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Chandigarh News: हरगोबिंद कौर ने सरकार के नोटिस का दिया जवाब, सरकारी मुलाजिम नहीं हैं आंगनबाड़ी वर्कर
Sun, 06 Aug 2023 08:31 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Sun, 06 Aug 2023 08:31 PM IST
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हरगोबिंद कौर ने सरकार के नोटिस का दिया जवाब
शिअद में शामिल होने पर सरकार ने भेजा था नोटिस
हरगोबिंद ने केंद्रीय मंत्रालय के सर्कुलर का दिया हवाला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हाल ही में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सदस्यता हासिल करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर हरगोबिंद कौर ने पंजाब सरकार के नोटिस से जवाब में कहा है कि आंगनबाड़ी वर्कर के रूप में वह एक स्वैच्छिक वर्कर हैं और सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। इस तरह, सरकारी कर्मचारी न होने के कारण वह लोकल बाडीज और पंचायत के चुनाव भी लड़ सकती हैं।
पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने हरगोबिंद कौर को आंगनबाड़ी की सेवा में रहते हुए सियासी दल में शामिल होने के चलते नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का जवाब भेजते हुए हरगोबिंद कौर ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के एक सर्कुलर का हवाला देते हुए अपने फैसले को सही ठहराया है।
हरगोबिंद कौर ऑल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान हैं। उन्होंने अंग्रेजी भाषा में सरकार को भेजे जवाब में लिखा है कि आंगनबाड़ी वर्कर के रूप में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभाई हैं। उन्होंने लिखा कि अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए, नियमित रूप से घर-घर जाकर माता-पिता को पोषण के बारे में सलाह देती हैं और बच्चों के पोषण संबंधी जरूरतों में उनकी मदद करती हैं। टीकाकरण करवाने और गांव में गर्भधारण, जन्म, मृत्यु और पारिवारिक आय का रिकॉर्ड रखने का कार्य भी कर रही हैं।
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हरगोबिंद कौर ने आगे लिखा कि आंगनबाड़ी वर्कर विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं में काम करती हैं। उन्होंने लिखा कि वह एक आंगनबाड़ी वर्कर के नाते सरकार से मानदेय प्राप्त करती हैं, न कि सरकारी कर्मचारी के रूप में वेतन ले रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर मानदेय पर ड्यूटी करती हैं और यह केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना है। उन्होंने आगे लिखा- इसलिए अपनी पसंद के किसी भी राजनीतिक गुट में शामिल होने की हकदार हूं। इसके अलावा, मेरे काम को लेकर कोई शिकायत नहीं है कि मेरे सियासी दल से जुड़ने से आंगनबाड़ी का काम प्रभावित हो रहा हो।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 2 जनवरी 1996 को जारी परिपत्र का हवाला देते हुए हरगोबिंद कौर ने लिखा है कि एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत काम करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर स्वैच्छिक वर्कर हैं और भत्ता प्राप्त करती हैं। उन्होंने लिखा कि चूंकि वह सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, इसलिए वह स्थानीय सरकार और पंचायती चुनाव लड़ सकती हैं।
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शिअद में शामिल होने पर सरकार ने भेजा था नोटिस
हरगोबिंद ने केंद्रीय मंत्रालय के सर्कुलर का दिया हवाला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हाल ही में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सदस्यता हासिल करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर हरगोबिंद कौर ने पंजाब सरकार के नोटिस से जवाब में कहा है कि आंगनबाड़ी वर्कर के रूप में वह एक स्वैच्छिक वर्कर हैं और सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। इस तरह, सरकारी कर्मचारी न होने के कारण वह लोकल बाडीज और पंचायत के चुनाव भी लड़ सकती हैं।
पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने हरगोबिंद कौर को आंगनबाड़ी की सेवा में रहते हुए सियासी दल में शामिल होने के चलते नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का जवाब भेजते हुए हरगोबिंद कौर ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के एक सर्कुलर का हवाला देते हुए अपने फैसले को सही ठहराया है।
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हरगोबिंद कौर ऑल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान हैं। उन्होंने अंग्रेजी भाषा में सरकार को भेजे जवाब में लिखा है कि आंगनबाड़ी वर्कर के रूप में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभाई हैं। उन्होंने लिखा कि अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए, नियमित रूप से घर-घर जाकर माता-पिता को पोषण के बारे में सलाह देती हैं और बच्चों के पोषण संबंधी जरूरतों में उनकी मदद करती हैं। टीकाकरण करवाने और गांव में गर्भधारण, जन्म, मृत्यु और पारिवारिक आय का रिकॉर्ड रखने का कार्य भी कर रही हैं।
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हरगोबिंद कौर ने आगे लिखा कि आंगनबाड़ी वर्कर विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं में काम करती हैं। उन्होंने लिखा कि वह एक आंगनबाड़ी वर्कर के नाते सरकार से मानदेय प्राप्त करती हैं, न कि सरकारी कर्मचारी के रूप में वेतन ले रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर मानदेय पर ड्यूटी करती हैं और यह केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना है। उन्होंने आगे लिखा- इसलिए अपनी पसंद के किसी भी राजनीतिक गुट में शामिल होने की हकदार हूं। इसके अलावा, मेरे काम को लेकर कोई शिकायत नहीं है कि मेरे सियासी दल से जुड़ने से आंगनबाड़ी का काम प्रभावित हो रहा हो।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 2 जनवरी 1996 को जारी परिपत्र का हवाला देते हुए हरगोबिंद कौर ने लिखा है कि एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत काम करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर स्वैच्छिक वर्कर हैं और भत्ता प्राप्त करती हैं। उन्होंने लिखा कि चूंकि वह सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, इसलिए वह स्थानीय सरकार और पंचायती चुनाव लड़ सकती हैं।