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इस जेल में बवाल के बाद लिया सबक, अब कैदियों को मिलेगा ईनाम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Mar 2017 09:28 AM IST
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जेल में बवाल के बाद लिया सबक
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जेलों में लगातार हिंसा की घटनाओं के बाद अब पुलिस प्रशासन की नींद टूटी है, गुरदासपुर जेल में मुलाजिमों और कैदियों के बीच हुई झड़प के बाद अब कई कैदियों को ईनाम देने की तैयारी हो रही है। गुरदासपुर जेल अथॉरिटी ने शुक्रवार रात हुई तोड़फोड़ के दौरान अच्छा बर्ताव दिखाने वाले कैदियों को ईनाम देने का एलान किया है। पुलिस व जेल अधिकारियों के ऑपरेशन के बाद जेल में हालात आम जैसे हो गए हैं। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की हिदायतों के बाद जेल में सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक जेल में डॉक्टरों की टीम का प्रबंध किया गया, जिसने सभी बैरकों में जाकर कैदियों की जांच की। किसी को कोई खरोंच भी नहीं आई थी। शुक्रवार को हुई हिंसा के दौरान जेल स्टाफ की मदद को आए कैदियों को ईनाम देने का फैसला किया गया है। करीब डेढ़ सौ कैदियों द्वारा की गई तोड़फोड़ के दौरान जेल स्टाफ के चार मेंबरों की जान बचाने वाले कैदियों के चार बैरकों को टीवी सेट दिए गए हैं। फैक्ट्री में काम करने की इच्छा जताने वाले कैदियों के लिए बेकरी यूनिट लगाने को भी मंजूरी दी गई है।
25 कैदियों ने निजी कारणों से दूसरी जेलों में तब्दील करने की मांग की थी, उसे मान कर उन्हें वहां भेज दिया गया है। डीसी दफ्तर में लंबित पड़े छुट्टी के करीब चार दर्जन मामलों को मंजूरी दी गई है। पैरोल की अर्जियों के जल्द निपटारे को डीसी दफ्तर में हेल्पलाइन शुरू की गई है। कैदी अपने परिजनों से मिल सकें, इसके लिए भी अगले हफ्ते से विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। जिस बैरक से गड़बड़ी शुरू हुई थी, वहां कंप्यूटर, अंग्रेजी, योग व संगीत की क्लास लगाई जाएंगी। जेल में इग्नू एनरोलमेंट मुहिम भी चलाई जा रही है। अब तक 31 कैदियों ने बारहवीं, बीए व एलएलबी जैसे कोर्स के लिए उत्साह दिखाया है।
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सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक जेल में डॉक्टरों की टीम का प्रबंध किया गया, जिसने सभी बैरकों में जाकर कैदियों की जांच की। किसी को कोई खरोंच भी नहीं आई थी। शुक्रवार को हुई हिंसा के दौरान जेल स्टाफ की मदद को आए कैदियों को ईनाम देने का फैसला किया गया है। करीब डेढ़ सौ कैदियों द्वारा की गई तोड़फोड़ के दौरान जेल स्टाफ के चार मेंबरों की जान बचाने वाले कैदियों के चार बैरकों को टीवी सेट दिए गए हैं। फैक्ट्री में काम करने की इच्छा जताने वाले कैदियों के लिए बेकरी यूनिट लगाने को भी मंजूरी दी गई है।
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25 कैदियों ने निजी कारणों से दूसरी जेलों में तब्दील करने की मांग की थी, उसे मान कर उन्हें वहां भेज दिया गया है। डीसी दफ्तर में लंबित पड़े छुट्टी के करीब चार दर्जन मामलों को मंजूरी दी गई है। पैरोल की अर्जियों के जल्द निपटारे को डीसी दफ्तर में हेल्पलाइन शुरू की गई है। कैदी अपने परिजनों से मिल सकें, इसके लिए भी अगले हफ्ते से विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। जिस बैरक से गड़बड़ी शुरू हुई थी, वहां कंप्यूटर, अंग्रेजी, योग व संगीत की क्लास लगाई जाएंगी। जेल में इग्नू एनरोलमेंट मुहिम भी चलाई जा रही है। अब तक 31 कैदियों ने बारहवीं, बीए व एलएलबी जैसे कोर्स के लिए उत्साह दिखाया है।
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