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Haryana: 2022 में हैफेड ने किया 391 करोड़ से अधिक का कारोबार, गोदामों में सीसीटीवी लगवाने का बजट नहीं

Mon, 19 Dec 2022 02:43 PM IST
निवेदिता वर्मा राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 19 Dec 2022 02:43 PM IST
सार

हाल ही में अंबाला में हैफेड गोदाम कीपर पर 595 बोरी चावल और गेहूं के गबन का केस दर्ज हुआ है। हैफेड के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि अब तक के मामलों के प्रकाश में आने के बाद विभागीय जांच के नाम पर इतिश्री की परंपरा रही है।

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Hafed does not have budget to install CCTV cameras for security of grains kept in godowns
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

अंबाला से पहले हरियाणा के कई जिलों से हैफेड के गोदामों में घपलेबाजी के कई प्रकरण सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद तीसरी आंख से सुरक्षा चक्र मजबूत नहीं करना हैफेड की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। बता दें कि साल 2022 में हैफेड ने 391 करोड़ से अधिक का कारोबार किया है मगर हैफेड के गोदामों में रखे अरबों के अनाज की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने को बजट शायद उसके पास नहीं है। इन्हीं लचर प्रबंधों का लाभ उठाकर हैफेड के गोदामों में रखे लाखों टन गेहूं और चावल गबन से गरीबों के निवाले पर डाका डाला जा रहा है। 

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करीब दो साल पहले सिरसा जिला में हैफेड के ही कर्मचारियों और मजदूरों ने वीडियो बना कर हैफेड के गोदाम में गड़बड़झाले की शिकायत पंचकूला हैफेड मुख्यालय में की थी। अंबाला के ताजा घटनाक्रम के अलावा सिरसा, भिवानी,सोनीपत,कैथल और अन्य जिलों में  हैफेड में चल रहे इस खेल की सूचनाएं लगातार आती रही हैं। इसके बावजूद हरियाणा के करीब 200 गोदामों में, जहां प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों में बंटने वाला व मिड डे मील का गेहूं चावल अनाज लाखों टन की मात्रा में स्टोर है, प्रबंध नाकाफी हैं। गोदाम के भीतर, अंदर-बाहर जाने के रास्तों और पूरे एरिया में तो दूर मेन गेट पर भी सीसीटीवी कैमरे आज तक लगवाने की व्यवस्था हैफेड द्वारा नहीं की गई।
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विभागीय जांच की परंपरा से होती रही इतिश्री
हाल ही में अंबाला में हैफेड गोदाम कीपर पर 595 बोरी चावल और गेहूं के गबन का केस दर्ज हुआ है। हैफेड के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि अब तक के मामलों के प्रकाश में आने के बाद विभागीय जांच के नाम पर इतिश्री की परंपरा रही है,मगर इस बार केस दर्ज हुआ है। हालांकि अंबाला प्रकरण से पहले हैफेड के अनाज की बोरियों को पानी से गीला करके वजन को बढ़ाने,बोरियों से पांच, दस और 22 किलोग्राम तक अनाज कम होने जैसे मामले सामने आते रहे,फिर भी हैफेड सजग नहीं हुआ। 
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बाहर जाने वाला स्टाक गेट पास से चेक होकर ही निकलता है
10 दिसंबर 2022 को हैफेड  के अंबाला जिला स्थित गोदाम में रखे स्टाक के कम होने की सूचना मिली थी। इसके बाद 11 दिसंबर को विभागीय जांच हुई। इसकी रिपोर्ट में गबन हुए अनाज के आंकड़े  उच्चाधिकारियों को देने के साथ एक महिला कर्मी को आरोपी ठहराया गया। साथ ही यह भी बताया गया है कि हैफेड के स्टाक से जो माल गायब हुआ है,वह रास्ते में सप्लाई के दौरान नहीं,बल्कि हैफेड की निगरानी में रखे गोदाम से ही गायब हुआ है। अंबाला हैफेड के डीएम वीपी मलिक के  मुताबिक गोदाम के मेन गेट से सप्लाई के दौरान बाहर जाने वाला स्टाक गेट पास से चेक होकर ही बाहर निकलता है। 

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