 2014 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया। पूरे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लहर होने के कारण कई राजनीतिक अपना खाता भी नहीं खोल पाए।

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विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में कई नए दल अस्तित्व में आए थे, जिनमें कांग्रेस से अलग होकर विनोद शर्मा ने हरियाणा जनचेतना पार्टी (हजपा) और निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा ने हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) का गठन किया था।
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हजपा ने हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां-बीएल) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। पार्टी ने अपने 23 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जबकि कांडा की पार्टी से 50 उम्मीदवार राजनीतिक किस्मत आजमाने मैदान में उतरे थे, लेकिन दोनों दलों के किसी भी उम्मीदवार को जीत नहीं मिली।
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इस तरह से कई अन्य दल भी हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपना अस्तित्व नहीं बचा पाए। अब इन 67 दलों में से किसी को भी क्षेत्रीय दल का दर्जा नहीं मिल पाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद के अनुसार विधानसभा चुनाव में कुल मतदान का छह प्रतिशत वोट प्राप्त करने वाले या कम से कम दो विधायकों के साथ जीत दर्ज करने वाले राजनीतिक दल को ही क्षेत्रीय दल की मान्यता मिलने का प्रावधान है।

विधानसभा चुनाव में हलोपा को 1.2 प्रतिशत (150178 मत) और हजपा को 0.6 प्रतिशत (79690 मत) प्राप्त हुए हैं। आयोग की शर्तें पूरी न करने वाले इन 67 दलों को अब अगले विधानसभा चुनाव में इस बार अलॉट चुनाव चिह्न भी नहीं मिल सकेगा।

हजकां को छह फीसदी से कम वोट
विधानसभा चुनाव में हजकां भी अपना क्षेत्रीय दल का दर्जा बचाने में बाल-बाल बची। हजकां को भी 6 प्रतिशत से कम 3.6 प्रतिशत (443444 मत) मिले हैं, लेकिन दल सिर्फ दो विधायकों की शर्त पूरा करने की वजह से अपने अस्तित्व को बचाने में कामयाब रहा।

इसमें हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई ने चुनाव में जीत दर्ज कर पार्टी के खेवनहार बने। इसी वजह से हजकां की क्षेत्रीय दल की मान्यता को कोई खतरा नहीं है। प्रदेश में इस समय हजकां के अलावा इनेलो ही क्षेत्रीय दल है। इनेलो को विधानसभा चुनाव में 24.1 प्रतिशत (2996203 मत) प्राप्त हुए हैं।


बसपा को 4.4 प्रतिशत मत
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को विधानसभा चुनाव में 4.4 प्रतिशत (542985 मत) प्राप्त हुए हैं। बसपा को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है, जबकि 0.4 प्रतिशत लोगों ने नोटा का प्रयोग किया है। आजाद उम्मीदवारों ने 10.6 प्रतिशत (1317633 मत) प्राप्त किए हैं।

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