{"_id":"695149babb25abce70062401","slug":"harivallabh-music-conference-sends-a-message-of-connecting-youth-with-indian-classical-music-governor-chandigarh-news-c-46-1-spkl1013-109339-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत से जोड़ने का संदेश: राज्यपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत से जोड़ने का संदेश: राज्यपाल
विज्ञापन
जालंधर। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को शास्त्रीय संगीत को लोगों की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और युवाओं से देश की समृद्ध परंपरा भारतीय शास्त्रीय संगीत को अपनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल श्री देवी तालाब मंदिर में आयोजित 150वें ऐतिहासिक हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन पिछले डेढ़ सदी से पारंपरिक भारतीय संगीत की ज्योति को जीवित रख रहा है और वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान दिला रहा है। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर, पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली, हरिवल्लभ महासभा के चेयरमैन शीतल विज और प्रधान पूर्णिमा बेरी भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने इस वर्ष की विशेषता बताते हुए कहा कि यह वंदे मातरम के 150 वर्ष और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में संगीत ने जन-जागरण को मजबूती प्रदान की और देशभक्ति के भाव जगाए। हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
विज्ञापन
कटारिया ने युवाओं को ऐसे उत्सवों से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और शास्त्रीय संगीत की समझ बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जलंधर पिछले 150 वर्षों से दुनिया के सबसे पुराने शास्त्रीय संगीत आयोजनों में से एक की मेजबानी कर रहा है, जो उभरते कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय संगीत को प्रोत्साहित करता है।
कलाकारों को सम्मानित किया
राज्यपाल ने सम्मेलन प्रबंधक समिति और उनके समर्पण की सराहना करते हुए भाग लेने वाले कलाकारों को सम्मानित किया और उन्हें संगीत सेवा जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और संगीतमय परंपरा से जोड़ना समय की मांग है और इस दिशा में हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन एक प्रेरणादायक मंच है।
विज्ञापन
राज्यपाल श्री देवी तालाब मंदिर में आयोजित 150वें ऐतिहासिक हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन पिछले डेढ़ सदी से पारंपरिक भारतीय संगीत की ज्योति को जीवित रख रहा है और वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान दिला रहा है। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर, पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली, हरिवल्लभ महासभा के चेयरमैन शीतल विज और प्रधान पूर्णिमा बेरी भी उपस्थित थे।
विज्ञापन
राज्यपाल ने इस वर्ष की विशेषता बताते हुए कहा कि यह वंदे मातरम के 150 वर्ष और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में संगीत ने जन-जागरण को मजबूती प्रदान की और देशभक्ति के भाव जगाए। हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
विज्ञापन
कटारिया ने युवाओं को ऐसे उत्सवों से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और शास्त्रीय संगीत की समझ बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जलंधर पिछले 150 वर्षों से दुनिया के सबसे पुराने शास्त्रीय संगीत आयोजनों में से एक की मेजबानी कर रहा है, जो उभरते कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय संगीत को प्रोत्साहित करता है।
कलाकारों को सम्मानित किया
राज्यपाल ने सम्मेलन प्रबंधक समिति और उनके समर्पण की सराहना करते हुए भाग लेने वाले कलाकारों को सम्मानित किया और उन्हें संगीत सेवा जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और संगीतमय परंपरा से जोड़ना समय की मांग है और इस दिशा में हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन एक प्रेरणादायक मंच है।