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सरकार बोली, बात करनी है तो अनशन खत्म करो
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 18 Feb 2014 12:07 AM IST
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सोलह हजार गेस्ट टीचरों को पक्का करने की बातचीत करने के मामले में सरकार ने दो टूक जवाब दिया है। उन्हें कहा गया है कि अगर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बात करनी है, तो अनशन समाप्त करो, टेंट उखाड़ो।
गेस्ट टीचरों ने सरकार की यह दो टूक बात नामंजूर कर दी है। नतीजतन 11 गेस्ट टीचरों का आमरण अनशन सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी रहा।
टीचर यूनियन के प्रधान राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि सोमवार को सीआईडी के डीएसपी रतन सिंह ने उन्हें सरकार की तरफ से संदेश दिया कि वह अपनी मांगों पर मुख्यमंत्री से बात करना चाहते हैं, तो अनशन तोड़ें, अनशन स्थल पर लगा टेंट उखाड़ें, उसके बाद मुख्यमंत्री के साथ बात करें।
शास्त्री ने कहा कि हालांकि, छह गेस्ट टीचरों ने रविवार को भी मुख्यमंत्री से बात की थी, मगर सीएम ने भी यही शर्त थोप दी थी। सोमवार को भी वही शर्त थोप दी। सरकार के इस अड़ियल रवैये से गेस्ट टीचर नाराज हैं।
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उन्होंने कहा कि डीएसपी को यह संदेश भी दिया था कि अनशन पर बैठे सब 11 गेस्ट टीचर सीधे अनशन स्थल से उठकर मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करने जा सकते हैं, मगर उनकी यह मांग भी अस्वीकार कर दी।
शास्त्री ने कहा कि सोमवार को गेस्ट टीचरों ने छुट्टी लेकर सब कांग्रेसी विधायकों और सरकार को समर्थन दे रहे गैर कांग्रेसी विधायकों के घरों के आगे प्रदर्शन किए गए।
उनकी मांग है कि सरकार सब 16000 गेस्ट टीचरों को रेगुलर करे। उधर, सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल अनशन पर कह चुकी हैं कि सरकार गेस्ट टीचरों के पदों को रिक्त नहीं मान रही है। मुख्यमंत्री ने उनका वेतन पहले ही काफी बढ़ा रखा है। रेगुलर करने में अदालते के कई फैसले आ चुके हैं।
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गेस्ट टीचरों ने सरकार की यह दो टूक बात नामंजूर कर दी है। नतीजतन 11 गेस्ट टीचरों का आमरण अनशन सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी रहा।
टीचर यूनियन के प्रधान राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि सोमवार को सीआईडी के डीएसपी रतन सिंह ने उन्हें सरकार की तरफ से संदेश दिया कि वह अपनी मांगों पर मुख्यमंत्री से बात करना चाहते हैं, तो अनशन तोड़ें, अनशन स्थल पर लगा टेंट उखाड़ें, उसके बाद मुख्यमंत्री के साथ बात करें।
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शास्त्री ने कहा कि हालांकि, छह गेस्ट टीचरों ने रविवार को भी मुख्यमंत्री से बात की थी, मगर सीएम ने भी यही शर्त थोप दी थी। सोमवार को भी वही शर्त थोप दी। सरकार के इस अड़ियल रवैये से गेस्ट टीचर नाराज हैं।
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उन्होंने कहा कि डीएसपी को यह संदेश भी दिया था कि अनशन पर बैठे सब 11 गेस्ट टीचर सीधे अनशन स्थल से उठकर मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करने जा सकते हैं, मगर उनकी यह मांग भी अस्वीकार कर दी।
शास्त्री ने कहा कि सोमवार को गेस्ट टीचरों ने छुट्टी लेकर सब कांग्रेसी विधायकों और सरकार को समर्थन दे रहे गैर कांग्रेसी विधायकों के घरों के आगे प्रदर्शन किए गए।
उनकी मांग है कि सरकार सब 16000 गेस्ट टीचरों को रेगुलर करे। उधर, सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल अनशन पर कह चुकी हैं कि सरकार गेस्ट टीचरों के पदों को रिक्त नहीं मान रही है। मुख्यमंत्री ने उनका वेतन पहले ही काफी बढ़ा रखा है। रेगुलर करने में अदालते के कई फैसले आ चुके हैं।