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कुवैत से लौटी महिला ने बयां किया दर्द, बताया कैसे छूटी, जानें सनी देओल क्यों आए निशाने पर

Sun, 28 Jul 2019 01:05 PM IST
ajay kumar मनन सैनी, अमर उजाला, गुरदासपुर (पंजाब)
मनन सैनी, अमर उजाला, गुरदासपुर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 28 Jul 2019 01:05 PM IST
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Gurdaspur's Woman Returned Home From Kuwait And Know Why Sunny Deol Came On Target
गुरदासपुर में जानकारी देते हुए रोहित व वीना बेदी - फोटो : अमर उजाला

एजेंट के झांसे में आकर कुवैत में फंसी धारीवाल की वीना भले ही अपने घर पहुंच गई है लेकिन वह अपने साथ हुए अमानवीय व्यवहार से मिली दिमागी परेशानी से उबर नहीं पा रही। शुक्रवार देर रात घर पहुंची वीना को जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी सचिव राणा कंवरदीप के नेतृत्व में सिविल अस्पताल गुरदासपुर लाया गया। 

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पूरा दिन इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया। अब तक यही माना जा रहा था कि वीना को घर लाने में सनी देओल और केंद्र सरकार की भूमिका है लेकिन अब सामने आया है कि वीना को घर लाने में केवल हरनेक सिंह रंधावा हेल्पलाइन कनाडा की ही भूमिका रही है।
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जुलाई 2018 में परिवार के पालन के लिए एजेंट के झांसे में आकर कुवैत गई धारीवाल निवासी वीना बेदी ने बताया कि एजेंट द्वारा उसे बताया गया था कि कुवैत में उसे तीन बच्चों की देखरेख करनी है जिसके बदले में उसे अच्छे पैसे मिलेंगे। 
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वहां पहुंचने के बाद उसके साथ धोखा हुआ और उसे बंदी बनाकर रखा गया। उससे घर का सारा काम करवाया जाता था और उससे मारपीट भी की जाती थी। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था। 21 मई 2019 को उसके पति सुरेंद्र की उसकी चिंता में हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसके बेटे रोहित बेदी ने किसी तरह संपर्क करके उसे यह सूचना दी। 

जब उसने उसके शेख को पति की मौत संबंधी बात बताई तो उसने कहा कि ऐसे रोजाना लाखों लोग मरते रहते हैं। एक साल काम करवाने के बदले उसे कोई पैसा भी नहीं दिया गया। उसने बताया कि वह अपने बेटे द्वारा किए गए प्रयासों के चलते ही आज सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी है।

वीना के बेटे रोहित ने बताया कि उन्होंने सांसद सनी देओल सहित कई लोगों के पास उसकी मां को वापस लाने के लिए गुहार लगाई थी लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। 

आखिर में उसने हरनेक रंधावा हेल्पलाइन कनाडा से संपर्क किया जिन्होंने उसकी मां को वापस लाने में बहुत मदद की। कुवैत में एक शेख द्वारा उसे बंदी बनाया गया। उसका कहना था कि उसने वीना को 1200 दिनार में खरीदा है। जिसके बाद हरनेक सिंह रंधावा हेल्पलाइन की ओर से 1200 दीनार देकर उसे शेख से रिहा करवाया गया और कुवैत से हेल्पलाइन के सदस्यों द्वारा ही एयर टिकट का प्रबंध करके भारत भेजा गया। 

हरनेक सिंह रंधावा हेल्पलाइन की ओर से 13 जुलाई को वीना को वापस लाने का काम शुरू किया गया था और 11 दिन की कड़ी मेहनत के बाद वह सफल हो गए। शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंची वीना की सेहत काफी कमजोर हो चुकी थी। उसने बताया कि उसे भूखा रखने के साथ-साथ मारपीट की जाती थी। जब वह विदेश गई तो उसका वजन 60 किलो था जो अब कम होकर 38 किलो रह गया है।

यही कारण है कि उसका शरीर अभी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। शनिवार को जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की सचिव राणा कंवरदीप की ओर से अपनी देखरेख में वीना को सिविल अस्पताल गुरदासपुर में लाया गया। यहां पर पूरा दिन चले इलाज के बाद उसे शाम को घर भेज दिया गया।

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