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पंजाब: गुरनाम सिंह चढूनी ने की अफीम की खेती की वकालत, कहा- किसानों की सरकार बनी तो हर व्यक्ति को देंगे लाइसेंस
Mon, 31 Jan 2022 09:42 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 31 Jan 2022 09:42 PM IST
सार
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने अफीम की खेती को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार बनी तो हर व्यक्ति को एक एकड़ में अफीम की खेती का लाइसेंस देंगे।
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गुरनाम सिंह चढूनी
- फोटो : एएनआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
किसान आंदोलन फतेह करने के बाद किसान से सियासतदान बने किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने एक बार फिर पंजाब में अफीम की खेती की वकालत की। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की चुनाव में जीत होती है तो वह हर व्यक्ति को अफीम की खेती के लिए एक एकड़ का लाइसेंस देंगे। इस दौरान उन्होंने सियासी दलों को पंजाब में नशे के बढ़ावा देने को लेकर भी घेरा।
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चंडीगढ़ में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में चुनाव में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रमुख किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पंजाब के पड़ोसी राज्य राजस्थान में भी अफीम की खेती सरकार द्वारा कराई जा रही है। इसका उपयोग नशे के लिए नहीं दवाओं के लिए किया जा रहा है। जिससे वहां के किसान करोड़ों रुपये कमा रहे हैं।
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राजस्थान की तर्ज पर पंजाब में यदि किसानों की सरकार बनती है तो अफीम की खेती के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे। उन्होंने पंजाब में बढ़ते नशे पर सियासी दलों को घेरते हुए कहा कि अभी तक की सरकारों ने अपनी जेबों को भरने के लिए नशे को बढ़ावा दिया है। चढूनी ने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि अडाणी के एयरपोर्ट से 30 हजार करोड़ की स्मैक पकड़ी गई थी लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके साथ ही पंजाब में अभी तक राजनीतिक दलों ने अपने लाभ के लिए किसानों का उपयोग किया है।
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यही कारण है कि पंजाब में अब तक 15 साल में तीन से चार लाख किसान मर चुके हैं। चढूनी ने कहा कि पूंजीपतियों से भाजपा, कांग्रेस और बादल पैसे लेते रहे हैं। कभी भी कोई किसान नेता न तो विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा तक पहुंच सका। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की है कि यही समय है कि यदि वह चाहें तो पंजाब को बचा सकते हैं।