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Interview: गुरदासपुर उपचुनाव पर बोले सुनील जाखड़- विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 08 Oct 2017 09:05 AM IST
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Sunil Jakhar
- फोटो : File Photo
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गुरदासपुर, पठानकोट, बटाला, डेरा बाबा नानक, पनियार में बहुत सी समस्याओं पर काम किया जाना बाकी है। सबसे जरूरी है, बटाला के उद्योगों को पुनर्जीवित करना, पठानकोट में रेल फाटकों के जाल से जनता परेशान है, हलके में गन्ना मिलों को नया जीवन देना जरूरी है, पूरे हलके में छोटे कारोबारियों को जीएसटी ने तोड़कर रख दिया है।
ये सभी मसले मेरी नजर में हैं और इनके लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार के सहयोग से काम किए ही जाएंगे, जीएसटी और पहाड़ी राज्यों को विशेष पैकेज के कारण पंजाब को हो रहे नुकसान का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा और केंद्र से उसका हल भी कराया जाएगा। यह कहना है गुरदासपुर संसदीय सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी सुनील जाखड़ का। शुक्रवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने न सिर्फ भावी लक्ष्यों का खुलासा किया बल्कि विपक्ष और पिछली सरकारों की ओर से की गई हलके की अनदेखी पर अपनी राय रखी। यहां पेश हैं, उनसे बातचीत के प्रमुख अंश:
प्रश्न : विपक्ष आपके खिलाफ केवल दो मुद्दे उठा रहा है। एक, आप बाहरी प्रत्याशी हैं, दूसरे कांग्रेस सरकार ने छह महीने में सूबे में कुछ नहीं किया?
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उत्तर : विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है बल्कि मुद्दे बनाने की कोशिश की जा रही है। इस हलके का पिछला रिकार्ड देख लें, सभी प्रत्याशी बाहरी आते रहे हैं। सवाल तो यह है कि जनता के लिए काम किसने किए। मैं हर दुख-सुख में हलके के लोगों के साथ खड़ा रहा हूं। चाहे वह गंदे नाले में लोगों के बह जाने का हादसा था या गन्ना किसानों के लिए मिलों को सरकारी पैसा रिलीज कराने का मसला, मैं हर बार जनता के साथ धरना-विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुआ, तब मुझे किसी ने बाहरी नहीं कहा। जहां तक कैप्टन सरकार के कामकाज का सवाल है, उन्होंने खराब वित्तीय हालत के बीच भी बुढ़ापा पेंशन, शगुन स्कीम में राशि बढ़ाने के साथ-साथ कर्ज माफी जैसे फैसले लेकर जनता से किए वादे ही नहीं निभाए, यूपी-महाराष्ट्र सरकारों के लिए मिसाल पेश की है।
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ये सभी मसले मेरी नजर में हैं और इनके लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार के सहयोग से काम किए ही जाएंगे, जीएसटी और पहाड़ी राज्यों को विशेष पैकेज के कारण पंजाब को हो रहे नुकसान का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा और केंद्र से उसका हल भी कराया जाएगा। यह कहना है गुरदासपुर संसदीय सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी सुनील जाखड़ का। शुक्रवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने न सिर्फ भावी लक्ष्यों का खुलासा किया बल्कि विपक्ष और पिछली सरकारों की ओर से की गई हलके की अनदेखी पर अपनी राय रखी। यहां पेश हैं, उनसे बातचीत के प्रमुख अंश:
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प्रश्न : विपक्ष आपके खिलाफ केवल दो मुद्दे उठा रहा है। एक, आप बाहरी प्रत्याशी हैं, दूसरे कांग्रेस सरकार ने छह महीने में सूबे में कुछ नहीं किया?
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उत्तर : विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है बल्कि मुद्दे बनाने की कोशिश की जा रही है। इस हलके का पिछला रिकार्ड देख लें, सभी प्रत्याशी बाहरी आते रहे हैं। सवाल तो यह है कि जनता के लिए काम किसने किए। मैं हर दुख-सुख में हलके के लोगों के साथ खड़ा रहा हूं। चाहे वह गंदे नाले में लोगों के बह जाने का हादसा था या गन्ना किसानों के लिए मिलों को सरकारी पैसा रिलीज कराने का मसला, मैं हर बार जनता के साथ धरना-विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुआ, तब मुझे किसी ने बाहरी नहीं कहा। जहां तक कैप्टन सरकार के कामकाज का सवाल है, उन्होंने खराब वित्तीय हालत के बीच भी बुढ़ापा पेंशन, शगुन स्कीम में राशि बढ़ाने के साथ-साथ कर्ज माफी जैसे फैसले लेकर जनता से किए वादे ही नहीं निभाए, यूपी-महाराष्ट्र सरकारों के लिए मिसाल पेश की है।
सुनील जाखड़
- फोटो : File Photo
प्रश्न: पहले लंगाह और अब स्वर्ण सलारिया पर लगे आरोपों पर आपकी प्रतिक्रिया?
उत्तर: जो कुछ भी सामने आया है, वह शर्मनाक और निंदनीय है। सलारिया ने अपने नामांकन में यह बातें छिपाकर और भी गलत किया है। उन्हें जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए था। कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग को शिकायत भी दी है।
प्रश्न: बदले हालात के बीच अब चुनाव में स्वर्ण सलारिया की क्या पोजिशन मानते हैं?
उत्तर: सबसे पहली बात तो यही है कि स्वर्ण सलारिया भाजपा के नहीं अकाली दल के प्रत्याशी लगते हैं। आज दिवंगत सांसद विनोद खन्ना का जन्म दिवस है और अगर भाजपा कहीं चुनाव मैदान में होती तो अपने दिवंगत सांसद जोकि बहुत नेक व्यक्ति थे, उनके लिए श्रद्धांजलि के दो शब्द कहती। पूरा दिन अकाली ही सलारिया का प्रचार करते हैं, भाजपा तो नजर भी नहीं आ रही।
उत्तर: जो कुछ भी सामने आया है, वह शर्मनाक और निंदनीय है। सलारिया ने अपने नामांकन में यह बातें छिपाकर और भी गलत किया है। उन्हें जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए था। कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग को शिकायत भी दी है।
प्रश्न: बदले हालात के बीच अब चुनाव में स्वर्ण सलारिया की क्या पोजिशन मानते हैं?
उत्तर: सबसे पहली बात तो यही है कि स्वर्ण सलारिया भाजपा के नहीं अकाली दल के प्रत्याशी लगते हैं। आज दिवंगत सांसद विनोद खन्ना का जन्म दिवस है और अगर भाजपा कहीं चुनाव मैदान में होती तो अपने दिवंगत सांसद जोकि बहुत नेक व्यक्ति थे, उनके लिए श्रद्धांजलि के दो शब्द कहती। पूरा दिन अकाली ही सलारिया का प्रचार करते हैं, भाजपा तो नजर भी नहीं आ रही।
प्रश्न: कांग्रेस और भाजपा के सामने आम आदमी पार्टी भी है। इस चुनाव में आप इसे किस स्तर पर आंकते हैं?
उत्तर: आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में पहले ही हार मान ली है। उनके प्रत्याशी और वर्करों ने मान लिया है कि उनका जीतना संभव नहीं है। यही कारण भी है कि केजरीवाल चुनाव प्रचार के लिए गुरदासपुर नहीं आए।
प्रश्न: यह संसदीय सीट सीमावर्ती जिलों की है, जिसकी अन्य जिलों से अलग कई समस्याएं हैं। इसके बारे में आप क्या सोचते हैं?
उत्तर: केवल यही जिले नहीं, पंजाब के कई जिले बार्डरलाइन पर हैं और कांग्रेस इन जिलों के बाशिंदों की समस्याएं और मांगों को अच्छी तरह जानती है। इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग की जरूरत है। जनता का सहयोग मिला तो मैं अवश्य ही इन समस्याओं को संसद में उठाऊंगा और हल कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उत्तर: आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में पहले ही हार मान ली है। उनके प्रत्याशी और वर्करों ने मान लिया है कि उनका जीतना संभव नहीं है। यही कारण भी है कि केजरीवाल चुनाव प्रचार के लिए गुरदासपुर नहीं आए।
प्रश्न: यह संसदीय सीट सीमावर्ती जिलों की है, जिसकी अन्य जिलों से अलग कई समस्याएं हैं। इसके बारे में आप क्या सोचते हैं?
उत्तर: केवल यही जिले नहीं, पंजाब के कई जिले बार्डरलाइन पर हैं और कांग्रेस इन जिलों के बाशिंदों की समस्याएं और मांगों को अच्छी तरह जानती है। इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग की जरूरत है। जनता का सहयोग मिला तो मैं अवश्य ही इन समस्याओं को संसद में उठाऊंगा और हल कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।