फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Harbir Singh gave identity to Chadigarh in fencing

हरबीर सिंह को याद कर दुखी हैं चाहने वाले, तलवारबाजी में चंडीगढ़ को दिलाई थी पहचान

Sun, 06 Sep 2020 01:32 PM IST
ajay kumar संजीव पंगोत्रा, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 06 Sep 2020 01:32 PM IST
विज्ञापन
Harbir Singh gave identity to Chadigarh in fencing

जिला शिक्षा अधिकारी हरबीर सिंह आनंद के निधन से उनके साथी और विद्यार्थी काफी दुखी हैं। वह छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। शिक्षा अधिकारी से पहले वह सेक्टर-10 स्थित सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर तैनात थे। इस दौरान स्कूल ने शिक्षण कार्यों के साथ विभिन्न गतिविधियों में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। 

विज्ञापन


उनके कार्यकाल के दौरान स्कूल की तलवारबाजी अकादमी ने नई बुलंदियों को छुआ। खेल की वजह से कई खिलाड़ियों की नौकरी का रास्ता खुला। अंडर-14, 16, 17 आयु वर्ग में अकादमी की टीम लगातार चार साल से नंबर वन बनी हुई है। पूरे उत्तर भारत में इस जैसी कोई दूसरी अकादमी नहीं है। इसका पूरा श्रेय हरबीर सिंह को ही जाता है।
विज्ञापन


खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर बढ़ाते थे जोश 
हरबीर सर के कार्यकाल में स्कूल की तलवारबाजी अकादमी ने कई नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार किए। अकादमी की टीमें नेशनल में अक्सर पहला स्थान प्राप्त करती थीं। खिलाड़ियों का जोश बढ़ाने के लिए टूर्नामेंट के दौरान वह खिलाड़ियों के बीच पहुंच जाते थे। अकादमी के खिलाड़ियों को सुविधा उपलब्ध करवाने में वह हमेशा आगे रहते थे। -चरणजीत कौर, हेड कोच तलवारबाजी अकादमी, सेक्टर-10 स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन

हरबीर सर की बदौलत मिली नौकरी 

मैं जब इस अकादमी में आया था, तब मेरी परफार्मेंस बेहतर नहीं थी। काफी निराश रहता था। एक बार खेल छोड़ने की तैयारी भी कर ली थी लेकिन हरबीर सर ने मेरी हिम्मत बढ़ाई और रास्ता दिखाया। उनके दिए हौसले की वजह से पहले वर्ल्ड गेम्स खेला ओर उसके बाद मुझे स्पोर्ट्स कोटे से नेवी में नौकारी मिली। - रवि कुमार, तलवारबाजी अकादमी के पूर्व ट्रेनी 

स्टेट अवार्ड के लिए नाम भेजा था
तलवारबाजी में बेहतरीन उपलब्धियों के चलते साल 2015 में मुझे स्टेट अवार्ड मिला था। हरबीर सर स्पोर्ट्स के प्रति काफी लगाव रखते थे। स्कूल में पढ़ाई के दौरान मुझे दो बार इंटरनेशनल खेलने का मौका मिला। वापस आने पर आने पर सर ने ही मेरा नाम स्टेट अवार्ड के लिए प्रस्तावित किया था। -काजल, तलवारबाजी अकादमी की पूर्व ट्रेनी 

कोर्स पूरा करवाने के लिए लगवाईं अतिरिक्त कक्षाएं
साल 2018 में इंग्लैंड में होने वाली कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय महिला तलवाबाजी टीम का कैंप औरंगाबाद में लगा था। उस वक्त मैं 12वीं की छात्रा थी और कैंप में ट्रेनिंग ले रही थी। जब कैंप से मैं वापस आई तब काफी कोर्स पूरा हो गया था। जब यह बात हरबीर सर को पता चली तो उन्होंने अतिरिक्त कक्षाओं का इंतजाम कराकर मेरा कोर्स पूरा कराया और हाजिरी भी पूरी करवाई। - यशकीरत, स्टेट अवार्डी तलबारबाज

तलबारबाजी अकादमी को मिली नई पहचान
हरबीर सर स्कूल की तलवारबाजी अकादमी को हर सुविधा देने में आगे रहते थे। उनकी बदौलत ही तलवारबाजी में अकादमी को नई पहचान मिली। स्टेट और नेशनल अवर्ड के चलते इस स्कूल की तलवाबाजी अकादमी नार्थ की सबसे बेहतरीन रिजल्ट लाने वाली अकादमी बन चुकी है। -शुभजोत दयाल, स्टेट अवार्डी तलबारबाजी
 

यह भी देखें: हमारे यू्ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब भी करें-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed