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बचपन से आखों में रोशनी नहीं, UGC टॉप कर सभी को दिखाया आइना
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
Updated Wed, 21 Jun 2017 09:15 AM IST
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UGC टॉपर सचिन शर्मा
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कहते हैं कि अगर इंसान के मन में कुछ बनने का जज्बा हों तो वह कुछ भी बन सकता है, उसके लिए कुछ भी बनना मुश्किल बात नहीं। यही कर दिखाया है दिव्यांग सचिन शर्मा ने जिसकी दोनो आंखों मे बचपन से ही रोशनी नहीं है। सचिन शर्मा पुत्र जुगल किशोर निवासी सिंघोवाल ने यूजीसी परीक्षा 70 फीसदी अंकों से पास की। अब उसे 30 हजार रुपये प्रति माह स्कालरशिप मिलेगी। सचिन की ख्वाहिश लेक्चरार बनकर बच्चों को संगीत की शिक्षा देने की है।
अपने घर में बातचीत के दौरान बताया कि बचपन से ही वह दोनों आंखों की रोशनी से महरूम है। वह तीन बहन-भाई है। बहन सबसे बड़ी है, जबकि भाई छोटा है। सचिन के अनुसार उसके पिता सरकारी अध्यापक है और माता घरेलू महिला है। सचिन ने बताया कि सबसे पहले उसने सातवीं तक ब्लाइंड स्कूल अमृतसर में प्राथमिक शिक्षा हासिल की और बीए तक की पढ़ाई पटियाला से ग्रहण की।
एमए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से किया। उसे 4 दिसंबर 2016 को गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल कांसल चंडीगढ़ में अध्यापक की। नौकरी मिल गई। उस नौकरी से वह संतुष्ट नहीं था, जिस कारण नौकरी से इस्तीफा दे देगा।
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अपने घर में बातचीत के दौरान बताया कि बचपन से ही वह दोनों आंखों की रोशनी से महरूम है। वह तीन बहन-भाई है। बहन सबसे बड़ी है, जबकि भाई छोटा है। सचिन के अनुसार उसके पिता सरकारी अध्यापक है और माता घरेलू महिला है। सचिन ने बताया कि सबसे पहले उसने सातवीं तक ब्लाइंड स्कूल अमृतसर में प्राथमिक शिक्षा हासिल की और बीए तक की पढ़ाई पटियाला से ग्रहण की।
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एमए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से किया। उसे 4 दिसंबर 2016 को गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल कांसल चंडीगढ़ में अध्यापक की। नौकरी मिल गई। उस नौकरी से वह संतुष्ट नहीं था, जिस कारण नौकरी से इस्तीफा दे देगा।
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‘आंखों ने रोशनी नहीं, मां बाप का नाम किया रोशन’
UGC टॉपर सचिन शर्मा
नौकरी से इस्तीफा देने के बाद सचिन ने पढ़ाई जारी रखी और यूजीसी की तैयारी करनी शुरू कर दी। वह आज पूरे भारत में 70 फीसदी नंबर लेकर पास हुआ है, उसे अब 30 हजार रुपए प्रति महीना स्कालरशिप मिलेगी। ववह एम फिल कर रहा है और पीएचडी करने के बाद उसका सपना है कि म्यूजिक का लेक्चरार बनने का है।
माता-पिता ने बताया कि शुरू से ही सचिन के भविष्य को लेकर वह काफी परेशान रहते थे। बचपन से ही होनहार सचिन ने आंखों में रोशनी न होने के बावजूद यूजीसी मे 70 फीसदी अंक लेकर उनका नाम रोशन कर दिया है। गांव के सरपंच यशपाल सिंह ने बताया कि यह लड़का बहुत ही होनहार है और बचपन से ही देखने में असमर्थ है। इसके बावजूद सचिन ने जो मुकाम हासिल किया है उस पर गर्व है।
पूरे भारत में यूजीसी का टेस्ट 70 फीसदी अंक लेकर पास करना कोई छोटी बात नही। हमे पूरी उम्मीद है कि सचिन का पीएचडी करके म्यूजिक टीचर बनने का सपना जरुर पूरा होगा। इस मौके पर सचिन की माता कमलेश शर्मा, बहन नीति शर्मा तथा छोटा भाई शिवम शर्मा भी उपस्थित थे।
माता-पिता ने बताया कि शुरू से ही सचिन के भविष्य को लेकर वह काफी परेशान रहते थे। बचपन से ही होनहार सचिन ने आंखों में रोशनी न होने के बावजूद यूजीसी मे 70 फीसदी अंक लेकर उनका नाम रोशन कर दिया है। गांव के सरपंच यशपाल सिंह ने बताया कि यह लड़का बहुत ही होनहार है और बचपन से ही देखने में असमर्थ है। इसके बावजूद सचिन ने जो मुकाम हासिल किया है उस पर गर्व है।
पूरे भारत में यूजीसी का टेस्ट 70 फीसदी अंक लेकर पास करना कोई छोटी बात नही। हमे पूरी उम्मीद है कि सचिन का पीएचडी करके म्यूजिक टीचर बनने का सपना जरुर पूरा होगा। इस मौके पर सचिन की माता कमलेश शर्मा, बहन नीति शर्मा तथा छोटा भाई शिवम शर्मा भी उपस्थित थे।