जाट आरक्षण की आग में झुलसे हरियाणा को मिला केंद्र का सहारा
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के बाद से संकट के दौर से गुजर रही प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार से सहारा मिल गया है। हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के कारण डगमगाई हरियाणा की अर्थव्यस्था को केंद्रीय मंत्रियों की टीम ने सोमवार को यहां फिर पटरी पर लाने का पूरा भरोसा दिया।
केंद्रीय बजट और रेल बजट में हरियाणा को लेकर जो घोषणाएं नहीं हुईं, उनका एलान भी यहां केंद्रीय मंत्रियों ने कर दिया। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वर्षों से लंबित हरियाणा की रेल कोच फैक्टरी की मांग पर मुहर लगाते हुए भविष्य के हरियाणा को बहुत कुछ देने का भरोसा दिया। केंद्रीय शहरी स्थानीय निकाय मंत्री वैंकेया नायडू ने एलान किया कि हरियाणा कोई भी प्रस्ताव बनाकर भेजे, केंद्र हरी झंडी देने को तैयार है।
बुधवार को यहां शुरू हुए हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मंच पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, रेल मंत्री सुरेश प्रभु, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और वैंकेया नायडू ने एक सुर में हरियाणा के विकास में साथ देने का भरोसा दिया। इससे साफ हो गया है कि संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री मनेाहर लाल को अकेला नहीं छोड़ा है।
वैंकेया नायडू ने मोदी-मनोहर की जोड़ी को मशहूर बताते हुए आश्वासन दिया कि स्मार्ट सिटी की दौड़ में करनाल और फरीदाबाद के बाद गुड़गांव भी पीछे नहीं रहेगा। अरुण जेटली ने कहा कि जो हो गया है अब उससे उबरने का समय है। हरियाणा का नया चेहरा देश के सामने पेश करना है। रेल मंत्री ने हरियाणा की रेल कोच फैक्टरी की मांग पर भी हामी भर दी। जल्द ही इस संदर्भ में रेल मंत्रालय हरियाणा सरकार से रेल कोच फैक्टरी के लिए 120 एकड़ जमीन देने की बात कर सकता है।
हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट
हरियाणा में निवेश का तानाबाना बुन रही खट्टर सरकार को आक्सीजन देने का काम केएमपी एक्सप्रेस वे करेगा। कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस यहां निवेश का रास्ता खोलेगा। इसे 343 दिनों में पूरा करवाने के लिए मुख्यमंत्री ने सुभाष चंद्रा से मंच पर ही हामी भरवा ली है। इसके अलावा दिल्ली से अमृतसर तक बनने वाला एक्सप्रेस वे भी हरियाणा को समृद्ध करेगा।
आक्रामकता और उद्यमिता का संगम है हरियाणा:
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हरियाणा आक्रामकता और उद्यमिता का संगम है। सरकार चाहती है कि पानीपत रिफाइनरी जहां है उससे और आगे बढ़े। देश का 60 प्रतिशत बासमती हरियाणा में पैदा होता है तो क्यों न हम खाड़ी देशों के साथ तेल सुरक्षा के बदले खाद्य सुरक्षा देने का वादा करें।
अदानी से लेकर भारती तक ने दिया हौसला
हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट का हौसला जुटा रही सरकार ने अंतत: निवेश की स्क्रिप्ट गुड़गांव में लिख दी है। कुछ रोज पहले ही चारों तरफ लगी आरक्षण की आग से ध्यान हटाकर सरकार ने फिर से पूरा ध्यान हरियाणा में लगा दिया है। इसके लिए चेहरा भले ही गुड़गांव को बनाया गया है, लेकिन निवेश का लक्ष्य पूरा हरियाणा है। संकट के इस दौर में विदेशी निवेशकों के साथ साथ हरियाणा सरकार को देशी निवेशकों का भी सहारा लेना होगा। यही वजह है कि सोमवार को यहां गौतम अदानी, सुनील भारती मित्तल, डा. नरेश त्रेहन, सुभाष चंद्रा, गोदरेज, इनफोसिस और महिंद्रा जैसे कई बड़े उद्योग घरानों ने सूबे की जनता को यह आश्वासन दिया है कि अब हरियाणा को एक कदम आगे चलने की जरूरत है। आरक्षण की आग में जल रहे हरियाणा को तुरंत हैपनिंग हरियाणा में तब्दील करने का यह निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल का था। उन्होंने मंच से यह खुलासा किया कि अधिकारियों ने इस आयोजन को आगे बढ़ाने की बात की थी, लेकिन तय समय पर आयोजन करने का यह निर्णय उनका था।