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GST की आहट से गिरे दालों के रेट, ये है नई कीमत
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 10 Jun 2017 12:52 AM IST
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दाल
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पिछले काफी समय से आसमान पर चल रहे दालों के रेट एकाएक बेतहाशा गिर गए हैं। वजह यह है कि एक जुलाई से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू होना है। इसलिए कारोबारी उससे पहले अपना स्टॉक निकालने में लग गए हैं।
पिछले काफी समय से दालों के रेट काफी ज्यादा चल रहे थे। पर अचानक ही होलसेल मार्केट में दालों के दाम में काफी गिरावट आ गई है। अरहर की दाल जो कुछ दिन पहले 8500 रुपये क्विंटल थी, अब 5600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। माह साबुत का भी यही हाल है, कुछ समय पहले 9000 रुपये प्रति क्विंटल रेट थे, अब गिर कर 5500-6000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं।
यही हाल सभी दालों का है। जानकारों का मानना है कि मुख्य तौर पर जीएसटी के कारण दालों के रेट इतने गिरे हैं। जीएसटी एक जुलाई से लागू होना है और जीएसटी में ब्रांडेड दालों पर पांच प्रतिशत टैक्स होगा। लेकिन नॉन ब्रांडेड दालों पर कोई टैक्स नहीं होगा। जबकि, अभी कारोबारी सभी दालों पर 1.67 फीसदी वैल्यू एडीशन टैक्सन (वैट) दे रहे हैं। यानी थोक कारोबारियों के पास इस समय जो भी दालों का स्टॉक है, उस पर वे 1.67 प्रतिशत वैट दे चुके हैं।
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अगर वे एक जुलाई केबाद ये माल बेचते हैं तो रिटेलर उन्हें वैट नहीं देंगे। क्योंकि तब दालों पर कोई टैक्स नहीं होगा। जिसके चलते थोक कारोबारियों का नुकसान होगा। कारोबारियों को जीएसटी को लेकर कुछ और भी आशंकाएं हैं। इसकेचलते थोक कारोबारी एक जुलाई से पहले किसी भी तरह सारा स्टॉक निकाल देना चाहते हैं।
यही वजह है कि थोक मार्केट में दालों के रेट काफी गिर गए हैं। टैक्सेशन वकील नरेश अरोड़ा कहते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद नॉन ब्रांडेड दालों पर जीरो प्रतिशत टैक्स होगा। इसी लिए कारोबारी अपना स्टॉक निकालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उन्हें नुकसान न हो।
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पिछले काफी समय से दालों के रेट काफी ज्यादा चल रहे थे। पर अचानक ही होलसेल मार्केट में दालों के दाम में काफी गिरावट आ गई है। अरहर की दाल जो कुछ दिन पहले 8500 रुपये क्विंटल थी, अब 5600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। माह साबुत का भी यही हाल है, कुछ समय पहले 9000 रुपये प्रति क्विंटल रेट थे, अब गिर कर 5500-6000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं।
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यही हाल सभी दालों का है। जानकारों का मानना है कि मुख्य तौर पर जीएसटी के कारण दालों के रेट इतने गिरे हैं। जीएसटी एक जुलाई से लागू होना है और जीएसटी में ब्रांडेड दालों पर पांच प्रतिशत टैक्स होगा। लेकिन नॉन ब्रांडेड दालों पर कोई टैक्स नहीं होगा। जबकि, अभी कारोबारी सभी दालों पर 1.67 फीसदी वैल्यू एडीशन टैक्सन (वैट) दे रहे हैं। यानी थोक कारोबारियों के पास इस समय जो भी दालों का स्टॉक है, उस पर वे 1.67 प्रतिशत वैट दे चुके हैं।
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अगर वे एक जुलाई केबाद ये माल बेचते हैं तो रिटेलर उन्हें वैट नहीं देंगे। क्योंकि तब दालों पर कोई टैक्स नहीं होगा। जिसके चलते थोक कारोबारियों का नुकसान होगा। कारोबारियों को जीएसटी को लेकर कुछ और भी आशंकाएं हैं। इसकेचलते थोक कारोबारी एक जुलाई से पहले किसी भी तरह सारा स्टॉक निकाल देना चाहते हैं।
यही वजह है कि थोक मार्केट में दालों के रेट काफी गिर गए हैं। टैक्सेशन वकील नरेश अरोड़ा कहते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद नॉन ब्रांडेड दालों पर जीरो प्रतिशत टैक्स होगा। इसी लिए कारोबारी अपना स्टॉक निकालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उन्हें नुकसान न हो।
दालों की ये है नई कीमत
उड़द दाल
दालों के रेट ---- पहले ---- अब (प्रति क्विंटल)
अरहर ----- 8500 ----- 8500
माह साबुत -- 9000 ---- 5500-6000
मूंग ------- 9000 ----- 5500
मसूर ------ 8500 ----- 5800
सफेद चने --- 10000 ---- 7500
काले चने ---- 9000 ----- 6500
आम लोगों को नहीं हुआ फायदा
जीएसटी लागू होने के चलते दालों के रेट थोक बाजार में तो गिर गए हैं। लेकिन आम लोगों को इसका कोई फायदा नहीं हुआ है। रिटेलर्स ने दालों के रेट नहीं घटाए हैैं, बीच का सारा मुनाफा वही कमा रहे हैं। आम लोगों को दालें अभी भी उसी रेट पर मिल रही हैं, जिस पर पहले मिलती थीं।
अरहर ----- 8500 ----- 8500
माह साबुत -- 9000 ---- 5500-6000
मूंग ------- 9000 ----- 5500
मसूर ------ 8500 ----- 5800
सफेद चने --- 10000 ---- 7500
काले चने ---- 9000 ----- 6500
आम लोगों को नहीं हुआ फायदा
जीएसटी लागू होने के चलते दालों के रेट थोक बाजार में तो गिर गए हैं। लेकिन आम लोगों को इसका कोई फायदा नहीं हुआ है। रिटेलर्स ने दालों के रेट नहीं घटाए हैैं, बीच का सारा मुनाफा वही कमा रहे हैं। आम लोगों को दालें अभी भी उसी रेट पर मिल रही हैं, जिस पर पहले मिलती थीं।