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कपूरथला मामला: अब गुरुद्वारा साहिब के मुख्य प्रबंधक ने माना- किसी को जान से मार देना सही नहीं, लेकिन बेअदबी होने की बात पर अडिग

Tue, 21 Dec 2021 12:47 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 21 Dec 2021 12:47 AM IST
सार

पंजाब के कपूरथला में बेअदबी के आरोप में युवक को पीटकर मारने के मामले में गुरुद्वारा साहिब के मुख्य प्रबंधक ने कहा कि किसी को जान से मार देना सही नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह आदमी बेअदबी की नीयत से दीवार फांद कर अंदर आया था।

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Gurdwara Sahib chief manager said it is not right to kill someone
गुरुद्वारा साहिब निजामपुर के मुख्य प्रबंधक बाबा अमरजीत सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गुरुद्वारा साहिब निजामपुर की घटना के बाद सोमवार को गुरुद्वारा साहिब के मुख्य प्रबंधक बाबा अमरजीत सिंह ने माना कि किसी को जान से मार देना सही नहीं है, यह कार्रवाई संगत-हुजूम की है, व्यक्तिगत नहीं। पुलिस की ओर से चोरी के मामला बताए जाने के बावजूद वह बेअदबी होने की बात पर अडिग हैं। 

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गुरुद्वारा साहिब निजामपुर के मुख्य प्रबंधक बाबा अमरजीत सिंह ने कहा कि वह आदमी बेअदबी की नीयत से दीवार फांद कर अंदर आया। सुबह चार बजे अमृत वेले उन्होंने कुछ आहट सुनी तो वह व्यक्ति बरामदे में रखे सिलेंडर के पास आग से हाथ सेंक रहा था और कुछ खा रहा था। मैं समझा कि बच्चे हैं लेकिन जब देखा तो वह भागने लगा तो पीछा कर उसे पकड़ लिया। 
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पहली मंजिल पर जब हमने श्री गुरु ग्रंथ साहिब कर दरबार चेक किया तो सुखआसन (जहां पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश है) बिल्कुल सुरक्षित था। साथ वाले कमरे में रूमाले बिखरे थे और निशान साहिब भी खुला हुआ था। उस व्यक्ति को पूरे इलाके ने पहली बार देखा था। वह 17 साल से यहां पर हैं, पहले आज तक ऐसा नहीं हुआ है। अगर वह सुखआसन वाले कमरे में चला जाता तो बेअदबी हो जाती। 
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पुलिस के चोरी के मामले पर कहा कि पुलिस का अपना कहना है लेकिन मैं सच्चाई बयां कर रहा हूं। बेअदबी हो जाती तो फिर क्या होता? उसके पास से एक टार्च मिली है। उन्होंने कहा कि उनके पास जत्थेबंदियां पहुंचीं और संगत की कचहरी में यह मसला रखा गया। इस पर तमाम सिख संगत व जत्थेबंदियों ने कहा कि 2007 से अब तक बेअदबी के मामलों में सिख कौम को इंसाफ नहीं मिला है। अब हम इसे खुद सजा देंगे, पुलिस के हवाले नहीं करेंगे। बाबा अमरजीत सिंह ने माना कि किसी को जान से मार देना सही नहीं है। गुरु साहिब ने हमारी इज्जत रख ली, अगर हमारी कस्टडी में मर जाता तो हम पर 302 का केस दर्ज हो जाना था। 

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