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ग्राउंड रिपोर्ट: जालंधर में भाजपा को मोदी, तो आप को मान का सहारा... कांग्रेस और अकाली दल कैडर वोट के भरोसे
Fri, 17 May 2024 04:17 PM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 17 May 2024 04:17 PM IST
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जालंधर से ग्राउंड रिपोर्ट
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अमर उजाला
विस्तार
पंजाब की जालंधर सीट पर बहुकोणीय टक्कर है और हर प्रत्याशी को जीत का पूरा भरोसा है। यहां कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी, आप के पवन कुमार टीनू, शिअद के मोहिंदर सिंह केपी, भाजपा के सुशील कुमार रिंकू और बसपा के बलविंदर कुमार के बीच मुकाबला है।
टीनू बिजली माफी, मोहल्ला क्लीनिक के गुणगान में लगे
आप के उम्मीदवार पवन कुमार टीनू रोजाना लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। वह गांवों में जाकर बिजली बिल माफ का मुद्दा उठा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा व हेल्थ के मॉडल की बात करते हैं। मोहल्ला क्लीनिक और वहां पर मिलने वाली दवाइयों व सुविधाओं का पूर्ण गुणगान करते हैं। उनको भरोसा है कि भगवंत मान की सरकार की दो साल की कारगुजारी जनता के प्रति काफी समर्पित रही है और इसका पूर्ण फायदा उनको मिलेगा। साल 2014 में ज्योति अक्षरा मान ने 2.54 लाख वोट हासिल किए थे।
2019 के लोकसभा चुनाव में आप को मात्र 2.53 प्रतिशत वोट मिले थे। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने नौ में से चार सीटें जीती। 2023 में आप ने जालंधर उपचुनाव जीता था। सुशील कुमार रिंकू को 3,02,279 लाख वोट मिले और उन्होंने 58,691 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मत प्रतिशत में उन्हें करीब 35 प्रतिशत वोट मिले थे। इस बार आम आदमी पार्टी जालंधर में अपना छठा चुनाव लड़ने जा रही है।
पूर्व सीएम खूब उठाते हैं दलबदलुओं का मुद्दा
चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पूर्व सीएम हैं। वह रोजाना सात आठ जनसभाएं करते हैं। हर सभा में वह पंजाब में नशा व सट्टे का मुद्दा उठाते हैं। उनको जालंधर में कांग्रेस के मजबूत वोट बैंक पर पूर्ण विश्वास है। वह सभा में दलबदलुओं का मुद्दा उठाते हैं। उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे तीन मुख्य पार्टियों के उम्मीदवारों ने दल बदले हैं। लिहाजा, चन्नी इस को पूरा भुना रहे हैं। जालंधर के गांवों में फैल रहे नशे को भी वह जोर शोर से उठाते हैं। उनका कहना है कि जालंधर के वसनीकों ने कांग्रेस पर पूर्ण विश्वास किया है। 2022 में जालंधर में नौ में से पांच विधायक कांग्रेस के हैं। यह उनके लिए सकून की बात है। हालांकि, फिल्लौर से कांग्रेस विधायक बिक्रम चौधरी अलग हो चुके हैं और चन्नी का साथ नहीं दे रहे हैं।
आप के उम्मीदवार पवन कुमार टीनू रोजाना लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। वह गांवों में जाकर बिजली बिल माफ का मुद्दा उठा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा व हेल्थ के मॉडल की बात करते हैं। मोहल्ला क्लीनिक और वहां पर मिलने वाली दवाइयों व सुविधाओं का पूर्ण गुणगान करते हैं। उनको भरोसा है कि भगवंत मान की सरकार की दो साल की कारगुजारी जनता के प्रति काफी समर्पित रही है और इसका पूर्ण फायदा उनको मिलेगा। साल 2014 में ज्योति अक्षरा मान ने 2.54 लाख वोट हासिल किए थे।
2019 के लोकसभा चुनाव में आप को मात्र 2.53 प्रतिशत वोट मिले थे। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने नौ में से चार सीटें जीती। 2023 में आप ने जालंधर उपचुनाव जीता था। सुशील कुमार रिंकू को 3,02,279 लाख वोट मिले और उन्होंने 58,691 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मत प्रतिशत में उन्हें करीब 35 प्रतिशत वोट मिले थे। इस बार आम आदमी पार्टी जालंधर में अपना छठा चुनाव लड़ने जा रही है।
पूर्व सीएम खूब उठाते हैं दलबदलुओं का मुद्दा
चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पूर्व सीएम हैं। वह रोजाना सात आठ जनसभाएं करते हैं। हर सभा में वह पंजाब में नशा व सट्टे का मुद्दा उठाते हैं। उनको जालंधर में कांग्रेस के मजबूत वोट बैंक पर पूर्ण विश्वास है। वह सभा में दलबदलुओं का मुद्दा उठाते हैं। उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे तीन मुख्य पार्टियों के उम्मीदवारों ने दल बदले हैं। लिहाजा, चन्नी इस को पूरा भुना रहे हैं। जालंधर के गांवों में फैल रहे नशे को भी वह जोर शोर से उठाते हैं। उनका कहना है कि जालंधर के वसनीकों ने कांग्रेस पर पूर्ण विश्वास किया है। 2022 में जालंधर में नौ में से पांच विधायक कांग्रेस के हैं। यह उनके लिए सकून की बात है। हालांकि, फिल्लौर से कांग्रेस विधायक बिक्रम चौधरी अलग हो चुके हैं और चन्नी का साथ नहीं दे रहे हैं।
सुशील रिंकू मोदी नाम के सहारे
वहीं, भाजपा की तरफ से सुशील कुमार रिंकू मैदान में हैं। उनको मोदी व आरएसएस का सहारा है। वह शहरों में जब भी मीटिंग या रैली करते हैं तो मोदी के नाम पर वोट मांगते हैं। राम मंदिर व धारा 370 का जिक्र करते हैं। जालंधर में 54 फीसदी वोटर अर्बनाइज है। ग्रामीण इलाकों में कई कस्बे हैं, जहां पर से रिंकू को पूरी आशा है। वह जब अंदरूनी गांवों का रुख करते हैं, तो वहां के स्थानीय मुद्दों को उठाते हैं। मसलन, शाहकोट इलाके में वह खनन को खत्म करने की बात करते हैं तो सिटी में कूड़े की।
क्षेत्रीय पार्टी के नाम पर वोट मांग रहे केपी
मोहिंदर सिंह केपी ने कांग्रेस छोड़कर अकाली दल का दामन थामा है। वह कांग्रेस के खिलाफ भड़ास निकालते हैं। उनको उम्मीद है कि पुराने कांग्रेसी उनका साथ देंगे क्योंकि वह जालंधर से सांसद व पीपीसीसी प्रधान रह चुके हैं। वह गांवों में जाकर अकाली दल के लिए वोट मांगते हैं, उनका कहना है कि पंजाब के मुद्दे क्षेत्रीय पार्टी ही हल कर सकती है।
वहीं बसपा के बलविंदर कुमार को 2019 में दो लाख से अधिक मत मिले थे। वह आप की धक्केशाही के खिलाफ वोट मांग रहे हैं। बलविंदर कुमार युवा वर्ग को काफी प्रभावित कर रहे हैं। पेशे से वकील बलविंदर कुमार विभिन्न समाचार पत्रों के लिए कार्य कर चुके हैं।
वहीं, भाजपा की तरफ से सुशील कुमार रिंकू मैदान में हैं। उनको मोदी व आरएसएस का सहारा है। वह शहरों में जब भी मीटिंग या रैली करते हैं तो मोदी के नाम पर वोट मांगते हैं। राम मंदिर व धारा 370 का जिक्र करते हैं। जालंधर में 54 फीसदी वोटर अर्बनाइज है। ग्रामीण इलाकों में कई कस्बे हैं, जहां पर से रिंकू को पूरी आशा है। वह जब अंदरूनी गांवों का रुख करते हैं, तो वहां के स्थानीय मुद्दों को उठाते हैं। मसलन, शाहकोट इलाके में वह खनन को खत्म करने की बात करते हैं तो सिटी में कूड़े की।
क्षेत्रीय पार्टी के नाम पर वोट मांग रहे केपी
मोहिंदर सिंह केपी ने कांग्रेस छोड़कर अकाली दल का दामन थामा है। वह कांग्रेस के खिलाफ भड़ास निकालते हैं। उनको उम्मीद है कि पुराने कांग्रेसी उनका साथ देंगे क्योंकि वह जालंधर से सांसद व पीपीसीसी प्रधान रह चुके हैं। वह गांवों में जाकर अकाली दल के लिए वोट मांगते हैं, उनका कहना है कि पंजाब के मुद्दे क्षेत्रीय पार्टी ही हल कर सकती है।
वहीं बसपा के बलविंदर कुमार को 2019 में दो लाख से अधिक मत मिले थे। वह आप की धक्केशाही के खिलाफ वोट मांग रहे हैं। बलविंदर कुमार युवा वर्ग को काफी प्रभावित कर रहे हैं। पेशे से वकील बलविंदर कुमार विभिन्न समाचार पत्रों के लिए कार्य कर चुके हैं।
2023 उपचुनाव का जनादेश
उपचुनाव में आप के सुशील कुमार रिंकू ने कांग्रेस के कमरजीत कौर चौधरी को 58,691 मतों से हराया था।
आप: सुशील कुमार रिंकू- 3,02,279 वोट
कांग्रेस: करमजीत कौर चौधरी- 2,43,588 वोट
शिअद: डॉ. सुखविंदर कुमार सुखी- 1,58,445 वोट
भाजपा: इंदर इकबाल सिंह अटवाल- 1,34,800 वोट
2019 का जनादेश
इस चुनाव में जालंधर लोकसभा सीट से कुल 19 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। कांग्रेस ने एक बार फिर यहां से मौजूदा सांसद चौधरी संतोख सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जबकि शिरोमणि अकाली दल ने चरणजीत सिंह अटवाल को टिकट दिया था। वहीं, आम आदमी पार्टी ने रिटायर्ड जज जोरा सिंह को मैदान में उतारा था।
कांग्रेस: संतोख सिंह चौधरी- 3,85,712 वोट
शिअद: चरणजीत सिंह अटवाल- 3,66,221 वोट
बसपा: बलविंदर कुमार- 2,04,783 वोट
आप: न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जोरा सिंह- 25,467 वोट
2014 का जनादेश
पिछली बार साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जालंधर सीट से कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी ने अकाली दल के पवन कुमार टीनू को 70 हजार 981 वोटों से हराया था। संतोख सिंह को 3 लाख 80 हजार 479 (36.6 फीसदी) वोट मिले थे, जबकि अकाली दल के टीनू को 3 लाख 9 हजार 498 (29.7 फीसदी) वोट प्राप्त हुए थे। वहीं, 2 लाख 54 हजार 121 वोट पाकर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार ज्योति मान तीसरे स्थान पर रहीं।
उपचुनाव में आप के सुशील कुमार रिंकू ने कांग्रेस के कमरजीत कौर चौधरी को 58,691 मतों से हराया था।
आप: सुशील कुमार रिंकू- 3,02,279 वोट
कांग्रेस: करमजीत कौर चौधरी- 2,43,588 वोट
शिअद: डॉ. सुखविंदर कुमार सुखी- 1,58,445 वोट
भाजपा: इंदर इकबाल सिंह अटवाल- 1,34,800 वोट
2019 का जनादेश
इस चुनाव में जालंधर लोकसभा सीट से कुल 19 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। कांग्रेस ने एक बार फिर यहां से मौजूदा सांसद चौधरी संतोख सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जबकि शिरोमणि अकाली दल ने चरणजीत सिंह अटवाल को टिकट दिया था। वहीं, आम आदमी पार्टी ने रिटायर्ड जज जोरा सिंह को मैदान में उतारा था।
कांग्रेस: संतोख सिंह चौधरी- 3,85,712 वोट
शिअद: चरणजीत सिंह अटवाल- 3,66,221 वोट
बसपा: बलविंदर कुमार- 2,04,783 वोट
आप: न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जोरा सिंह- 25,467 वोट
2014 का जनादेश
पिछली बार साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जालंधर सीट से कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी ने अकाली दल के पवन कुमार टीनू को 70 हजार 981 वोटों से हराया था। संतोख सिंह को 3 लाख 80 हजार 479 (36.6 फीसदी) वोट मिले थे, जबकि अकाली दल के टीनू को 3 लाख 9 हजार 498 (29.7 फीसदी) वोट प्राप्त हुए थे। वहीं, 2 लाख 54 हजार 121 वोट पाकर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार ज्योति मान तीसरे स्थान पर रहीं।
जालंधर के कुल मतदाता
2024- 16 लाख 47 हजार
2019- 16 लाख 19 हजार
खेती, राष्ट्रवाद और कानून-व्यवस्था प्रमुख मुद्दे
शाहकोट के किसान बलवंत सिंह का कहना है कि पंजाब का मुख्य मुद्दा किसानी है। किसान आज समस्याओं से जूझ रहा है और जो पार्टी किसानों की बात करेगी वह तो उसको ही वोट करेंगे। जालंधर सिटी एरिया के रहने वाले संजीव का कहना है उनका वोट राष्ट्रवाद देश की तरक्की के अलावा विकास को लेकर होगा। लेक्चरर डॉ. रमा अरोड़ा का कहना है कि साफ सुथरा-प्रशासन व विकास और महिला सशक्तीकरण का तरफ जो पार्टी ध्यान देगी वह उसको ही वोट करने वाली हैं।
2024- 16 लाख 47 हजार
2019- 16 लाख 19 हजार
खेती, राष्ट्रवाद और कानून-व्यवस्था प्रमुख मुद्दे
शाहकोट के किसान बलवंत सिंह का कहना है कि पंजाब का मुख्य मुद्दा किसानी है। किसान आज समस्याओं से जूझ रहा है और जो पार्टी किसानों की बात करेगी वह तो उसको ही वोट करेंगे। जालंधर सिटी एरिया के रहने वाले संजीव का कहना है उनका वोट राष्ट्रवाद देश की तरक्की के अलावा विकास को लेकर होगा। लेक्चरर डॉ. रमा अरोड़ा का कहना है कि साफ सुथरा-प्रशासन व विकास और महिला सशक्तीकरण का तरफ जो पार्टी ध्यान देगी वह उसको ही वोट करने वाली हैं।